एटा में एक विधवा महिला की शिकायत की जांच करने पहुंचीं राज्य महिला आयोग की सदस्य रेनू गौड़ के सामने उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब आरोपी बताए जा रहे डॉक्टर दंपत्ति ने न केवल आयोग सदस्य बल्कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) और उनकी टीम के साथ भी अभद्रता की। घटना का वीडियो भी सामने आया है। मामले के बाद सीएमओ एटा डॉ. राजेंद्र प्रसाद, उनकी टीम और राज्य महिला आयोग की सदस्य रेनू गौड़ बिना किसी निष्कर्ष के वापस लौट गईं। आयोग सदस्य का कहना है कि अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट के बिना सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था से जुड़े सवाल उठाने पर डॉक्टर दंपत्ति भड़क गए। उन्होंने कहा कि मामले में कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।

मामला कोतवाली नगर क्षेत्र स्थित बली मुहम्मद चौराहा का है। शिकायतकर्ता विधवा महिला ज्योति जैन के अनुसार उन्होंने अपने एक मंजिला मकान का ग्राउंड फ्लोर डॉक्टर शैलेंद्र जैन को सीटी स्कैन मशीन स्थापित करने के लिए किराए पर दिया था। इसके लिए 15 वर्ष का एग्रीमेंट भी किया गया था। महिला का आरोप है कि डॉक्टर दंपत्ति ने गुंडागर्दी के बल पर मकान की दूसरी मंजिल पर भी जबरन अवैध कब्जा कर लिया और उसी हिस्से में सीटी स्कैन मशीन का यूपीएस स्थापित कर दिया। विरोध करने पर उन्हें और उनकी बेटी को जान से मरवाने तथा झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।

पीड़िता के अनुसार घटना की सूचना पहले डायल 112 पर दी गई थी, जिसके बाद कोतवाली नगर पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों पक्षों के बीच बातचीत का सिलसिला चलता रहा, लेकिन समाधान नहीं निकला। इसके बाद महिला ने न्याय की मांग करते हुए राज्य महिला आयोग में लिखित शिकायत दर्ज कराई।

बुधवार दोपहर करीब 2 बजे राज्य महिला आयोग की सदस्य रेनू गौड़ एटा में महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की जनसुनवाई के लिए पहुंचीं। उन्होंने पीड़िता की शिकायत सुनने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सन्मति सेवा धाम सीटी स्कैन पैथोलॉजी डायग्नोस्टिक सेंटर का निरीक्षण किया। आयोग सदस्य दोनों पक्षों की मौजूदगी में मामले की सुनवाई कर रही थीं, तभी डॉक्टर शैलेंद्र जैन और उनकी पत्नी डॉ. रूपा जैन कथित रूप से नाराज हो गए। आरोप है कि डॉ. रूपा जैन ने राज्य महिला आयोग की सदस्य के साथ अभद्रता की, जबकि डॉ. शैलेंद्र जैन ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी की मौजूदगी में स्वास्थ्य विभाग की टीम से तीखी नोकझोंक की।

प्रकरण पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि अस्पताल पंजीकृत है। उन्होंने कहा कि सीटी स्कैन मशीन के लिए रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर की नियुक्ति हेतु अस्पताल संचालक ने आवेदन दिया था, जिस पर समिति विचार कर रही थी। इसी दौरान संचालक ने रेडियोलॉजिस्ट बदलने का नया आवेदन भी प्रस्तुत कर दिया। चूंकि पूरी प्रक्रिया समिति के स्तर पर तय की जाती है, इसलिए अभी तक रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हो सकी है। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान सीटी स्कैन मशीन बंद मिली।

राज्य महिला आयोग की सदस्य रेनू गौड़ ने बताया कि वह विधवा महिला की अवैध कब्जे की शिकायत की जांच के लिए पहुंची थीं। उनके साथ सीएमओ एटा और स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौजूद थी। उन्होंने कहा कि मौके पर एक महिला मरीज सीटी स्कैन कराने के लिए बैठी थी। जानकारी लेने पर पता चला कि वहां रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर मौजूद नहीं थे। इसके बाद उन्होंने मरीज को मेडिकल कॉलेज जाने की सलाह दी। आयोग सदस्य के अनुसार इसी बात पर डॉ. रूपा जैन भड़क गईं और अभद्र व्यवहार करने लगीं, जबकि उनके पति डॉ. शैलेंद्र जैन स्वास्थ्य विभाग की टीम पर चीखने-चिल्लाने लगे। उन्होंने कहा कि यह विधवा महिला की जमीन पर कथित अवैध कब्जे का मामला है, जिसकी जांच की जा रही है और इस प्रकरण में कार्रवाई तय की जाएगी।

मामले में शिकायतकर्ता ज्योति जैन का भी बयान दर्ज किया गया। घटना के दौरान हुई कथित अभद्रता का वीडियो सामने आने के बाद पूरा मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब जांच और प्रस्तावित कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

Pratahkal Bureau

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