हापुड़ में बंदरों के आतंक पर प्रशासन सख्त, DM कविता मीना ने नसबंदी और रेस्क्यू अभियान के दिए निर्देश
हापुड़ में बंदरों की बढ़ती आबादी और फसलों को नुकसान पहुंचाने की समस्या पर DM कविता मीना ने सख्त निर्देश दिए हैं। जानिए प्रशासन की नसबंदी, रेस्क्यू और जन जागरूकता अभियान की पूरी योजना।

हापुड़ कलेक्ट्रेट सभागार में बंदरों की समस्या को लेकर जिलाधिकारी कविता मीना की अध्यक्षता में आयोजित बैठक।
हापुड़ में बंदरों की बढ़ती आबादी और उनके कारण आमजन तथा किसानों को हो रही परेशानियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बंदरों के आतंक से फसलों को हो रहे नुकसान और मानव-वानर संघर्ष की समस्या के समाधान के लिए जिलाधिकारी कविता मीना ने नसबंदी, रेस्क्यू और जन जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
इस संबंध में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी कविता मीना की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में वन विभाग सहित विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने जनपद के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बंदरों की बढ़ती समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए इसके स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि बंदरों द्वारा किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इसके साथ ही आमजन को भी बंदरों के कारण लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को बंदरों की बढ़ती आबादी पर नियंत्रण करने के लिए ठोस और प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी कविता मीना ने वन विभाग को आबादी वाले क्षेत्रों से बंदरों को सुरक्षित पकड़कर दूर जंगलों में छोड़ने के निर्देश दिए। इसके साथ ही बंदरों की आबादी को नियंत्रित करने के लिए नसबंदी अभियान चलाने पर भी जोर दिया। उन्होंने मानव-वानर संघर्ष को कम करने के लिए बड़े स्तर पर जन जागरूकता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए, ताकि लोगों को इस समस्या से राहत मिल सके।
जिलाधिकारी ने नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारियों (EO) को भी अपने-अपने क्षेत्रों में बंदरों को पकड़ने की मुहिम शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस अभियान के दौरान स्थानीय निकाय वन विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करें, ताकि पकड़े गए बंदरों को आबादी वाले क्षेत्रों से काफी दूर छोड़ा जा सके।
बैठक में हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण (HPDA) के सचिव, प्रभागीय वन अधिकारी (DFO), खंड विकास अधिकारी (BDO), नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (EO) सहित संबंधित विभागों के तमाम आला अधिकारी उपस्थित रहे।
जिला प्रशासन की इस पहल के तहत बंदरों की आबादी पर नियंत्रण, सुरक्षित रेस्क्यू और जन जागरूकता के माध्यम से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों तथा आमजन को हो रही परेशानियों का समाधान करने पर जोर दिया गया है।

Sunil Giri
नाम: सुनील गिरि
वर्तमान पद: जिला संवाददाता
कार्यक्षेत्र: हापुड़ (उत्तर प्रदेश)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति एवं जिला स्तर की सभी बीट
विशेषज्ञता: राजनीतिक विश्लेषण, अपराध संबंधी कवरेज और जिला स्तरीय रिपोर्टिंग
परिचय
सुनील गिरि उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह हापुड़ से जिला संवाददाता के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सुनील गिरि मुख्य रूप से राजनीति और क्राइम (अपराध) से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। राजनीतिक विषयों पर सटीक विश्लेषण करने के साथ-साथ वह जिले की हर छोटी-बड़ी गतिविधि और जनसरोकार के सभी मुद्दों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
सुनील गिरि को टीवी, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में 2002 से (20 से अधिक वर्षों का) लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह निम्नलिखित प्रमुख मीडिया संस्थानों व न्यूज़ चैनलों के साथ जुड़कर अपनी सेवाएं दे रहे हैं:
- पंजाब केसरी टीवी
- इंडिया डेली 24×7 न्यूज़ चैनल
- MH1 न्यूज़ चैनल
- रॉयल न्यूज़ (वेबसाइट)
- इंडिया पब्लिक खबर (वेबसाइट)
शैक्षणिक योग्यता
उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं (12th Pass) तक पूरी की है। दो दशकों से अधिक समय से हापुड़ जिले में लगातार सक्रिय रहने के कारण क्षेत्र की सामाजिक, प्रशासनिक और राजनीतिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव बहुत गहरा है।
