हापुड़ में खाद विक्रेताओं पर प्रशासन का शिकंजा, 28 ठिकानों पर छापे, 15 सैंपल जांच को भेजे
हापुड़ में रबी सीजन के दौरान खाद की कालाबाजारी, ओवररेटिंग और मिलावट रोकने के लिए प्रशासन ने 28 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। 15 उर्वरक नमूने जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजे गए और दो विक्रेताओं को नोटिस जारी किए गए।

हापुड़ में उर्वरक दुकान पर निरीक्षण के दौरान मौजूद अधिकारी और विक्रेता।
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में रबी सीजन के दौरान किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने खाद विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। शासन के निर्देशों पर उर्वरकों की कालाबाजारी, निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री और मिलावटखोरी रोकने के लिए जिले में बड़े स्तर पर छापेमारी की गई। इस अभियान के तहत राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीमों ने 28 उर्वरक बिक्री एवं भंडारण प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान 15 उर्वरकों के नमूने लिए गए, जबकि अनियमितताएं मिलने पर दो विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।
जिलाधिकारी हापुड़ के आदेशानुसार जिले की सभी तहसीलों में राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीमें गठित की गई थीं। इन टीमों ने पूरे जनपद में उर्वरक बिक्री और भंडारण केंद्रों पर छापेमारी की। अभियान में विशेष रूप से डीएपी (DAP) और एनपीके (NPK) उर्वरक बेचने वाली दुकानों की जांच की गई। अचानक हुई इस कार्रवाई से खाद विक्रेताओं में हलचल मच गई।
जिला कृषि अधिकारी (DAO) हापुड़ ने बताया कि छापेमारी के दौरान उर्वरकों की गुणवत्ता और जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कुल 15 नमूने लिए गए हैं। इन सभी नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला में जांच के बाद उर्वरकों की गुणवत्ता और शुद्धता की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
निरीक्षण के दौरान नियमों की अनदेखी और अनियमितताएं पाए जाने पर दो उर्वरक विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं। प्रशासन की ओर से की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य उर्वरकों की बिक्री में निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करना और किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराना है।
जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि रबी सीजन में किसानों को उर्वरकों की किल्लत नहीं होने दी जाएगी। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि कोई विक्रेता निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद बेचता है, कालाबाजारी करता है या नकली उर्वरकों की आपूर्ति करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के अनुसार, ऐसे मामलों में उर्वरक नियंत्रण आदेश और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, 28 प्रतिष्ठानों पर की गई छापेमारी, जांच के लिए भेजे गए 15 नमूनों और दो विक्रेताओं को जारी नोटिस के जरिए जिले में उर्वरक कारोबार की निगरानी तेज की गई है।

Sunil Giri
नाम: सुनील गिरि
वर्तमान पद: जिला संवाददाता
कार्यक्षेत्र: हापुड़ (उत्तर प्रदेश)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति एवं जिला स्तर की सभी बीट
विशेषज्ञता: राजनीतिक विश्लेषण, अपराध संबंधी कवरेज और जिला स्तरीय रिपोर्टिंग
परिचय
सुनील गिरि उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह हापुड़ से जिला संवाददाता के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सुनील गिरि मुख्य रूप से राजनीति और क्राइम (अपराध) से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। राजनीतिक विषयों पर सटीक विश्लेषण करने के साथ-साथ वह जिले की हर छोटी-बड़ी गतिविधि और जनसरोकार के सभी मुद्दों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
सुनील गिरि को टीवी, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में 2002 से (20 से अधिक वर्षों का) लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह निम्नलिखित प्रमुख मीडिया संस्थानों व न्यूज़ चैनलों के साथ जुड़कर अपनी सेवाएं दे रहे हैं:
- पंजाब केसरी टीवी
- इंडिया डेली 24×7 न्यूज़ चैनल
- MH1 न्यूज़ चैनल
- रॉयल न्यूज़ (वेबसाइट)
- इंडिया पब्लिक खबर (वेबसाइट)
शैक्षणिक योग्यता
उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं (12th Pass) तक पूरी की है। दो दशकों से अधिक समय से हापुड़ जिले में लगातार सक्रिय रहने के कारण क्षेत्र की सामाजिक, प्रशासनिक और राजनीतिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव बहुत गहरा है।
