हापुड़ में सपा का पैदल मार्च पुलिस ने रोका, कार्यालय पर कार्यकर्ताओं की नारेबाजी
अखिलेश यादव के 'लोकतंत्र बचाओ-वोट बचाओ' अभियान के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन और प्रदर्शन प्रस्तावित था।

तस्वीर में पुलिस बल हापुड़ में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं को झंडे के साथ रोकते हुए।
हापुड़ में समाजवादी पार्टी के प्रस्तावित पैदल मार्च को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट रहा। अखिलेश यादव के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘लोकतंत्र बचाओ-वोट बचाओ’ अभियान के तहत सुबह 11 बजे सपा जिला कार्यालय से अंबेडकर मूर्ति तक विशाल पैदल मार्च प्रस्तावित था। मार्च जिलाध्यक्ष आनंद गुर्जर के नेतृत्व में निकाला जाना था, जिसमें CEC ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन भी किया जाना था।
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सपा कार्यकर्ताओं को उनके जिला कार्यालय पर ही रोक दिया। पुलिस की कार्रवाई के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने जिला कार्यालय पर जमकर नारेबाजी की।
पुलिस प्रशासन प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है। प्रस्तावित पैदल मार्च और प्रदर्शन को लेकर पुलिस की सतर्कता के बीच सपा कार्यकर्ताओं की गतिविधियां जिला कार्यालय तक सीमित रहीं।

Sunil Giri
नाम: सुनील गिरि
वर्तमान पद: जिला संवाददाता
कार्यक्षेत्र: हापुड़ (उत्तर प्रदेश)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति एवं जिला स्तर की सभी बीट
विशेषज्ञता: राजनीतिक विश्लेषण, अपराध संबंधी कवरेज और जिला स्तरीय रिपोर्टिंग
परिचय
सुनील गिरि उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह हापुड़ से जिला संवाददाता के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सुनील गिरि मुख्य रूप से राजनीति और क्राइम (अपराध) से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। राजनीतिक विषयों पर सटीक विश्लेषण करने के साथ-साथ वह जिले की हर छोटी-बड़ी गतिविधि और जनसरोकार के सभी मुद्दों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
सुनील गिरि को टीवी, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में 2002 से (20 से अधिक वर्षों का) लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह निम्नलिखित प्रमुख मीडिया संस्थानों व न्यूज़ चैनलों के साथ जुड़कर अपनी सेवाएं दे रहे हैं:
- पंजाब केसरी टीवी
- इंडिया डेली 24×7 न्यूज़ चैनल
- MH1 न्यूज़ चैनल
- रॉयल न्यूज़ (वेबसाइट)
- इंडिया पब्लिक खबर (वेबसाइट)
शैक्षणिक योग्यता
उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं (12th Pass) तक पूरी की है। दो दशकों से अधिक समय से हापुड़ जिले में लगातार सक्रिय रहने के कारण क्षेत्र की सामाजिक, प्रशासनिक और राजनीतिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव बहुत गहरा है।
