हापुड़ जिले के गढ़ कोतवाली क्षेत्र के लोदीपुर शोभन गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक संदिग्ध परिस्थितियों में मोबाइल टावर के सबसे ऊपरी हिस्से पर जा चढ़ा। युवक को टावर पर चढ़ा देखकर आसपास के ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर सैकड़ों लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।

घटना की जानकारी मिलते ही गढ़ कोतवाली पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस प्रशासन सावधानी के साथ युवक को समझा-बुझाकर सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिश में जुटा है। टावर के नीचे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

युवक मोबाइल टावर के सबसे ऊपरी हिस्से तक क्यों चढ़ा और उसके इस कदम के पीछे क्या वजह है, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। स्थानीय लोगों के बीच घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं बनी हुई हैं।

पुलिस के अनुसार, फिलहाल उसकी पहली प्राथमिकता युवक को सुरक्षित नीचे उतारना है। इसके बाद युवक से पूछताछ में टावर पर चढ़ने की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल पुलिस की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई है और मौके पर भारी भीड़ के बीच स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

Sunil Giri

Sunil Giri

नाम: सुनील गिरि

वर्तमान पद: जिला संवाददाता

कार्यक्षेत्र: हापुड़ (उत्तर प्रदेश)

बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति एवं जिला स्तर की सभी बीट

विशेषज्ञता: राजनीतिक विश्लेषण, अपराध संबंधी कवरेज और जिला स्तरीय रिपोर्टिंग

परिचय 

सुनील गिरि उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह हापुड़ से जिला संवाददाता के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सुनील गिरि मुख्य रूप से राजनीति और क्राइम (अपराध) से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। राजनीतिक विषयों पर सटीक विश्लेषण करने के साथ-साथ वह जिले की हर छोटी-बड़ी गतिविधि और जनसरोकार के सभी मुद्दों को नियमित रूप से कवर करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव

सुनील गिरि को टीवी, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में 2002 से (20 से अधिक वर्षों का) लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह निम्नलिखित प्रमुख मीडिया संस्थानों व न्यूज़ चैनलों के साथ जुड़कर अपनी सेवाएं दे रहे हैं:

  • पंजाब केसरी टीवी
  • इंडिया डेली 24×7 न्यूज़ चैनल
  • MH1 न्यूज़ चैनल
  • रॉयल न्यूज़ (वेबसाइट)
  • इंडिया पब्लिक खबर (वेबसाइट)

शैक्षणिक योग्यता

उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं (12th Pass) तक पूरी की है। दो दशकों से अधिक समय से हापुड़ जिले में लगातार सक्रिय रहने के कारण क्षेत्र की सामाजिक, प्रशासनिक और राजनीतिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव बहुत गहरा है।

Next Story