उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में वर्ष 2019 में गिल्ली-डंडा खेलने के दौरान हुए विवाद ने एक गंभीर मोड़ ले लिया, जिसमें अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। शहर के गाड़ीपुरा मोहल्ले में घटित इस मामले में आरोपी आफताब पर चाकू से जानलेवा हमला करने का आरोप सिद्ध हुआ, जिसके चलते अदालत ने उसे पांच वर्ष की कैद और दस हजार रुपये जुर्माने का दंड दिया है। इसके अतिरिक्त, घटना में इस्तेमाल किए गए चाकू की बरामदगी के आधार पर आर्म्स एक्ट के तहत भी आरोपी को एक वर्ष के कारावास और एक हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 23 अगस्त 2019 की है, जब गाड़ीपुरा निवासी आफताब का गिल्ली-डंडा खेलने के दौरान मोहल्ले के ही 16 वर्षीय किशोर हसन से विवाद हो गया था। यह विवाद इतना बढ़ गया कि आफताब ने हसन पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद लोगों ने आनन-फानन में घायल किशोर को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। घायल के पिता की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी आफताब के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने अपराध में प्रयुक्त चाकू बरामद कर आरोपी के विरुद्ध साक्ष्य जुटाए और आर्म्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई सुनिश्चित की। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-1) की अदालत में हुई। अदालत ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत पुख्ता साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का गहन अवलोकन करने के उपरांत आफताब को दोषी ठहराया और दोनों धाराओं के तहत कुल छह वर्ष की सजा तथा 11 हजार रुपये के कुल जुर्माने का आदेश पारित किया।

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