हापुड़ (उत्तर प्रदेश) में देहात थाना पुलिस ने देर रात चेकिंग के दौरान प्रतिबंधित पुरानी करेंसी की तस्करी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वर्ष 2016 की नोटबंदी में बंद हो चुके 1000 और 500 रुपये के नोटों की कुल 1 करोड़ 44 लाख रुपये की रकम बरामद की है। मौके से एक काला बैग और घटना में इस्तेमाल की गई अपाचे मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, हापुड़ देहात थाने के उप-निरीक्षक रामू कुमार, उप-निरीक्षक हेमंत अत्री, उप-निरीक्षक मनीष कुमार श्यौरान और उप-निरीक्षक कुलदीप चौधरी पुलिस टीम के साथ NH-9 सर्विस रोड स्थित मेरठ बाईपास गोल चक्कर पर गश्त और संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि गाजियाबाद की तरफ से एक व्यक्ति अपाचे मोटरसाइकिल पर काले रंग के बैग में भारी मात्रा में प्रतिबंधित पुरानी करेंसी लेकर आ रहा है और मेरठ की ओर जाएगा।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर घेराबंदी कर दी। रात लगभग 10:28 बजे गाजियाबाद की तरफ से एक मोटरसाइकिल सवार आता दिखाई दिया। पुलिस ने टॉर्च की रोशनी दिखाकर उसे रोकने का प्रयास किया तो आरोपी ने घबराकर अचानक ब्रेक लगा दिए। इसके बाद वह बाइक को पीछे मोड़कर भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन सतर्क पुलिस टीम ने उसे चारों तरफ से घेरकर मौके पर ही पकड़ लिया।

पुलिस ने पकड़े गए आरोपी के पास मौजूद काले रंग के बैग की तलाशी ली। बैग के अंदर वर्ष 2016 की नोटबंदी में बंद हो चुके 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट भारी मात्रा में मिले। नोटों की गिनती करने पर कुल रकम 1 करोड़ 44 लाख रुपये पाई गई। पुलिस ने प्रतिबंधित करेंसी के साथ तस्करी में इस्तेमाल की गई अपाचे मोटरसाइकिल को भी सीज कर दिया।

नोटबंदी के इतने वर्षों बाद इतनी बड़ी मात्रा में बंद हो चुके पुराने नोटों की बरामदगी के बाद पुलिस के सामने कई सवाल खड़े हो गए हैं। हापुड़ पुलिस अब मामले की गहराई से जांच कर रही है। जांच का प्रमुख बिंदु यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में पुरानी करेंसी कहां से लाई जा रही थी, इतनी बड़ी रकम को कहां और किस माध्यम से खपाया जाना था और इस तस्करी के पीछे कौन-सा बड़ा सिंडिकेट या नेटवर्क काम कर रहा है।

1 करोड़ 44 लाख रुपये की प्रतिबंधित पुरानी करेंसी की बरामदगी के बाद पुलिस की जांच अब इसके स्रोत और इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क तक पहुंचने पर केंद्रित है।

Sunil Giri

Sunil Giri

नाम: सुनील गिरि

वर्तमान पद: जिला संवाददाता

कार्यक्षेत्र: हापुड़ (उत्तर प्रदेश)

बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति एवं जिला स्तर की सभी बीट

विशेषज्ञता: राजनीतिक विश्लेषण, अपराध संबंधी कवरेज और जिला स्तरीय रिपोर्टिंग

परिचय 

सुनील गिरि उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह हापुड़ से जिला संवाददाता के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सुनील गिरि मुख्य रूप से राजनीति और क्राइम (अपराध) से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। राजनीतिक विषयों पर सटीक विश्लेषण करने के साथ-साथ वह जिले की हर छोटी-बड़ी गतिविधि और जनसरोकार के सभी मुद्दों को नियमित रूप से कवर करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव

सुनील गिरि को टीवी, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में 2002 से (20 से अधिक वर्षों का) लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह निम्नलिखित प्रमुख मीडिया संस्थानों व न्यूज़ चैनलों के साथ जुड़कर अपनी सेवाएं दे रहे हैं:

  • पंजाब केसरी टीवी
  • इंडिया डेली 24×7 न्यूज़ चैनल
  • MH1 न्यूज़ चैनल
  • रॉयल न्यूज़ (वेबसाइट)
  • इंडिया पब्लिक खबर (वेबसाइट)

शैक्षणिक योग्यता

उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं (12th Pass) तक पूरी की है। दो दशकों से अधिक समय से हापुड़ जिले में लगातार सक्रिय रहने के कारण क्षेत्र की सामाजिक, प्रशासनिक और राजनीतिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव बहुत गहरा है।

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