जैथरा/एटा। जैथरा कस्बे की काशीराम कॉलोनी में शुक्रवार रात सादा वर्दी में पहुंचे पुलिसकर्मियों को लेकर उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब तीन किशोरों को कार में बैठाकर ले जाने की बात सामने आई। महिलाओं ने अपहरण की आशंका जताते हुए इसका विरोध किया। देखते ही देखते महिलाओं और पुलिसकर्मियों के बीच खींचतान शुरू हो गई। घटना में दो महिलाएं घायल हो गईं। महिलाओं ने पुलिसकर्मियों पर किशोरों के साथ मारपीट और उनके साथ अभद्रता करने के आरोप लगाए हैं।

महिलाओं के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे कुछ लोग सफेद कार से काशीराम कॉलोनी पहुंचे थे। सभी सादा वर्दी में थे और उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताया। आरोप है कि उन्होंने कॉलोनी निवासी 16 वर्षीय अनमोल पुत्र महेंद्र, 16 वर्षीय अनिल पुत्र कमल सिंह और 16 वर्षीय शिवम पुत्र राजू को अपने साथ कार में बैठाने का प्रयास किया।

तीनों किशोरों को ले जाने की कोशिश देखकर महिलाओं को अपहरण की आशंका हुई। उन्होंने बच्चों को कार में बैठाने का विरोध किया। इसी दौरान मौके पर छीना-झपटी और खींचतान शुरू हो गई।

महिलाओं का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने किशोरों के साथ मारपीट की। विरोध करने पर महिलाओं के साथ भी गाली-गलौज की गई। झड़प के दौरान गीता पत्नी महेंद्र के पैर में सरिया लगने से चोट लग गई, जबकि पूनम पुत्री रक्षपाल भी घायल हो गईं।

घायल महिलाओं ने घटना की निष्पक्ष जांच कराने और यदि पुलिसकर्मियों की ओर से कोई गलती सामने आती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

घायल पूनम ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे सफेद कार से कुछ लोग पहुंचे थे। उन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताया, लेकिन सभी सादा वर्दी में थे। इसी वजह से महिलाओं को बच्चों के अपहरण का शक हुआ और उन्होंने विरोध करना शुरू कर दिया।

पूनम का आरोप है कि पुलिसकर्मी तीनों किशोरों को अपने साथ ले गए। उन्होंने बच्चों के साथ रास्ते में मारपीट किए जाने का भी आरोप लगाया। बाद में तीनों किशोरों को थाने में बैठाए रखने के बाद छोड़ दिया गया।

मामले पर थाना अध्यक्ष जैथरा सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि कुछ पुलिसकर्मी रात में सादा वर्दी में खाना खाने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान उन्हें सड़क पर कुछ लोगों के बीच खींचतान होती दिखाई दी। थानाध्यक्ष के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझते हुए मौके पर पहुंचकर स्थिति को देखा।

इस दौरान कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया। बाद में संबंधित लड़की से पूरे मामले की जानकारी ली गई। लड़की से पूरी जानकारी मिलने के बाद हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ दिया गया।

थानाध्यक्ष ने बताया कि पुलिसकर्मी मौके पर सड़क पर चल रहे विवाद को देखकर वहां पहुंचे थे। मामले में लड़की से जानकारी लेने के बाद स्थिति स्पष्ट होने पर लोगों को छोड़ दिया गया। घटना में महिलाओं की ओर से लगाए गए आरोप और पुलिस की ओर से बताए गए घटनाक्रम के बीच विवाद को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं।

Vikas Dube, Etah and Kasganj (Uttar pradesh)

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विकास दुबे एटा और कासगंज जनपद में सक्रिय पत्रकार हैं, जो स्थानीय मुद्दों, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य, शिक्षा और अपराध से जुड़ी खबरों की गहन और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग करते हैं। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों की जमीनी हकीकत को सरल एवं प्रभावशाली भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी विशेष पहचान है। जनसरोकार से जुड़े विषयों पर सतत सक्रिय रहते हुए वे क्षेत्र की महत्वपूर्ण घटनाओं को प्रमुखता से सामने लाने का कार्य कर रहे हैं।

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      • वर्तमान में दैनिक भास्कर ऐप डिजिटल, पब्लिक ऐप और एबीसी चैनल में रिपोर्टर हूं और टाइम्स ऑफ इंडिया के लिए इनपुट भेजता हूं।



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