चंदौली में हेड कांस्टेबल मुकेश यादव की मौत, एक माह से फेफड़ों के संक्रमण से थे बीमार
चंदौली के हेड कांस्टेबल मुकेश यादव की वाराणसी के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। फेफड़ों के संक्रमण से करीब एक माह से बीमार मुकेश यादव वर्ष 2005 बैच में पुलिस विभाग में भर्ती हुए थे। उनके पीछे पत्नी और तीन बच्चे हैं।

तस्वीर में फेफड़ों के संक्रमण के इलाज के दौरान वाराणसी के निजी अस्पताल में दम तोड़ने वाले हेड कांस्टेबल मुकेश यादव दिखाई दे रहे हैं।
चंदौली में फेफड़ों के संक्रमण से करीब एक माह से जूझ रहे हेड कांस्टेबल मुकेश यादव की वाराणसी के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। बीती देर रात उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार और पुलिस विभाग में शोक छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मुकेश यादव वर्ष 2005 बैच में आरक्षी पद पर पुलिस विभाग में भर्ती हुए थे। अपने सेवाकाल के दौरान उनकी तैनाती लंबे समय तक जीआरपी और मुगलसराय के कूड़ा बाजार क्षेत्र में रही। कुछ दिन पहले उनका तबादला वाराणसी कर दिया गया था। वर्तमान में वह मुगलसराय स्थित पुलिस कॉलोनी में रह रहे थे।
मुकेश यादव मूल रूप से आजमगढ़ जिले के तहबरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम फटिया के निवासी थे। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा हैं। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार ने अपने प्रिय सदस्य को खो दिया है, वहीं पुलिस विभाग में भी उनके निधन से शोक का माहौल है।

Manmohan, Chandauli (Uttar pradesh)
नाम: मनमोहन
पद: रिपोर्टर (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: चंदौली (उत्तर प्रदेश)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम (अपराध) और प्रशासन
मूलमंत्र: निष्पक्ष, बेबाक और तथ्यपरक पत्रकारिता
परिचय (About Manmohan)
मनमोहन उत्तर प्रदेश के चंदौली क्षेत्र के एक सजग, निडर और समर्पित पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मनमोहन मुख्य रूप से क्राइम (अपराध) और स्थानीय प्रशासन से जुड़े मामलों को कवर करते हैं। उनका पत्रकारिता दृष्टिकोण पूरी तरह से "निष्पक्ष, बेबाक और तथ्यपरक" खबरों पर आधारित है, जिससे वे क्षेत्र की जनता के मुद्दों और प्रशासनिक सच्चाई को बिना किसी दबाव के सामने लाते हैं।
पत्रकारिता कौशल एवं अनुभव (Skills & Experience)
मनमोहन को चंदौली जिले के जमीनी मुद्दों, भौगोलिक परिस्थितियों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली की गहरी समझ है। अपराध से जुड़ी घटनाओं की सटीक रिपोर्टिंग और प्रशासनिक कमियों व सुधारों को प्रमुखता से उठाना उनकी मुख्य विशेषता है। तथ्यों की गहराई में जाकर खबर की प्रामाणिकता जांचना उनके काम की शैली का हिस्सा है।
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
एम.जे. (M.J. - Master of Journalism): मनमोहन पत्रकारिता में परास्नातक (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की डिग्री से योग्य हैं। उनकी यह उच्च प्रोफेशनल डिग्री और पत्रकारिता की सैद्धांतिक समझ उन्हें जटिल खबरों का तार्किक विश्लेषण करने और समाज के सामने एक जिम्मेदार मीडिया रिपोर्ट प्रस्तुत करने में सक्षम बनाती है।
