हापुड़: BKS ने CM योगी को सौंपा 17 सूत्रीय ज्ञापन, ₹12 हजार किसान सम्मान निधि की मांग
गन्ना मूल्य ₹600 प्रति क्विंटल करने, KCC पर शून्य ब्याज और गंगा नदी पर पक्के पुल के निर्माण सहित 17 मुख्य मुद्दों के समाधान की मांग की गई है।

तस्वीर में हापुड़ में जमीन पर बैठकर ज्ञापन पढ़ते और चर्चा करते किसान प्रतिनिधि।
हापुड़ में भारतीय किसान संघ ने किसानों और आमजन से जुड़ी गंभीर समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम 17 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। भारतीय किसान संघ की जनपद इकाई हापुड़ के जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में सौंपा गया यह ज्ञापन जिला अधिकारी (DM) हापुड़ के माध्यम से प्रेषित किया गया। ज्ञापन में बढ़ती कृषि लागत, सिंचाई संकट, किसानों पर बढ़ते कर्ज के बोझ और स्थानीय विकास कार्यों में आ रही रुकावटों सहित विभिन्न समस्याओं को उठाया गया है।
भारतीय किसान संघ ने मुख्यमंत्री के समक्ष मांग रखी कि केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना लागू की जाए। इसके तहत किसानों को 12,000 रुपये वार्षिक अतिरिक्त सहायता सीधे उनके बैंक खातों में उपलब्ध कराने की मांग की गई है। साथ ही सभी पात्र किसानों को किसान सम्मान निधि का लाभ सुनिश्चित करने और किसी कारणवश बंद हुई पात्र किसानों की सम्मान निधि बहाल कराने के लिए विशेष कैंप लगाने की मांग की गई है। इन कैंपों में अभिलेखों की जांच, त्रुटि सुधार और लंबित भुगतान की बहाली कराने की बात कही गई है।
ज्ञापन में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से दिए जाने वाले कृषि ऋण पर किसानों के लिए ब्याज दर शून्य करने की मांग की गई है, ताकि बढ़ती कृषि लागत के बीच किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक भार न पड़े। किसानों ने गन्ने का समर्थन मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने की भी मांग रखी। भारतीय किसान संघ ने कहा कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है और किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य मिलना आवश्यक है।
गन्ने के भुगतान से जुड़ी समस्या को लेकर मांग की गई कि आगामी पेराई सत्र शुरू होने से पहले किसानों के समस्त पुराने गन्ने के बकाये का भुगतान ब्याज सहित कराया जाए। ज्ञापन में कहा गया कि किसानों द्वारा चीनी मिलों को समय पर गन्ना उपलब्ध कराने के बावजूद भुगतान में देरी होती है, जिससे किसान आर्थिक कठिनाइयों का सामना करते हैं।
निजी नलकूपों के विद्युत कनेक्शन की प्रक्रिया सरल, सस्ती और पारदर्शी बनाने की मांग भी की गई है। नए कनेक्शन देने के लिए निश्चित समय-सीमा निर्धारित करने की बात कही गई, ताकि किसानों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। जहां किसानों के लिए निःशुल्क विद्युत की व्यवस्था लागू है, वहां उसका लाभ सभी पात्र किसानों को समान रूप से देने और खराब पड़े सरकारी नलकूपों को तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की गई। आवश्यकता के अनुसार नलकूपों पर ऑपरेटरों की व्यवस्था करने की बात भी ज्ञापन में कही गई है।
खाद और DAP की उपलब्धता को लेकर भारतीय किसान संघ ने किसानों को आवश्यकता के अनुसार समय पर पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण खाद एवं DAP उपलब्ध कराने की मांग की। खाद एवं DAP देते समय की जा रही टैगिंग यानी अवांछित कृषि सामग्री की अनिवार्य खरीद पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई। इसके साथ ही कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई।
जनपद हापुड़ में प्रतिबंधित कीटनाशकों की बिक्री पर रोक लगाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। भारतीय किसान संघ ने भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित अथवा अत्यंत उपयोग हेतु प्रतिबंधित कीटनाशकों की बिक्री एवं उपलब्धता पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की। विशेष रूप से फॉरेट, ट्राइजोफॉस, फॉस्फामिडॉन, डाइक्लोरोवॉस एवं थायोमेथॉन आदि कीटनाशकों की बिक्री की नियमित जांच कराने तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।
जनपद के अनेक गांवों में हर घर जल योजना के तहत बनाई गई टंकियों और बिछाई गई पाइपलाइन के सुचारू रूप से संचालित नहीं होने का मुद्दा भी उठाया गया। इन्हें तत्काल चालू कराने के साथ पाइपलाइन बिछाने के दौरान तोड़ी गई और खोदी गई सड़कों की मरम्मत कराने की मांग की गई।
राजस्व अभिलेखों और फार्मर रजिस्ट्री से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में विशेष अभियान चलाने की मांग की गई। ज्ञापन में कहा गया कि जनपद के अनेक गांवों में किसानों को खसरा-खतौनी में अंश निर्धारण, नामांतरण, वरासत, अभिलेखों में संशोधन एवं फार्मर रजिस्ट्री से संबंधित कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं के समयबद्ध निस्तारण के लिए राजस्व विभाग एवं संबंधित अधिकारियों की टीम को ग्राम स्तर पर भेजने की मांग की गई, ताकि किसानों को तहसीलों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। पूरी प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी, समयबद्ध एवं भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की मांग की गई।
ज्ञापन में ग्राम लठोरा एवं फरीदपुर को तहसील एवं थाना गढ़मुक्तेश्वर में शामिल करने की मांग भी रखी गई है। भारतीय किसान संघ के अनुसार गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र से भौगोलिक एवं सामाजिक रूप से जुड़े ग्राम लठोरा एवं फरीदपुर वर्तमान में जनपद अमरोहा एवं थाना गजरौला के अंतर्गत आते हैं। इन गांवों से गढ़मुक्तेश्वर की दूरी लगभग 3-4 किलोमीटर है, जबकि वर्तमान प्रशासनिक क्षेत्र काफी दूर पड़ता है। जनहित एवं प्रशासनिक सुविधा को ध्यान में रखते हुए दोनों गांवों को तहसील एवं थाना गढ़मुक्तेश्वर, जनपद हापुड़ में सम्मिलित करने की मांग की गई है।
धौलाना विकास खंड के कई गांवों में नालों, औद्योगिक इकाइयों एवं अन्य स्रोतों से निकलने वाला प्रदूषित पानी खुले खेतों में छोड़े जाने तथा बोर के माध्यम से जमीन में डाले जाने की शिकायतों की जांच कराने की मांग की गई है। इसी प्रकार सिंभावली विकास खंड में भी प्रदूषित पानी को जमीन में डालने तथा मिल से निकलने वाली छाई एवं राख से आसपास के क्षेत्रों में परेशानी की शिकायतों का उल्लेख किया गया। संबंधित स्रोतों की वैज्ञानिक जांच, प्रदूषण की रोकथाम और दोषी पाए जाने वाले संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।
धौलाना विकास खंड में रिलायंस पावर प्रोजेक्ट के लिए अधिग्रहित किसानों की भूमि के अभिलेखों में नाम बहाल कराने की मांग भी ज्ञापन में की गई है। भारतीय किसान संघ ने कहा कि प्रोजेक्ट रद्द होने के बाद भी कई मामलों में किसानों के नाम खसरा-खतौनी में वापस दर्ज नहीं हुए हैं। इसके कारण किसानों को खाद-बीज तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाई हो रही है। मांग की गई कि जांच कर खसरा-खतौनी से रिलायंस पावर प्रोजेक्ट का नाम हटाकर पात्र किसानों के नाम दर्ज किए जाएं।
गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में गंगा नदी से लगे लगभग 20 गांवों को हर वर्ष बाढ़ एवं नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण होने वाली परेशानी से बचाने के लिए मजबूत तटबंध निर्माण की मांग की गई। भारतीय किसान संघ ने कहा कि किसानों एवं ग्रामीणों को बाढ़ एवं कटान से बचाने के लिए लंबे समय से तटबंध की मांग की जा रही है। नया गांव इनायतपुर से लेकर लठोरा-मंढ़ावली तक पत्थरों से मजबूत एवं स्थायी तटबंध का निर्माण कराने की मांग की गई है।
गंगा नदी पर स्थायी पक्के पुल के निर्माण की मांग भी ज्ञापन में प्रमुखता से रखी गई। भारतीय किसान संघ ने कहा कि वर्तमान में आवागमन के लिए प्रस्तावित पीपा पुल (प्लाटून पुल) के साथ-साथ क्षेत्र की आबादी एवं भविष्य की आवश्यकता को देखते हुए एक स्थायी एवं मजबूत पक्के पुल का निर्माण कराया जाए। इससे गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र के गांवों, किसानों, व्यापारियों एवं आमजन को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी तथा ब्रजघाट पर त्योहारों एवं कांवड़ यात्रा के दौरान लगने वाले जाम की समस्या को कम करने में सहायता मिलेगी।
भारतीय किसान संघ ने सभी मांगों के समाधान के लिए समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि उपरोक्त सभी मांगों पर संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं और प्रत्येक समस्या के समाधान के लिए समय-सीमा निर्धारित की जाए। जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त कर कार्रवाई की नियमित समीक्षा कराने तथा किसानों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों एवं तहसीलों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसकी प्रभावी व्यवस्था करने की मांग की गई।
भारतीय किसान संघ, जनपद हापुड़ ने शासन और प्रशासन से अनुरोध किया कि उपरोक्त सभी मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं, ताकि किसानों और आम जनता की इन न्यायसंगत समस्याओं का शीघ्र, प्रभावी एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित हो सके।

Sunil Giri
नाम: सुनील गिरि
वर्तमान पद: जिला संवाददाता
कार्यक्षेत्र: हापुड़ (उत्तर प्रदेश)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति एवं जिला स्तर की सभी बीट
विशेषज्ञता: राजनीतिक विश्लेषण, अपराध संबंधी कवरेज और जिला स्तरीय रिपोर्टिंग
परिचय
सुनील गिरि उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह हापुड़ से जिला संवाददाता के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सुनील गिरि मुख्य रूप से राजनीति और क्राइम (अपराध) से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। राजनीतिक विषयों पर सटीक विश्लेषण करने के साथ-साथ वह जिले की हर छोटी-बड़ी गतिविधि और जनसरोकार के सभी मुद्दों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
सुनील गिरि को टीवी, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में 2002 से (20 से अधिक वर्षों का) लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह निम्नलिखित प्रमुख मीडिया संस्थानों व न्यूज़ चैनलों के साथ जुड़कर अपनी सेवाएं दे रहे हैं:
- पंजाब केसरी टीवी
- इंडिया डेली 24×7 न्यूज़ चैनल
- MH1 न्यूज़ चैनल
- रॉयल न्यूज़ (वेबसाइट)
- इंडिया पब्लिक खबर (वेबसाइट)
शैक्षणिक योग्यता
उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं (12th Pass) तक पूरी की है। दो दशकों से अधिक समय से हापुड़ जिले में लगातार सक्रिय रहने के कारण क्षेत्र की सामाजिक, प्रशासनिक और राजनीतिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव बहुत गहरा है।
