आस्था, बीमारी या फिर भगवान का कोई संदेश, बिजनौर के मंदिर में हनुमान प्रतिमा की अनवरत परिक्रमा करता कुत्ता बना कौतूहल का केंद्र
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में एक कुत्ता पिछले कई दिनों से हनुमान प्रतिमा की अनवरत परिक्रमा कर रहा है। नदपुर खुर्द के नंदलाल देवता मंदिर की इस घटना ने लोगों को अचंभे में डाल दिया है। जहाँ श्रद्धालु इसे दैवीय चमत्कार मान रहे हैं, वहीं विशेषज्ञ इसे गंभीर दिमागी बीमारी बता रहे हैं। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के एक शांत गांव में इन दिनों श्रद्धा और विस्मय का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। नदपुर खुर्द गांव स्थित निर्माणाधीन 'नंदलाल देवता मंदिर' में एक लावारिस कुत्ते की रहस्यमयी गतिविधि ने न केवल स्थानीय ग्रामीणों, बल्कि सोशल मीडिया जगत को भी अचंभे में डाल दिया है। बीते 13 जनवरी से यह कुत्ता बिना रुके भगवान हनुमान की प्रतिमा के चारों ओर परिक्रमा कर रहा है, जिसे देख लोग इसे दैवीय चमत्कार मान रहे हैं।
घटनाक्रम: घंटों से जारी है अनवरत 'प्रदक्षिणा'
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह बेजुबान जानवर मंदिर परिसर में दाखिल हुआ और अचानक हनुमान जी की मूर्ति के चक्कर लगाने लगा। स्थानीय रिपोर्टों की मानें तो यह सिलसिला पिछले 36 घंटों से लेकर चार दिनों तक लगातार जारी है। कुत्ता कभी दक्षिणावर्त (Clockwise) तो कभी वामावर्त (Anti-clockwise) दिशा में निरंतर घूम रहा है।
मामले के मुख्य बिंदु:
- स्थान: नंदलाल देवता मंदिर, ग्राम नदपुर खुर्द, जिला बिजनौर।
- आस्था का सैलाब: इस दृश्य को देखने के लिए दूर-दराज के गांवों से श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। लोग इसे 'बजरंग बली' की भक्ति से जोड़कर देख रहे हैं और कुत्ते को प्रसाद अर्पित कर भजन-कीर्तन कर रहे हैं।
- स्थान परिवर्तन: चौंकाने वाली बात यह है कि कुछ समय बाद कुत्ते ने अपनी परिक्रमा का केंद्र बदला और पास ही स्थित मां दुर्गा की प्रतिमा के चक्कर काटना शुरू कर दिया।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण और चिंता के स्वर
जहाँ एक ओर ग्रामीण इसे आध्यात्मिक दृष्टि से देख रहे हैं, वहीं पशु विशेषज्ञों और समाज के एक वर्ग ने इस पर चिंता जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यवहार किसी 'चमत्कार' के बजाय एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर (तंत्रिका तंत्र संबंधी विकार) का संकेत हो सकता है। चिकित्सा विज्ञान में इस स्थिति को 'सर्कलिंग' कहा जाता है, जो मस्तिष्क में संक्रमण या चोट के कारण उत्पन्न हो सकती है।
पशु प्रेमियों ने प्रशासन से मांग की है कि जानवर को तुरंत पशु चिकित्सक की देखरेख में ले जाया जाए, क्योंकि इतने लंबे समय तक बिना भोजन-पानी के निरंतर घूमना कुत्ते के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
वर्तमान में, यह निर्माणाधीन मंदिर एक तीर्थ स्थल में तब्दील हो चुका है। इंटरनेट पर प्रसारित वीडियोज़ को लाखों लोग देख रहे हैं, जिससे यह मामला राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि स्थानीय प्रशासन इस स्थिति में हस्तक्षेप कर उस बेजुबान को चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराता है या यह घटना आस्था के इसी शोर में दबी रह जाएगी।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
