जौहर विश्वविद्यालय कार्रवाई के विरोध में विपक्ष का प्रदर्शन, राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन
जौहर विश्वविद्यालय कार्रवाई के विरोध में चंदौली में विपक्षी दलों का प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग उठाई।

तस्वीर में मुगलसराय में जौहर विश्वविद्यालय के समर्थन में बैनर और तिरंगा झंडा लेकर प्रदर्शन करते हुए राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता और स्थानीय लोग दिखाई दे रहे हैं।
रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के खिलाफ प्रस्तावित कार्रवाई के विरोध में सोमवार को मुगलसराय में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और विभिन्न लोकतांत्रिक संगठनों ने संयुक्त रूप से शक्ति प्रदर्शन किया। चकिया तिराहे से निकाले गए विरोध मार्च में करीब डेढ़ सौ लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय को बचाने की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा।
प्रदर्शनकारी चकिया तिराहे स्थित गांधी प्रतिमा के पास एकत्र हुए। इसके बाद उन्होंने नारेबाजी करते हुए रूट मार्च निकाला और सभा आयोजित की। सभा में वक्ताओं ने कहा कि किसी शिक्षण संस्थान के खिलाफ कार्रवाई का सीधा प्रभाव वहां अध्ययनरत हजारों विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ता है।
उत्तर प्रदेश किसान न्याय मोर्चा के उपाध्यक्ष शमीम अहमद मिल्की ने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय को लेकर सरकार की कार्रवाई का शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय किसी एक समुदाय का नहीं, बल्कि सभी वर्गों के विद्यार्थियों के लिए शिक्षण संस्थान है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को इसके निर्माण या संचालन में कोई आपत्ति है तो उसका समाधान नियमानुसार किया जाना चाहिए, न कि संस्थान को बंद या ध्वस्त किया जाए।
सपा जिलाध्यक्ष सत्यनारायण राजभर ने कहा कि शिक्षण संस्थानों को राजनीतिक नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय के खिलाफ कठोर कार्रवाई हुई तो समाजवादी पार्टी सड़क से लेकर विधानसभा और संसद तक संघर्ष करेगी।
प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को सौंपे गए ज्ञापन में मांग की कि विश्वविद्यालय को बचाने के लिए हस्तक्षेप किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि कार्रवाई नहीं रोकी गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
प्रदर्शन में सकलधाकला विधायक प्रभु नारायण यादव, पूर्व विधायक प्रत्याशी चंद्रशेखर यादव, जिला महासचिव नफीस अहमद, गुड्डू सुदामा यादव, मोहम्मद आरिफ, इरशाद सिद्दीकी, अंकित यादव, सत्येंद्र, रामकेश यादव, अमरनाथ जायसवाल, मोनू मुसाफिर सिंह चौहान, वीरेंद्र प्रधान, आनंद सिंह, प्रमोद यादव, गुलशेर सिद्दीकी, बाबू अली, अरुण त्रिवेदी, आरिफ सिद्दीकी, बृजेश गुप्ता, महेंद्र माही, दिलीप पासवान, त्रिलोकी पासवान, महेंद्र पासवान, राकेश यादव, परवेज अहमद सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
जौहर विश्वविद्यालय के खिलाफ प्रस्तावित कार्रवाई को लेकर विपक्षी दलों और संगठनों का यह विरोध प्रदर्शन राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपने के साथ संपन्न हुआ, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने संस्थान पर कार्रवाई रोकने और समाधान की मांग को प्रमुखता से उठाया।

Manmohan, Chandauli (Uttar pradesh)
नाम: मनमोहन
पद: रिपोर्टर (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: चंदौली (उत्तर प्रदेश)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम (अपराध) और प्रशासन
मूलमंत्र: निष्पक्ष, बेबाक और तथ्यपरक पत्रकारिता
परिचय (About Manmohan)
मनमोहन उत्तर प्रदेश के चंदौली क्षेत्र के एक सजग, निडर और समर्पित पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मनमोहन मुख्य रूप से क्राइम (अपराध) और स्थानीय प्रशासन से जुड़े मामलों को कवर करते हैं। उनका पत्रकारिता दृष्टिकोण पूरी तरह से "निष्पक्ष, बेबाक और तथ्यपरक" खबरों पर आधारित है, जिससे वे क्षेत्र की जनता के मुद्दों और प्रशासनिक सच्चाई को बिना किसी दबाव के सामने लाते हैं।
पत्रकारिता कौशल एवं अनुभव (Skills & Experience)
मनमोहन को चंदौली जिले के जमीनी मुद्दों, भौगोलिक परिस्थितियों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली की गहरी समझ है। अपराध से जुड़ी घटनाओं की सटीक रिपोर्टिंग और प्रशासनिक कमियों व सुधारों को प्रमुखता से उठाना उनकी मुख्य विशेषता है। तथ्यों की गहराई में जाकर खबर की प्रामाणिकता जांचना उनके काम की शैली का हिस्सा है।
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
एम.जे. (M.J. - Master of Journalism): मनमोहन पत्रकारिता में परास्नातक (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की डिग्री से योग्य हैं। उनकी यह उच्च प्रोफेशनल डिग्री और पत्रकारिता की सैद्धांतिक समझ उन्हें जटिल खबरों का तार्किक विश्लेषण करने और समाज के सामने एक जिम्मेदार मीडिया रिपोर्ट प्रस्तुत करने में सक्षम बनाती है।
