हापुड़ में जाति पूछकर मारपीट के आरोप से गरमाया माहौल, पुलिस ने बताया शराब के नशे में झगड़ा
हापुड़ में जाति पूछकर मारपीट के आरोप से तनाव बढ़ा, पुलिस ने जातीय एंगल नकारकर शराब के नशे में दो जगह मारपीट की बात कही।

तस्वीर में पुलिसकर्मी रात के समय सड़क पर खड़े लोगों से बातचीत करते दिख रहे हैं।
हापुड़ (उत्तर प्रदेश) में रास्ता रोककर युवकों से मारपीट के आरोप के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। हापुड़ नगर कोतवाली क्षेत्र के मोदीनगर रोड और दस्तोई रोड पर करीब 45 मिनट के भीतर मारपीट की घटनाएं सामने आईं। पीड़ित युवकों ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उनकी जाति पूछने के बाद उनके साथ मारपीट की। वहीं, पुलिस ने मामले में किसी भी तरह के जातिवाद या सांप्रदायिक एंगल से साफ इनकार किया है।
दस्तोई गांव के रहने वाले दीपांशू और क्रिस नाम के युवकों ने आरोप लगाया कि वे रास्ते से गुजर रहे थे, तभी दो बाइकों पर सवार होकर आए करीब 5-6 युवकों ने उन्हें रोक लिया। पीड़ितों के मुताबिक, हमलावरों ने पहले उनकी जाट और जोगी बिरादरी (जाति) पूछी। इसके बाद गाली-गलौज करते हुए उनके साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी।
मारपीट की घटना के बाद क्षेत्र में माहौल गरमा गया। स्थानीय स्तर पर इस घटना को कुछ दिन पहले बदनौली गांव में हुई दलित युवक दीपक उर्फ गोलू की हत्या की रंजिश और जातीय तनाव से जोड़कर देखा जाने लगा। इससे क्षेत्र में सांप्रदायिक और सामाजिक तनाव की स्थिति पैदा होने लगी।
घटना की संवेदनशीलता और माहौल को गरमाता देख अपर पुलिस अधीक्षक (ASP), क्षेत्राधिकारी (CO) और नगर कोतवाली प्रभारी भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल स्थिति को नियंत्रण में लिया और दोनों पक्षों को शांत कराते हुए मामले की गहन जांच शुरू कर दी।
इस पूरे मामले पर पुलिस प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए अफवाहों पर विराम लगाया है। एएसपी ने आधिकारिक बयान में कहा कि पुलिस जांच में जातिवाद के आधार पर पिटाई की घटना पूरी तरह गलत पाई गई है। पुलिस के मुताबिक, दो बाइकों पर सवार युवक शराब के नशे में पूरी तरह धुत थे। इन शराबी युवकों ने दस्तोई रोड और मोदीनगर रोड जैसे दो अलग-अलग स्थानों पर राहगीरों के साथ हुड़दंग और मारपीट की थी। पुलिस ने इसे किसी सुनियोजित जातीय रंजिश का हिस्सा नहीं, बल्कि शराब के नशे में किया गया झगड़ा बताया है।
हापुड़ पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। हुड़दंग करने वाले आरोपी युवकों की तलाश के लिए टीमों का गठन किया गया है। साथ ही पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर फैल रही किसी भी तरह की भ्रामक और जातीय रंग देने वाली अफवाहों पर ध्यान न दें। पुलिस के अनुसार, क्षेत्र में पूरी तरह शांति व्यवस्था कायम है।

Sunil Giri
नाम: सुनील गिरि
वर्तमान पद: जिला संवाददाता
कार्यक्षेत्र: हापुड़ (उत्तर प्रदेश)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति एवं जिला स्तर की सभी बीट
विशेषज्ञता: राजनीतिक विश्लेषण, अपराध संबंधी कवरेज और जिला स्तरीय रिपोर्टिंग
परिचय
सुनील गिरि उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह हापुड़ से जिला संवाददाता के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सुनील गिरि मुख्य रूप से राजनीति और क्राइम (अपराध) से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। राजनीतिक विषयों पर सटीक विश्लेषण करने के साथ-साथ वह जिले की हर छोटी-बड़ी गतिविधि और जनसरोकार के सभी मुद्दों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
सुनील गिरि को टीवी, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में 2002 से (20 से अधिक वर्षों का) लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह निम्नलिखित प्रमुख मीडिया संस्थानों व न्यूज़ चैनलों के साथ जुड़कर अपनी सेवाएं दे रहे हैं:
- पंजाब केसरी टीवी
- इंडिया डेली 24×7 न्यूज़ चैनल
- MH1 न्यूज़ चैनल
- रॉयल न्यूज़ (वेबसाइट)
- इंडिया पब्लिक खबर (वेबसाइट)
शैक्षणिक योग्यता
उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं (12th Pass) तक पूरी की है। दो दशकों से अधिक समय से हापुड़ जिले में लगातार सक्रिय रहने के कारण क्षेत्र की सामाजिक, प्रशासनिक और राजनीतिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव बहुत गहरा है।
