UP CM child interaction : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ का एक बेहद भावुक और चर्चाओं से भरा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। अपने आध्यात्मिक आधार क्षेत्र गोरखपुर प्रवास के दौरान, मुख्यमंत्री का एक नन्ही प्रशंसक के साथ हुआ संवाद न केवल मानवीय संवेदनाओं को दर्शाता है, बल्कि प्रदेश की राजनीतिक फिजाओं में 'बुलडोजर' की गूंज को एक बार फिर केंद्र में ले आया है। भगवा वस्त्रों में सजे मुख्यमंत्री ने प्रोटोकॉल और व्यस्तताओं को दरकिनार कर एक छोटी बच्ची के प्रति जो स्नेह दिखाया, उसने वहां मौजूद सभी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

चॉकलेट और बुलडोजर का रोचक आदान-प्रदान :

घटना उस समय की है जब मुख्यमंत्री मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं से मुलाकात कर रहे थे। इसी दौरान 'यशस्विनी' नामक एक छोटी बच्ची उनके करीब पहुंची। नन्ही यशस्विनी ने मुख्यमंत्री को उपहार स्वरूप एक 'खिलौना बुलडोजर' भेंट किया। मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए न केवल उस खिलौने को स्वीकार किया, बल्कि बच्ची को प्यार से दुलारते हुए उसे बदले में एक चॉकलेट भेंट की। इस संक्षिप्त लेकिन प्रभावशाली मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने बच्ची को मन लगाकर पढ़ाई करने की सलाह दी और उसके बाद खिलौना उसे वापस सौंप दिया। यह दृश्य वहां मौजूद कैमरों में कैद हो गया और देखते ही देखते यह खबर राष्ट्रीय सुर्खियों का हिस्सा बन गई।



प्रशासनिक प्रतीक और राजनीतिक चर्चा का केंद्र :

इस घटना ने इंटरनेट की दुनिया में एक नई बहस को जन्म दे दिया है। मुख्यमंत्री के समर्थकों के लिए यह एक 'हृदयस्पर्शी' क्षण है, जिसे वे उनके शासन के उस सख्त चेहरे से जोड़कर देख रहे हैं जहाँ 'बुलडोजर' अवैध कब्जों और माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई का पर्याय बन चुका है। समर्थकों का तर्क है कि यह घटना दर्शाती है कि शासन की नीतियां जनमानस के भीतर, यहाँ तक कि बच्चों के खेलों तक में अपनी जगह बना चुकी हैं।



वहीं दूसरी ओर, इस घटना को लेकर आलोचनात्मक स्वर भी सुनाई दे रहे हैं। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों और विरोधियों ने मुख्यधारा के मीडिया पर इस छोटी सी घटना को जरूरत से ज्यादा तवज्जो देने का आरोप लगाया है। आलोचकों का मानना है कि एक मासूम बच्चे के माध्यम से एक विवादास्पद नीति को 'सॉफ्ट पावर' की तरह पेश करना उचित नहीं है, खासकर तब जब बुलडोजर की कार्रवाई की कानूनी निष्पक्षता को लेकर अदालत और सार्वजनिक मंचों पर लगातार बहस जारी है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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