इंस्टाग्राम वाले 'इश्क' के लिए पति की कार में रखवाया गोमांस, लखनऊ में पत्नी ने रची साजिश से 'गौकशी' के झूठे जाल में फंसा वासिफ
लखनऊ में रिश्तों के कत्ल और साजिश की हैरान करने वाली दास्तां। पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर पति को 'गौकशी' के झूठे केस में फंसाने के लिए कार में रखवाया बीफ। हजरतगंज पार्किंग की घटना में डिजिटल सबूतों और CCTV ने खोला राज। अमीनाबाद के व्यापारी के खिलाफ रची गई इस खौफनाक साजिश का पूरा सच पढ़ें।

लखनऊ: नवाबों के शहर लखनऊ में रिश्तों को शर्मसार करने और कानून का दुरुपयोग करने का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस प्रशासन और समाज दोनों को स्तब्ध कर दिया है। अमीनाबाद के एक प्रतिष्ठित कागज व्यापारी को बर्बाद करने और जेल भिजवाने के लिए उसकी ही पत्नी ने अपने इंस्टाग्राम प्रेमी के साथ मिलकर 'गौकशी' (गौवध) की झूठी साजिश रची। यह मामला केवल पति-पत्नी के विवाद का नहीं, बल्कि एक निर्दोष को गंभीर अपराध में फंसाने के लिए रचे गए आपराधिक षड्यंत्र का है, जिसका पर्दाफाश घर में लगे सीसीटीवी कैमरों और डिजिटल सर्विलांस ने किया।
इंस्टाग्राम का इश्क और साजिश की पटकथा
इस पूरी घटना के केंद्र में पेपर मिल मालिक वासिफ और उनकी पत्नी अमीना हैं। पुलिस जांच के अनुसार, एएमयू (AMU) से ग्रेजुएट अमीना की मुलाकात साल 2022 में इंस्टाग्राम के जरिए अमन से हुई थी। सोशल मीडिया की दोस्ती जल्द ही अवैध संबंधों में बदल गई। अमीना अपने पति वासिफ से तलाक लेकर अमन के साथ रहना चाहती थी, लेकिन जब आसानी से बात नहीं बनी, तो दोनों ने मिलकर वासिफ को रास्ते से हटाने के लिए एक खौफनाक योजना बनाई।
कार में 'बीफ' और सोशल मीडिया का दुरुपयोग
साजिशकर्ताओं ने वासिफ को समाज और कानून की नजरों में देशद्रोही और अपराधी साबित करने का प्रयास किया।
- पहला प्रयास (सितंबर 2025): आरोपियों ने वासिफ की कार में प्रतिबंधित मांस रखवाया और फर्जी पहचान से बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को सूचना दी। मकसद था कि वासिफ को लंबी जेल हो जाए।
- दूसरा प्रयास (15 जनवरी 2026): जब पहली कोशिश में वासिफ को अपेक्षित सजा नहीं मिली, तो अमन ने हजरतगंज पार्किंग में खड़ी वासिफ की कार में दोबारा मांस रख दिया। इसके बाद सोशल मीडिया ग्रुप्स पर यह अफवाह फैला दी गई कि उक्त गाड़ी में मीट सप्लाई किया जा रहा है। पुलिस ने सूचना मिलते ही गाड़ी की तलाशी ली और मीट बरामद किया।
घर का भेदी और सीसीटीवी
शुरुआत में मामला सीधा लग रहा था, लेकिन 15 जनवरी की घटना के बाद पुलिस की जांच की दिशा तब बदल गई जब डीसीपी ने मामले की गहनता से पड़ताल शुरू की।
- ड्राइवर से पूछताछ: पुलिस ने कार के ड्राइवर को हिरासत में लिया। उसका फोन चेक करने पर उसमें वासिफ (मालिक/पति) का नंबर मिला।
- पति का खुलासा: पूछताछ के दौरान वासिफ ने पुलिस को बताया कि उसे अपनी पत्नी के चरित्र पर शक था, इसलिए उसने अपने घर में गुप्त रूप से सीसीटीवी कैमरे लगवा रखे थे।
- फुटेज ने खोली पोल: जब पुलिस ने वासिफ के घर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो एक चौंकाने वाला दृश्य सामने आया। वासिफ के बाथरूम जाने के दौरान अमीना उसका फोन इस्तेमाल करते हुए और गोपनीय जानकारी अपने प्रेमी अमन को भेजते हुए पकड़ी गई। लोकेशन और कॉल डिटेल्स (CDR) ने पुष्टि कर दी कि साजिश घर के अंदर से रची जा रही थी।
डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 19 जनवरी 2026 को प्रेमी अमन को गिरफ्तार कर लिया, जिसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। हालांकि, मुख्य आरोपी पत्नी अमीना फरार हो गई।
हाई कोर्ट ड्रामा (20 जनवरी): पुलिस को सूचना मिली कि अमीना अग्रिम जमानत या कानूनी मदद के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में किसी वकील के पास जाने वाली है। उसे पकड़ने के लिए एक सब-इंस्पेक्टर और दो कांस्टेबल तैनात किए गए। डीसीपी के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने भारी लापरवाही बरती और कोर्ट परिसर के नियमों का उल्लंघन करते हुए वकील के चैंबर में घुसकर महिला को पकड़ने की कोशिश की। इस 'दुस्साहस' और प्रक्रियात्मक त्रुटि के चलते तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
