कन्नौज में रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण संबंधी आदेश को निरस्त कर नियमानुसार रेगुलराइजेशन (संयोजन) के माध्यम से शिक्षण कार्य जारी रखने की मांग उठाई गई है। इस संबंध में एआईएमआईएम के कन्नौज जिलाध्यक्ष मोहम्मद इशरत खान ने शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार, उत्तर प्रदेश शासन के आवास एवं शहरी नियोजन विभाग, रामपुर विकास प्राधिकरण तथा जिलाधिकारी कन्नौज को संबोधित ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में कहा गया है कि विश्वविद्यालय लंबे समय से हजारों छात्र-छात्राओं को कम शुल्क पर उच्च शिक्षा उपलब्ध करा रहा है। ऐसे में विश्वविद्यालय के 40 में से 38 भवनों को ध्वस्त करने का आदेश विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा।

ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि यदि भवन निर्माण या मानचित्र स्वीकृति में कोई तकनीकी त्रुटि है तो उसका समाधान ध्वस्तीकरण के बजाय नियमानुसार रेगुलराइजेशन के माध्यम से किया जाए, ताकि विश्वविद्यालय में शिक्षण कार्य निर्बाध रूप से जारी रह सके।

ज्ञापन में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21ए और अनुच्छेद 30(1) का उल्लेख करते हुए शिक्षा के अधिकार तथा शिक्षण संस्थानों के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दिए जाने की बात कही गई है। साथ ही कहा गया कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से करोड़ों रुपये की सामाजिक संपत्ति का नुकसान होगा और शिक्षा व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

संगठन ने सरकार से छात्रहित को सर्वोपरि रखते हुए ध्वस्तीकरण आदेश वापस लेने तथा मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय में रेगुलराइजेशन की प्रक्रिया अपनाकर शिक्षण कार्य को निर्बाध रूप से जारी रखने की मांग की है।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story