हापुड़ में भाकियू का प्रदर्शन: ट्रैक्टरों से तहसील का घेराव, गन्ना भुगतान की मांग
भाकियू कार्यकर्ताओं ने बकाया गन्ना भुगतान, फसल मुआवजा और ट्रैक्टर चालान रोकने सहित विभिन्न मुद्दों पर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

तस्वीर में लाल ट्रैक्टर पर खड़े किसान नारेबाजी करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
हापुड़ (उत्तर प्रदेश)। हापुड़ जिले में किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के कार्यकर्ताओं ने सड़क से लेकर तहसील परिसर तक जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में ट्रैक्टरों के साथ गढ़मुक्तेश्वर तहसील पहुंचे किसानों ने तहसील का घेराव किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान गढ़ की सड़कों से लेकर तहसील परिसर तक किसानों की भारी भीड़ दिखाई दी।
अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर भाकियू कार्यकर्ता और स्थानीय किसान सुबह से ही जुटना शुरू हो गए थे। सैकड़ों किसान ट्रैक्टरों पर सवार होकर गढ़ तहसील की ओर बढ़े। किसानों के ट्रैक्टरों की बड़ी संख्या के चलते क्षेत्र के मुख्य मार्गों पर लंबा जाम लग गया। किसानों की भारी भीड़ और आक्रोश को देखते हुए तहसील परिसर तथा आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
गढ़ तहसील परिसर में धरने पर बैठे किसान नेताओं ने प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखीं। किसानों ने चीनी मिलों पर बकाया गन्ना भुगतान जल्द से जल्द ब्याज सहित कराने और गन्ने के दामों में बढ़ोतरी की मांग की। इसके साथ ही क्षेत्र में आवारा पशुओं और बंदरों के आतंक से फसलों को बचाने के लिए पुख्ता इंतजाम करने की मांग उठाई गई।
किसानों ने बाढ़ और बेमौसम बारिश से बर्बाद हुई फसलों का उचित और त्वरित मुआवजा देने की मांग भी रखी। बिजली विभाग द्वारा चेकिंग के नाम पर किसानों का उत्पीड़न बंद करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों की टूटी सड़कों की मरम्मत कराने की मांग की गई।
इसके अलावा किसानों ने एनजीटी (NGT) या प्रदूषण के नियमों के नाम पर केवल किसानों और मजदूरों के ट्रैक्टरों और वाहनों पर किए जा रहे चालान तुरंत रोकने की मांग की। किसान नेताओं ने इसे लेकर भी प्रशासन के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराया।
गढ़ तहसील परिसर में कई घंटों तक चले प्रदर्शन के बाद भाकियू के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी जायज मांगों पर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन केवल तहसील तक सीमित नहीं रहेगा। इसे जिला मुख्यालय और प्रदेश स्तर पर और अधिक उग्र किया जाएगा। सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ हुए इस प्रदर्शन ने किसानों की लंबित मांगों को लेकर प्रशासन के सामने आंदोलन की स्थिति स्पष्ट कर दी।

Sunil Giri
नाम: सुनील गिरि
वर्तमान पद: जिला संवाददाता
कार्यक्षेत्र: हापुड़ (उत्तर प्रदेश)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति एवं जिला स्तर की सभी बीट
विशेषज्ञता: राजनीतिक विश्लेषण, अपराध संबंधी कवरेज और जिला स्तरीय रिपोर्टिंग
परिचय
सुनील गिरि उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह हापुड़ से जिला संवाददाता के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सुनील गिरि मुख्य रूप से राजनीति और क्राइम (अपराध) से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। राजनीतिक विषयों पर सटीक विश्लेषण करने के साथ-साथ वह जिले की हर छोटी-बड़ी गतिविधि और जनसरोकार के सभी मुद्दों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
सुनील गिरि को टीवी, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में 2002 से (20 से अधिक वर्षों का) लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह निम्नलिखित प्रमुख मीडिया संस्थानों व न्यूज़ चैनलों के साथ जुड़कर अपनी सेवाएं दे रहे हैं:
- पंजाब केसरी टीवी
- इंडिया डेली 24×7 न्यूज़ चैनल
- MH1 न्यूज़ चैनल
- रॉयल न्यूज़ (वेबसाइट)
- इंडिया पब्लिक खबर (वेबसाइट)
शैक्षणिक योग्यता
उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं (12th Pass) तक पूरी की है। दो दशकों से अधिक समय से हापुड़ जिले में लगातार सक्रिय रहने के कारण क्षेत्र की सामाजिक, प्रशासनिक और राजनीतिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव बहुत गहरा है।
