हापुड़: आगामी रबी सीजन से पहले नकली खाद बनाने की अवैध फैक्ट्री सील
कृषि विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में भारी मात्रा में नकली DAP और MOP बरामद, सैंपल लैब भेजे गए।

हापुड़ में गोदाम के भीतर गुलाबी बोरियों के पास नमूने एकत्र करते प्रशासनिक अधिकारी।
हापुड़ में आगामी रबी सीजन से पहले जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने नकली व अधोमानक उर्वरकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अवैध फैक्ट्रीनुमा परिसर का भंडाफोड़ किया है। जिलाधिकारी हापुड़ के कुशल निर्देशन में जिला प्रशासन, कृषि विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने बीती रात छापेमारी कर नकली पोटाश (MOP) और DAP तैयार करने की गतिविधि पकड़ी। मौके से भारी मात्रा में नकली उर्वरक, खाली बैग, कच्चा माल और पैकिंग में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए। परिसर को तत्काल सील कर दिया गया।
आगामी रबी सीजन अक्टूबर और नवंबर माह में किसानों को पोटाश और डी.ए.पी. (DAP) की महत्वपूर्ण आवश्यकता को देखते हुए यह कार्रवाई किसानों के हितों की रक्षा के उद्देश्य से की गई। छापेमारी के दौरान परिसर में प्रधानमंत्री भारतीय जन उर्वरक परियोजना के ‘Bharat MOP’ और Indian Potash Limited के नाम से नकली पोटाश से भरे तथा पूरी तरह सिलाई किए हुए 90 बैग बरामद हुए। प्रत्येक बैग का वजन 50 किलोग्राम था। इसके अलावा लगभग 50 खाली नए बैग भी मिले, जिनमें नकली उर्वरक की पैकिंग की जानी थी।
मौके से लगभग 20 बैग सफेद क्रिस्टल पाउडर बरामद किया गया। प्रत्येक बैग 50 किलोग्राम का था। रंग मिलाने के लिए गेरू के दो बैग भी मिले। नकली खाद तैयार करने के लिए इस्तेमाल की जा रही मिक्सचर-ग्राइंडर मशीन, दो वजन तोलने वाली मशीनें, बोरियों को सिलने वाली मशीन, 2-2 लीटर नीले रंग के तीन डिब्बे और चाकू सहित अन्य उपकरण जब्त किए गए।
जांच के दौरान मिक्सचर ग्राइंडर मशीन और उसके नीचे पोटाश से मिलता-जुलता गुलाबी (पिंक) रंग का क्रिस्टल पाउडर बिखरा मिला। बताया गया कि इसी सामग्री को नकली पैकेट्स में भरा जा रहा था।
परिसर में नकली डी.ए.पी. (DAP) तैयार किए जाने के भी संकेत मिले। करनाल (हरियाणा) की एक बीज कंपनी के पैकेट्स में डार्क ब्राउन दानेदार सामग्री भरी हुई मिली। प्रत्येक पैकेट 20 किलोग्राम का था और सामग्री दिखने में हूबहू Di-Ammonium Phosphate (DAP) जैसी थी। प्रथम दृष्टया यह कृषकों को नकली DAP बनाकर आपूर्ति करने की एक बड़ी साजिश थी।
जांच में सामने आया कि परिसर में अनुदानित उर्वरकों की नकली पैकिंग कर उन्हें बाजार में अवैध रूप से आपूर्ति करने की पूरी तैयारी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर मिले नकली MOP, DAP जैसी सामग्री और सफेद क्रिस्टल पाउडर के नमूने नियमानुसार ग्रहित कर लिए गए हैं। इन नमूनों को तत्काल जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
मजिस्ट्रेट/नायब तहसीलदार, चौकी इंचार्ज (थाना नगर कोतवाली) एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने अवैध परिसर को मौके पर ही सील कर दिया। बरामद सामग्री Copyright Act 1957 एवं Trademark Act 1999 का स्पष्ट उल्लंघन है। वहीं नकली/अधोमानक उर्वरक का निर्माण और बिक्री Fertilizer Control Order (FCO) 1985 और Essential Commodities Act 1955 (आवश्यक वस्तु अधिनियम) के अंतर्गत गंभीर अपराध है।
अवैध व्यापार में संलिप्त सभी संबंधित दोषियों के विरुद्ध कठोर धाराओं में F.I.R. दर्ज कराने की विधिक कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। मामले में बरामद सामग्री के नमूनों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिला कृषि अधिकारी (DAO), हापुड़ ने कहा कि शासन की मंशानुरूप जनपद प्रशासन और कृषि विभाग हापुड़ यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि किसान भाइयों को केवल उच्च गुणवत्तापूर्ण और प्रामाणिक उर्वरक ही प्राप्त हो। किसानों के अधिकारों से खिलवाड़ करने वाले और अधोमानक/अवैध उर्वरकों का काला कारोबार करने वाले माफियाओं के खिलाफ भविष्य में भी ऐसी ही सख्त और निरंतर विधिक कार्रवाई जारी रहेगी। हापुड़ में हुई यह कार्रवाई रबी सीजन से पहले नकली उर्वरकों की अवैध आपूर्ति पर प्रशासन की सख्ती को रेखांकित करती है।

Sunil Giri
नाम: सुनील गिरि
वर्तमान पद: जिला संवाददाता
कार्यक्षेत्र: हापुड़ (उत्तर प्रदेश)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति एवं जिला स्तर की सभी बीट
विशेषज्ञता: राजनीतिक विश्लेषण, अपराध संबंधी कवरेज और जिला स्तरीय रिपोर्टिंग
परिचय
सुनील गिरि उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह हापुड़ से जिला संवाददाता के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सुनील गिरि मुख्य रूप से राजनीति और क्राइम (अपराध) से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। राजनीतिक विषयों पर सटीक विश्लेषण करने के साथ-साथ वह जिले की हर छोटी-बड़ी गतिविधि और जनसरोकार के सभी मुद्दों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
सुनील गिरि को टीवी, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में 2002 से (20 से अधिक वर्षों का) लंबा और व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह निम्नलिखित प्रमुख मीडिया संस्थानों व न्यूज़ चैनलों के साथ जुड़कर अपनी सेवाएं दे रहे हैं:
- पंजाब केसरी टीवी
- इंडिया डेली 24×7 न्यूज़ चैनल
- MH1 न्यूज़ चैनल
- रॉयल न्यूज़ (वेबसाइट)
- इंडिया पब्लिक खबर (वेबसाइट)
शैक्षणिक योग्यता
उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं (12th Pass) तक पूरी की है। दो दशकों से अधिक समय से हापुड़ जिले में लगातार सक्रिय रहने के कारण क्षेत्र की सामाजिक, प्रशासनिक और राजनीतिक व्यवस्थाओं पर उनका जमीनी अनुभव बहुत गहरा है।
