फास्ट फूड सेंटरों पर FSDA की बड़ी छापेमारी, लखनऊ में फंगस-चूहे, नोएडा में एक्सपायर्ड नॉनवेज
लखनऊ, नोएडा और गोरखपुर में FSDA की छापेमारी में फंगस, चूहे और एक्सपायर्ड नॉनवेज मिला। 163 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी हुआ।

तस्वीर में उत्तर प्रदेश के रेस्टोरेंट्स में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा की गई छापेमारी और कमियों को दिखाया गया है।
उत्तर प्रदेश में फास्ट फूड चेन और नामचीन रेस्टोरेंट्स की रसोई में खाद्य सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी सामने आई है। खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन (एफएसडीए) विभाग ने लखनऊ, नोएडा और गोरखपुर में विशेष चेकिंग अभियान चलाकर 233 खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की। अभियान के दौरान 152 टीमों ने अचानक छापेमारी की, जिसमें कई रसोईघरों में फंगस, चूहों की मौजूदगी, दुर्गंध और एक्सपायर्ड नॉनवेज जैसी अनियमितताएं मिलीं। विभाग ने 163 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किया है।
लखनऊ में एफएसडीए की 52 टीमों ने 78 फूड कोर्ट्स और फास्ट फूड जॉइंट्स की जांच की। इस दौरान 42 नोटिस जारी किए गए। आलमबाग स्थित सबवे (शालीमार गेटवे) में जल निकासी और हाइजीन की स्थिति खराब मिली। वहीं, फन मॉल स्थित बीकानेरवाला में पके भोजन और ग्रेवी में फंगस, चूहों की मौजूदगी, जलभराव और भारी दुर्गंध पाई गई। गंभीर अनियमितताओं के चलते प्रतिष्ठान को तत्काल प्रभाव से बंद कराकर उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है।
नोएडा में 57 टीमों ने 71 स्थानों की पड़ताल की और 42 सुधार नोटिस जारी किए। जांच के दौरान कई किचनों में एक्सपायर्ड नॉनवेज, फफूंदी लगे खाद्य पदार्थ और कीड़े-मकोड़े पाए गए। विभाग के अनुसार, इन स्थानों पर कच्चे और पके भोजन को एक साथ गलत तापमान पर रखा गया था। इसके चलते मोती महल डीलक्स, कैसल बारबेक्यू, द येलो चिली, एब्सोल्यूट बारबेक्यूज, मिनिस्ट्री ऑफ दारू, ईट क्लब और रोड हाउस समेत 13 प्रमुख रेस्टोरेंट्स का लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
गोरखपुर में 43 टीमों ने 84 प्रतिष्ठानों की जांच की। यहां सबसे अधिक 79 सुधार नोटिस जारी किए गए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सुधार नोटिस में निर्धारित समयावधि के भीतर यदि संबंधित प्रतिष्ठानों ने हाइजीन और गुणवत्ता मानकों को पूरा नहीं किया, तो उन्हें हमेशा के लिए सील कर विधिक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एफएसडीए ने साफ किया है कि जनता की सेहत से समझौता करने वाले किसी भी कारोबारी को बख्शा नहीं जाएगा। लखनऊ, नोएडा और गोरखपुर में हुई इस कार्रवाई के दौरान सामने आई खाद्य स्वच्छता संबंधी अनियमितताओं के बाद विभाग ने संबंधित प्रतिष्ठानों को तय मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

Om Prakash Pal
नाम: ओम प्रकाश पाल
वर्तमान पद: स्वतंत्र पत्रकार, लेखक एवं स्तंभकार
कार्यक्षेत्र: नेशनल ब्यूरो (राष्ट्रीय स्तर)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, संसद, केंद्रीय मंत्रालय, कृषि, साहित्य, खेल एवं प्रशासन (बिजनेस को छोड़कर सभी विषयों पर कार्य)
पत्रकारिता अनुभव: लगभग 39 वर्ष
परिचय एवं अनुभव
ओम प्रकाश पाल पिछले 39 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल ब्यूरो में विशेष संवाददाता के रूप में लगभग 20 वर्षों तक संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) की रिपोर्टिंग की है।
एक मान्यता प्राप्त पत्रकार के रूप में उन्होंने केंद्रीय गृह, रक्षा, रेलवे, सड़क परिवहन, श्रम एवं रोजगार, जलशक्ति और कृषि जैसे प्रमुख केंद्रीय मंत्रालयों को कवर किया है।
विभिन्न समाचार पत्रों में योगदान:
- अमर उजाला एवं दैनिक जागरण: पत्रकारिता के शुरुआती वर्षों का अनुभव।
- शाह टाइम्स: न्यूज़ एडिटर (News Editor) के पद पर सेवाएं।
- हरिभूमि (दिल्ली): वरिष्ठ संवाददाता के रूप में कार्य।
राजनीति विज्ञान और कृषि विषयों के जानकार होने के साथ-साथ उन्होंने साहित्य और खेल के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किया है। वर्तमान में वह एक स्वतंत्र पत्रकार, लेखक और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता
- स्नातक (Graduate)
- B.Ed (बैचलर ऑफ एजुकेशन)
- पत्रकारिता में डिप्लोमा (Diploma in Journalism)
- साहित्य रत्न
- कृषि विशारद
