गुरसरांय: पेयजल संकट के बीच बड़ी माता मंदिर तालाब को नहर से भरने की मांग
नगर पालिका अध्यक्ष ने जिलाधिकारी को पत्र लिख जल स्तर सुधारने हेतु तालाब भरने और अवैध निर्माण की जांच कराने का आग्रह किया है।

गुरसरांय के बड़ी माता मंदिर तालाब परिसर में चल रहे निर्माण कार्य का निरीक्षण करते नगर पालिका अध्यक्ष जयपाल सिंह और अन्य सदस्य।
गुरसरांय नगर में लगातार गंभीर होते पेयजल संकट को लेकर नगर पालिका परिषद सक्रिय हो गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर पालिका अध्यक्ष जयपाल सिंह ने जिलाधिकारी झांसी एवं ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को पत्र भेजकर बड़ी माता मंदिर तालाब को नहर के पानी से भरवाने की मांग की है।
पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि नगर में भूजल स्तर अत्यधिक नीचे चले जाने के कारण अधिकांश हैंडपंप पानी देना बंद कर चुके हैं। वहीं जिन बोरिंगों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जा रही थी, वे भी लगभग बंद होने की कगार पर पहुंच गई हैं, जिससे नगरवासियों को भीषण जल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
नगर पालिका अध्यक्ष एवं बोर्ड द्वारा जनहित में निर्णय लेते हुए बड़ी माता मंदिर तालाब को नहर के पानी से भरवाने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि क्षेत्रीय जल स्तर में सुधार हो सके। हालांकि सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा तालाब में नहर का पानी छोड़े जाने पर आपत्ति जताई जा रही है।
इसी बीच पत्र में गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं कि बड़ी माता मंदिर तालाब के पश्चिम दिशा में पिछले 10 से 12 दिनों से निर्माण कार्य चल रहा है, जिसकी नगर पालिका को कोई पूर्व सूचना अथवा एनओसी उपलब्ध नहीं कराई गई। नगर पालिका के अनुसार कार्य करा रहे व्यक्ति द्वारा कोई वैध कार्यादेश भी प्रस्तुत नहीं किया गया है, जिससे पूरे कार्य को अवैधानिक बताया जा रहा है।
नगर पालिका ने यह भी आरोप लगाया है कि तालाब के पश्चिमी हिस्से में बांध को काटकर उसे कमजोर किया जा रहा है, जिससे भविष्य में गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। साथ ही यह भी उल्लेख किया गया है कि पूर्व में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के ठेकेदार द्वारा कराया गया कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है।
नगर पालिका अध्यक्ष ने प्रशासन से मांग की है कि नगर की जनता को जल संकट से तत्काल राहत दिलाने हेतु बड़ी माता मंदिर तालाब को नहर के पानी से भरवाने की व्यवस्था की जाए तथा चल रहे निर्माण कार्य की जांच कर संबंधित कार्यादेश एवं एनओसी उपलब्ध कराई जाए।
गुरसरांय में गहराते जल संकट और तालाब से जुड़े विवादों के बीच प्रशासनिक निर्णय अब क्षेत्रीय जनजीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है। रिपोर्ट: सोम मिश्रा।

Pratahkal Bureau
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