हापुड़: भव्य रावल मौत मामले में फिर शुरू हुई जांच, परिजनों ने लगाए आरोप
परिजनों की शिकायत के बाद हापुड़ पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट रोककर मामले की दोबारा विवेचना शुरू कर दी है।

हापुड़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मेज पर माइक के सामने बैठे भव्य रावल के परिजन।
हापुड़, उत्तर प्रदेश। हापुड़ के बहुचर्चित भव्य रावल संदिग्ध मृत्यु प्रकरण (FIR 0287/2025) में परिजनों ने विवेचना पर गंभीर सवाल उठाते हुए मामले की पुनः विवेचना (Re-Investigation) कराने की मांग की है। मृतक के परिजनों ने हापुड़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को प्रार्थना-पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। परिजनों का आरोप है कि विवेचना अधिकारी और बहादुरगढ़ थाने के संबंधित अधिकारियों ने आरोपियों से मिलीभगत कर मामले में जल्दबाजी में अंतिम रिपोर्ट (क्लोजर रिपोर्ट) लगा दी।
मृतक भव्य रावल के भाई लक्ष्य रावल ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन ने उन्हें और उनके परिवार को लंबे समय तक गुमराह किया। उनका कहना है कि मुकदमे की विवेचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण साक्ष्यों को जांच में शामिल नहीं किया गया। इनमें हत्या की घटना का प्रत्यक्ष एवं मूल वीडियो (इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य), वीडियो की फॉरेंसिक परीक्षण प्रतिवेदन, घटनास्थल और प्रयुक्त वाहन का वैज्ञानिक विश्लेषण तथा घटनास्थल एवं घटनाक्रम का पुनर्निर्माण (Recreation of Scene) शामिल हैं।
परिजनों के अनुसार, पुलिस ने घटना में प्रयुक्त ट्रैक्टर को कब्जे में लिया था और उस मोबाइल फोन को भी जब्त किया था, जिससे वीडियो बनाया गया था। आरोप है कि वीडियो की फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने से पहले ही आनन-फानन में फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई। परिवार ने इसी कार्रवाई को लेकर विवेचना की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।
पीड़ित परिवार ने विवेचना अधिकारी बनी सिंह, नवीन कुमार, तत्कालीन थाना प्रभारी धीरज मलिक और वर्तमान थाना प्रभारी पर आरोपियों के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया है। लक्ष्य रावल ने बताया कि पुलिस की ओर से पीड़ित पक्ष को अंतिम रिपोर्ट या किसी भी कार्रवाई के संबंध में कोई विधिवत सूचना नहीं दी गई। मामले के नामजद आरोपियों पार्थ गुप्ता, वरुण पांडे और अवनीश चौधरी तथा विशेष रूप से तन्मय सिंघल पर भी अपने प्रभाव, धनबल और ऊंचे रसूख का इस्तेमाल कर पुलिस और गवाहों को प्रभावित करने का आरोप लगाया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 16 नवंबर 2025 को दिल्ली निवासी भव्य रावल अपने साथियों के साथ हापुड़ के बहादुरगढ़ क्षेत्र में एक विवाह समारोह में शामिल होने आए थे। विवाह समारोह के बाद वह अपने दोस्तों के साथ एक खेत में गए, जहां खड़े एक ट्रैक्टर का उपयोग किया गया। इसी दौरान भव्य रावल ट्रैक्टर के नीचे आ गए, जिससे उनकी मृत्यु हो गई।
शुरुआत से ही मृतक के परिजनों ने इसे महज दुर्घटना मानने से इनकार किया है। परिजनों को अंदेशा है कि यह पूर्व नियोजित षड्यंत्र (Pre-planned Conspiracy) के तहत की गई हत्या है। परिजनों के अनुसार, घटना का मुख्य कारण घटना से एक दिन पहले तन्मय गुप्ता के साथ मृतक भव्य राहुल का झगड़ा था, जिसके कारण आरोपियों ने भव्य राहुल की सुनियोजित तरीके से हत्या की।
लक्ष्य रावल ने कहा कि उन्हें हापुड़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कुंवर ज्ञानंजय सिंह पर पूरा भरोसा है, क्योंकि पूर्व में भी उनके निर्देश पर पुलिस ने मामले में सक्रियता दिखाई थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि एसएसपी के नेतृत्व में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होगी। परिजनों ने मामले की पुनः निष्पक्ष विवेचना, घटना से जुड़े वीडियो और मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच तथा घटना के समय मौके पर मौजूद सभी साथियों को हिरासत में लेकर निष्पक्ष पूछताछ की मांग की है।
परिजनों ने मामले में न्याय नहीं मिलने पर मुख्यमंत्री के दरबार में जाने की चेतावनी भी दी है। वहीं, घटना के संबंध में थाना प्रभारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि एफआर को रोककर इस घटना की विवेचना दोबारा से कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जो भी तथ्य होंगे, उन्हें निकालकर जल्द ही सामने लाया जाएगा और उसके अनुसार जो भी कार्रवाई बनेगी, की जाएगी। अब दोबारा शुरू हुई विवेचना में सामने आने वाले तथ्य इस मामले की आगे की कार्रवाई की दिशा तय करेंगे।

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