हापुड़ में सुबह 5:30 बजे क्यों होता है रावण दहन? जानिए वजह
हापुड़ के रामलीला मैदान में शाम की बजाय दशहरे के अगले दिन सुबह पुतला दहन की परंपरा अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही है।

हापुड़ के रामलीला मैदान में विजयदशमी उत्सव के लिए तैयार रावण के विशाल पुतले।
हापुड़ (उत्तर प्रदेश)। हापुड़ के रामलीला मैदान में विजयदशमी के अवसर पर होने वाले रावण दहन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। मैदान में रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के विशाल पुतले तैयार किए गए हैं। इस बार रावण का 65 फीट, मेघनाद का 60 फीट और कुंभकर्ण का 55 फीट ऊंचा पुतला दहन के लिए तैयार है। हापुड़ में दशहरे की सबसे खास परंपरा यह है कि यहां रावण दहन शाम को नहीं, बल्कि दशहरे के अगले दिन सुबह 5:30 बजे किया जाता है। इस आयोजन को देखने के लिए लाखों लोगों की भीड़ जुटने का अनुमान है।
रामलीला कमेटी के प्रधान सुयश वशिष्ठ ने बताया कि हापुड़ का दशहरा देशभर में अपनी अलग पहचान रखता है। यहां मेले के दौरान पूरी रात राम-रावण युद्ध लीला का मंचन होता है। अन्य स्थानों पर जहां रावण दहन शाम को किया जाता है, वहीं हापुड़ में आजादी से पहले से चली आ रही परंपरा के अनुसार सुबह 5:30 बजे रावण दहन किया जाता है।
इस परंपरा के पीछे दूरदराज के गांवों से आने वाले ग्रामीणों की सुविधा को प्रमुख कारण बताया जाता है। दशहरे के अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण हापुड़ की रामलीला देखने पहुंचते हैं। पहले के समय में शहर से गांवों तक जाने के लिए न तो पर्याप्त रास्ते थे और न ही रात में आवागमन की ऐसी व्यवस्था थी, जिससे ग्रामीण आसानी से अपने गांव लौट सकें। ऐसे में रात के बजाय अगले दिन सुबह पुतलों का दहन करने की परंपरा शुरू हुई, ताकि मेला संपन्न होने के बाद लोग सुरक्षित अपने-अपने गांव पहुंच सकें।
बताया गया कि दशहरे के अगले दिन सुबह रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुत्रों के पुतलों का भी दहन किया जाता है। वर्षों से चली आ रही यह परंपरा हापुड़ के दशहरा आयोजन को विशिष्ट बनाती है। पूरी रात चलने वाली युद्ध लीला और सुबह होने वाला पुतला दहन इस आयोजन के प्रमुख आकर्षण हैं।
आयोजन को लेकर रामलीला मैदान में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस संबंध में रामलीला कमेटी के उप प्रधान सुयश वशिष्ठ और हापुड़ फायर ब्रिगेड के एसआई बिजेंद्र सिंह के बयान भी निर्धारित हैं। दशहरे पर होने वाले इस आयोजन में बड़ी संख्या में दर्शकों और श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है।

Sunil Giri
नाम: सुनील गिरि
वर्तमान पद: जिला संवाददाता
कार्यक्षेत्र: हापुड़ (उत्तर प्रदेश)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति एवं जिला स्तर की सभी बीट
विशेषज्ञता: राजनीतिक विश्लेषण, अपराध संबंधी कवरेज और जिला स्तरीय रिपोर्टिंग
परिचय
सुनील गिरि उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह हापुड़ से जिला संवाददाता के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सुनील गिरि मुख्य रूप से राजनीति और क्राइम (अपराध) से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। राजनीतिक विषयों पर सटीक विश्लेषण करने के साथ-साथ वह जिले की हर छोटी-बड़ी गतिविधि और जनसरोकार के सभी मुद्दों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
सुनील गिरि को टीवी, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में 2002 से (20 से अधिक वर्षों का) लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह निम्नलिखित प्रमुख मीडिया संस्थानों व न्यूज़ चैनलों के साथ जुड़कर अपनी सेवाएं दे रहे हैं:
- पंजाब केसरी टीवी
- इंडिया डेली 24×7 न्यूज़ चैनल
- MH1 न्यूज़ चैनल
- रॉयल न्यूज़ (वेबसाइट)
- इंडिया पब्लिक खबर (वेबसाइट)
शैक्षणिक योग्यता
उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं (12th Pass) तक पूरी की है। दो दशकों से अधिक समय से हापुड़ जिले में लगातार सक्रिय रहने के कारण क्षेत्र की सामाजिक, प्रशासनिक और राजनीतिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव बहुत गहरा है।
