सकीट में 61 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय रोका, पोषण ट्रैकर फीडिंग में लापरवाही
एटा के सकीट में पोषण ट्रैकर और टीएचआर फीडिंग में तय प्रगति नहीं मिलने पर 61 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का अगस्त 2026 का मानदेय रोक दिया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

तस्वीर में एटा के विकास भवन की इमारत और उस पर लगा पीला बोर्ड दिखाई दे रहा है।
एटा जिले के सकीट क्षेत्र में 61 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय को रोकने की कार्रवाई की गई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी, एटा संजय कुमार सिंह ने 24 अगस्त 2026 को जारी पत्र में संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय तत्काल स्टॉप किए जाने के निर्देश दिए हैं।
मामला बाल विकास परियोजना सकीट के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषण ट्रैकर से संबंधित कार्य में लापरवाही का है। बाल विकास परियोजना अधिकारी, सकीट-एटा के कार्यालय पत्र संख्या सी-91, दिनांक 24 अगस्त 2026 के माध्यम से बाल विकास परियोजना के अंतर्गत तैनात कुल 61 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सूची प्रस्तुत कर अवगत कराया गया कि सूची में अंकित सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा एफएसआरओआरएस० के दिनांक 24.08.2026 तक पोषण ट्रैकर में न्यूनतम तय की गई प्रगति के अनुसार कार्य नहीं किया गया।
पत्र में कहा गया कि परियोजना स्तर से नियमित अनुश्रवण दूरभाष के माध्यम से किया गया, इसके बावजूद प्रगति में कोई सुधार नहीं किया गया। इसी स्थिति के कारण कुल 61 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय को स्टॉप किए जाने के लिए संस्तुति की गई। साथ ही, 24 अगस्त 2026 को आयोजित आकांक्षात्मक समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा फीडिंग की खराब प्रगति को देखते हुए मानदेय को रोकने का निर्देश दिया गया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी के आदेश के अनुसार उक्त संस्तुति के आधार पर पत्र के साथ संलग्न सूची में अंकित कुल 61 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय तत्काल स्टॉप किया जाता है। साथ ही निर्देश दिया गया कि माह अगस्त 2026 का शत-प्रतिशत पोषाहार एफएसआरओआरएस० के माध्यम से दो दिन के अंदर पूर्ण करना सुनिश्चित करें।
आदेश में यह भी कहा गया कि अनुश्रया की स्थिति में यह मान लिया जाएगा कि शासन स्तर से आपूर्ति होने वाले अनुपूरक पोषाहार का व्यक्तिगत हित में उपभोग किया जा रहा है, जो मानदेय सेवा नियमावली के विरुद्ध है। आदेश में स्पष्ट किया गया कि उक्त गबन किए गए पोषाहार की वसूली संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय से की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी उनकी स्वयं की होगी।
इससे पहले बाल विकास परियोजना अधिकारी, सकीट-एटा ने 24 अगस्त 2026 को जिला कार्यक्रम अधिकारी, एटा को पत्र भेजकर बताया था कि 20 अगस्त 2026 को पोषण ट्रैकर का अवलोकन किया गया। इसमें कतिपय केंद्रों पर तैनात कार्यकर्ताओं द्वारा टीएचआर फीडिंग का कार्य नहीं किया गया था। 22 अगस्त 2026 को आयोजित डीएनएससी बैठक में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया था कि अगस्त 2026 में जिन आंगनबाड़ी केंद्रों की टीएचआर फीडिंग शत-प्रतिशत नहीं है, उन कार्यकर्ताओं का अगस्त 2026 का मानदेय भुगतान नहीं किया जाए।
बाल विकास परियोजना के अंतर्गत 228 के सापेक्ष कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में से क्रमांक 01 से लेकर क्रमांक 61 तक की कार्यकर्ताओं का मानदेय रोका जाना अतिआवश्यक बताया गया। बाल विकास परियोजना अधिकारी ने माह अगस्त 2026 में टीएचआर फीडिंग का कार्य न करने वाली क्रमांक 01 से 61 तक की कार्यकर्ताओं का मानदेय अवरुद्ध किए जाने की संस्तुति की।
जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा जारी पत्र की प्रतिलिपि निदेशक, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार, उत्तर प्रदेश लखनऊ, जिलाधिकारी एटा, मुख्य विकास अधिकारी एटा, बाल विकास परियोजना अधिकारी सकीट एटा तथा कार्यालय प्रति को भेजी गई है। वहीं बाल विकास परियोजना अधिकारी के पत्र की प्रतिलिपि जिलाधिकारी एटा, मुख्य विकास अधिकारी एटा, संबंधित क्षेत्रीय मुख्य सेविका और ब्लॉक कोऑर्डिनेटर सकीट को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई।
पोषण ट्रैकर फीडिंग की प्रगति में सुधार नहीं होने और अगस्त 2026 में टीएचआर फीडिंग का कार्य नहीं किए जाने को लेकर की गई यह कार्रवाई अब 61 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय पर सीधे असर डाल रही है।

Vikas Dube, Etah and Kasganj (Uttar pradesh)
विकास दुबे एटा और कासगंज जनपद में सक्रिय पत्रकार हैं, जो स्थानीय मुद्दों, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य, शिक्षा और अपराध से जुड़ी खबरों की गहन और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग करते हैं। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों की जमीनी हकीकत को सरल एवं प्रभावशाली भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी विशेष पहचान है। जनसरोकार से जुड़े विषयों पर सतत सक्रिय रहते हुए वे क्षेत्र की महत्वपूर्ण घटनाओं को प्रमुखता से सामने लाने का कार्य कर रहे हैं।
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