हापुड़ में कांग्रेस ने मनाई महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती
नगर पालिका में गांधी प्रतिमा और रेलवे रोड पर शास्त्री जी की मूर्ति पर माल्यार्पण कर स्वतंत्रता सेनानी मसूरिया दीन पासी को भी याद किया गया।

हापुड़ में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने एकत्र होकर श्रद्धांजलि देते कांग्रेस कार्यकर्ता।
हापुड़ (उत्तर प्रदेश)। आज जिला व शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी गणों और कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका परिषद स्थित गांधी प्रतिमा पर एकत्रित होकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती मनाई। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी और शहर अध्यक्ष इरफान अहमद ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी ने कहा कि कांग्रेस महात्मा गांधी जी के आदर्शों, सिद्धांतों और नीतियों पर चलने वाली पार्टी है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी जी के संघर्षों को कभी भी नहीं भुलाया जा सकता। उन्होंने गुलाम भारत को अंग्रेजों के चंगुल से मुक्त कराने के लिए अनेकों आंदोलन किए और उन्हीं के आंदोलन से आज भारत गुलामी की बेड़ियों से मुक्त होकर अपना जीवन यापन कर रहा है।
महात्मा गांधी जी की जयंती मनाने के बाद कांग्रेसजन रेलवे रोड स्थित लाल बहादुर शास्त्री जी की प्रतिमा पर एकत्रित हुए। यहां पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर मनाई गई।
पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री जी की जीवन शैली को याद करते हुए शहर अध्यक्ष इरफान अहमद ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी अपनी सादगी के लिए देश भर में जाने जाते थे। धोती-कुर्ता, छोटा कद, लेकिन उनके इरादे बहुत मजबूत थे। 1965 में जब भारत में खाने की कमी थी और पाकिस्तान से युद्ध हो रहा था, तब उन्होंने देश को “जय जवान जय किसान” का नारा दिया। इससे किसानों और सिपाहियों दोनों का हौसला बढ़ा।
अन्य वक्ताओं ने महान स्वतंत्रता सेनानी और पूर्व कांग्रेस सांसद मसूरिया दीन पासी के जीवन को भी याद किया। उन्होंने कहा कि मसूरिया दीन पासी जी UP के बड़े दलित नेता और स्वतंत्रता सेनानी थे। उनका जन्म प्रयागराज के जोंधवल गांव में हुआ था। मसूरिया दीन पासी ने 1930 के नमक सत्याग्रह में हिस्सा लिया और 1932 से 1944 के बीच अंग्रेजों के खिलाफ लड़ते हुए कई बार जेल भी गए। मसूरिया दीन पासी अपनी प्रिंटिंग प्रेस से अंग्रेजों के खिलाफ किताबें-पर्चे छापते थे।
जयंती कार्यक्रम में पूर्व विधायक गजराज सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष सैय्यद अयाजुद्दीन, नवरत्न त्यागी, पूर्व शहर अध्यक्ष दिनेश चंद शर्मा, वरिष्ठ कांग्रेसी डॉक्टर वीसी शर्मा, रश्मि चौधरी, एड. रघुवीर सिंह, डॉक्टर शोएब, मानवी सिंह, अमरनाथ शर्मा, ऋषिपाल सिंह, रामलाल आर्य, डॉक्टर पदम साहनी, रामप्रसाद जाटव, एड. शहजादा चौधरी, सुशील शास्त्री, नरेश भाटी, गौरव गर्ग, यशपाल ढीलोर, डॉक्टर सलेक चंद, जसबीर सिंह, जस्सा सिंह, कुसुमलता, निसार पठान, दीपक कुमार, राजेंद्र कुमार, संदीप कुमार, सचिन कुमार, अली मुर्तजा, मास्टर शेयरयाब, अफजाल आढ़ती, हर्ष कुमार सिरोही, अर्जुन सिंह, हिमांशु त्यागी, आकाश त्यागी, कृपाल सिंह, प्रवीण शर्मा, चौधरी पंकज शर्मा, सुरेंद्र सिंह, यशपाल ढीलोर, सुखपाल गौतम, हरीश गर्ग, डालचन्द सिंह, मुकीम खान, विपिन कुमार, अरुण वर्मा, गुलफाम कुरैशी, निसार अहमद, आदेश शर्मा, एड. फुरकान, कपिल शर्मा, एड. गुलफाम सैफी, मोहम्मद परवेज, खुशनूद अली, शाहनवाज, शहजाद मेवाती, यूसुफ हवारी, संजय छाबड़ा, गोपाल भारती, शिवम कुमार, महबूब अली आदि सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद रहे।

Sunil Giri
नाम: सुनील गिरि
वर्तमान पद: जिला संवाददाता
कार्यक्षेत्र: हापुड़ (उत्तर प्रदेश)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति एवं जिला स्तर की सभी बीट
विशेषज्ञता: राजनीतिक विश्लेषण, अपराध संबंधी कवरेज और जिला स्तरीय रिपोर्टिंग
परिचय
सुनील गिरि उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह हापुड़ से जिला संवाददाता के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सुनील गिरि मुख्य रूप से राजनीति और क्राइम (अपराध) से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। राजनीतिक विषयों पर सटीक विश्लेषण करने के साथ-साथ वह जिले की हर छोटी-बड़ी गतिविधि और जनसरोकार के सभी मुद्दों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
सुनील गिरि को टीवी, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में 2002 से (20 से अधिक वर्षों का) लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह निम्नलिखित प्रमुख मीडिया संस्थानों व न्यूज़ चैनलों के साथ जुड़कर अपनी सेवाएं दे रहे हैं:
- पंजाब केसरी टीवी
- इंडिया डेली 24×7 न्यूज़ चैनल
- MH1 न्यूज़ चैनल
- रॉयल न्यूज़ (वेबसाइट)
- इंडिया पब्लिक खबर (वेबसाइट)
शैक्षणिक योग्यता
उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं (12th Pass) तक पूरी की है। दो दशकों से अधिक समय से हापुड़ जिले में लगातार सक्रिय रहने के कारण क्षेत्र की सामाजिक, प्रशासनिक और राजनीतिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव बहुत गहरा है।
