हापुड़ में सब्सिडी वाले यूरिया की कालाबाजारी, 190 कट्टे बरामद
ग्राइंडिंग मशीन से पीसकर पोल्ट्री फीड फैक्ट्रियों में सप्लाई की तैयारी थी, कृषि विभाग ने तीन मजदूरों को हिरासत में लेकर जांच शुरू की।

गोदाम में रखे पीले बोरों के सामने अधिकारी जांच करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
हापुड़ जिले में किसानों के हक के अनुदानित यूरिया की कालाबाजारी और अवैध इस्तेमाल का मामला सामने आया है। जिला कृषि अधिकारी गौरव प्रकाश की अगुवाई में कृषि विभाग की टीम ने गुरुवार को हाफिजपुर क्षेत्र के इमटोरी गांव के पास एक ठिकाने पर छापेमारी कर 190 कट्टे सब्सिडी वाला यूरिया बरामद किया। मौके पर यूरिया को ग्राइंडिंग मशीन के जरिए पीसकर फैक्ट्रियों में अवैध रूप से सप्लाई करने की तैयारी की जा रही थी।
अधिकारियों के मुताबिक, अवैध रूप से रखा गया अनुदानित यूरिया ग्राइंडिंग मशीन के जरिए पीसा जा रहा था। इसके बाद पिसे हुए यूरिया को पोल्ट्री फीड यानी मुर्गियों का दाना बनाने वाली फैक्ट्रियों में सप्लाई किया जाना था। इस तरह किसानों के लिए सब्सिडी पर उपलब्ध कराए जाने वाले यूरिया का औद्योगिक इकाइयों में अवैध इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है।
जांच के दौरान मौके से गुजरात नर्मदा फर्टिलाइजर्स कारपोरेशन (GNFC) का अनुदानित यूरिया बरामद हुआ। अधिकारियों के अनुसार, पिछले तीन महीनों से हापुड़ जनपद में इस कंपनी के यूरिया की कोई आधिकारिक सप्लाई नहीं हुई है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि अवैध धंधे के लिए यह यूरिया आसपास के अन्य जिलों से तस्करी करके हापुड़ लाया गया था।
कृषि विभाग की टीम जब मौके पर पहुंची, तब वहाँ ग्राइंडिंग मशीन के साथ तीन मजदूर काम करते मिले। टीम ने तीनों को हिरासत में ले लिया। जिला कृषि अधिकारी गौरव प्रकाश ने बताया कि बरामद यूरिया के पैच नंबर और कंपनी की डिटेल्स के जरिए पूरे रैकेट की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
विभाग इस मामले में संलिप्त मुख्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि इस अवैध काले कारोबार के पीछे मुख्य मास्टरमाइंड कौन है और पिसे हुए यूरिया की किन-किन फैक्ट्रियों में सप्लाई की जा रही थी। छापेमारी में 190 कट्टे यूरिया की बरामदगी के बाद अब जांच का फोकस इसकी सप्लाई चेन और पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों पर है।

Sunil Giri
नाम: सुनील गिरि
वर्तमान पद: जिला संवाददाता
कार्यक्षेत्र: हापुड़ (उत्तर प्रदेश)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति एवं जिला स्तर की सभी बीट
विशेषज्ञता: राजनीतिक विश्लेषण, अपराध संबंधी कवरेज और जिला स्तरीय रिपोर्टिंग
परिचय
सुनील गिरि उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह हापुड़ से जिला संवाददाता के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सुनील गिरि मुख्य रूप से राजनीति और क्राइम (अपराध) से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। राजनीतिक विषयों पर सटीक विश्लेषण करने के साथ-साथ वह जिले की हर छोटी-बड़ी गतिविधि और जनसरोकार के सभी मुद्दों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
सुनील गिरि को टीवी, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में 2002 से (20 से अधिक वर्षों का) लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह निम्नलिखित प्रमुख मीडिया संस्थानों व न्यूज़ चैनलों के साथ जुड़कर अपनी सेवाएं दे रहे हैं:
- पंजाब केसरी टीवी
- इंडिया डेली 24×7 न्यूज़ चैनल
- MH1 न्यूज़ चैनल
- रॉयल न्यूज़ (वेबसाइट)
- इंडिया पब्लिक खबर (वेबसाइट)
शैक्षणिक योग्यता
उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं (12th Pass) तक पूरी की है। दो दशकों से अधिक समय से हापुड़ जिले में लगातार सक्रिय रहने के कारण क्षेत्र की सामाजिक, प्रशासनिक और राजनीतिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव बहुत गहरा है।
