हापुड़ में शनिवार को दिल्ली कूच कर रहे भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया, जिसके बाद माहौल गरमा गया। चुनाव आयुक्त को हटाने और मतदाता सूची से नाम काटे जाने के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे किसान नेता और कार्यकर्ता सिंभावली थाने के सामने नेशनल हाईवे-9 (NH-9) पर धरने पर बैठ गए। दिल्ली जाने की अनुमति नहीं मिलने पर कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने के लिए रवाना हुए थे। उनका कहना था कि देश में लोकतंत्र की रक्षा और मतदाता सूची में गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए दिल्ली पहुंचना जरूरी है। दिल्ली में प्रस्तावित काकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन को लेकर उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हलचल के बीच हापुड़ में भी पुलिस सतर्क रही।

CJP के आंदोलन को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर बॉर्डर और हापुड़ पुलिस मुस्तैद थी। भाकियू कार्यकर्ताओं का काफिला जैसे ही सिंभावली थाना क्षेत्र में रेलवे रोड के पास पहुंचा, भारी पुलिस बल ने बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। दिल्ली जाने से रोके जाने पर किसान आक्रोशित हो गए और उन्होंने सरकार तथा पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी।

आगे बढ़ने का रास्ता नहीं मिलने पर भाकियू उपाध्यक्ष चौधरी कुशलपाल आर्य के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ता सिंभावली थाने के सामने NH-9 पर बैठ गए। किसानों के अचानक सड़क पर धरना शुरू करने से मार्ग पर यातायात प्रभावित होने लगा। कार्यकर्ता दिल्ली जाने की मांग पर अड़े रहे और मौके पर विरोध प्रदर्शन जारी रखा।

हंगामे की सूचना मिलने पर एसडीएम अशोक कुमार सैनी और सिंभावली थाना प्रभारी अरविंद कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों को समझाकर शांत करने और सड़क से हटने का प्रयास किया। हालांकि, किसान नेता चुनाव आयुक्त के खिलाफ सख्त कार्रवाई और दिल्ली जाने की अनुमति की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।

प्रदर्शन के दौरान परविंदर सिंह, तेजपाल जाटव, शाहिद चौधरी और भूपेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में भाकियू कार्यकर्ता और स्थानीय किसान मौके पर डटे रहे। दिल्ली कूच रोकने के बाद सिंभावली थाने के सामने NH-9 पर शुरू हुए धरने से यातायात प्रभावित हुआ, जबकि किसान चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई और दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने की मांग पर कायम रहे।

Sunil Giri

Sunil Giri

नाम: सुनील गिरि

वर्तमान पद: जिला संवाददाता

कार्यक्षेत्र: हापुड़ (उत्तर प्रदेश)

बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति एवं जिला स्तर की सभी बीट

विशेषज्ञता: राजनीतिक विश्लेषण, अपराध संबंधी कवरेज और जिला स्तरीय रिपोर्टिंग

परिचय 

सुनील गिरि उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह हापुड़ से जिला संवाददाता के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सुनील गिरि मुख्य रूप से राजनीति और क्राइम (अपराध) से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। राजनीतिक विषयों पर सटीक विश्लेषण करने के साथ-साथ वह जिले की हर छोटी-बड़ी गतिविधि और जनसरोकार के सभी मुद्दों को नियमित रूप से कवर करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव

सुनील गिरि को टीवी, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में 2002 से (20 से अधिक वर्षों का) लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह निम्नलिखित प्रमुख मीडिया संस्थानों व न्यूज़ चैनलों के साथ जुड़कर अपनी सेवाएं दे रहे हैं:

  • पंजाब केसरी टीवी
  • इंडिया डेली 24×7 न्यूज़ चैनल
  • MH1 न्यूज़ चैनल
  • रॉयल न्यूज़ (वेबसाइट)
  • इंडिया पब्लिक खबर (वेबसाइट)

शैक्षणिक योग्यता

उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं (12th Pass) तक पूरी की है। दो दशकों से अधिक समय से हापुड़ जिले में लगातार सक्रिय रहने के कारण क्षेत्र की सामाजिक, प्रशासनिक और राजनीतिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव बहुत गहरा है।

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