एटा में मतदेय स्थलों के रेशनलाइजेशन पर सर्वदलीय बैठक, निर्वाचन आयोग के निर्देशों पर मांगे सुझाव
एटा में मतदेय स्थलों के रेशनलाइजेशन को लेकर जिलाधिकारी अरविन्द सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक हुई। निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत सुझाव और आपत्तियां मांगी गईं।

तस्वीर में एटा कलेक्ट्रेट सभागार के भीतर उत्तर प्रदेश सरकार के राजकीय चिह्न और 'सभागार एटा' लिखे बोर्ड के सामने मेज पर बैठक करते अधिकारी और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि नजर आ रहे हैं।
भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशों के क्रम में जनपद एटा में मतदेय स्थलों के संभाजन (Rationalization) को लेकर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अरविन्द सिंह की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनीतिक दलों के अध्यक्षों, प्रतिनिधियों तथा संबंधित अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और मतदाता हितैषी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदेय स्थलों के संभाजन की कार्यवाही निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण की जानी है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाताओं को अधिक सुविधाजनक, सुगम एवं पारदर्शी मतदान व्यवस्था उपलब्ध कराना है, ताकि प्रत्येक पात्र मतदाता अपने मताधिकार का सहजता से प्रयोग कर सके।
जिलाधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मतदेय स्थलों के संबंध में अपने सुझाव एवं आपत्तियां समयबद्ध ढंग से उपलब्ध कराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्राप्त सुझावों का परीक्षण निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जा रहा है तथा पूरी प्रक्रिया निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई जाएगी।
बैठक में निर्वाचन आयोग के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि जहां आवश्यकता होगी, वहां मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मतदेय स्थलों का पुनर्गठन किया जाएगा। विशेष रूप से ऐसे मतदेय स्थलों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा जहां मतदाताओं की संख्या 1200 से अधिक है, मतदान केंद्र की दूरी 2 किमी से अधिक है अथवा मतदान केंद्रों के पुनर्संतुलन एवं मूलभूत सुविधाओं की आवश्यकता है।
बैठक में विभिन्न मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग करते हुए निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी एवं मतदाता हितैषी बनाने के संबंध में अपने सुझाव प्रस्तुत किए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) लालता प्रसाद शाक्य, अपर जिलाधिकारी न्यायिक रमेश मौर्य, उप जिलाधिकारीगण, निर्वाचन कार्यालय के अधिकारी तथा समस्त मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। अंत में जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करते हुए मतदेय स्थलों के संभाजन की कार्यवाही निर्धारित समयावधि में पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपन्न करने के निर्देश दिए।

Vikas Dube, Etah and Kasganj (Uttar pradesh)
विकास दुबे एटा और कासगंज जनपद में सक्रिय पत्रकार हैं, जो स्थानीय मुद्दों, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य, शिक्षा और अपराध से जुड़ी खबरों की गहन और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग करते हैं। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों की जमीनी हकीकत को सरल एवं प्रभावशाली भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी विशेष पहचान है। जनसरोकार से जुड़े विषयों पर सतत सक्रिय रहते हुए वे क्षेत्र की महत्वपूर्ण घटनाओं को प्रमुखता से सामने लाने का कार्य कर रहे हैं।
वर्तमान पद: संवाददाता / रिपोर्टर, प्रातःकाल
बीट (विस्तृत जानकारी):
- स्थानीय समाचार (एटा एवं कासगंज जनपद)
- प्रशासनिक गतिविधियां एवं सरकारी योजनाएं
- स्वास्थ्य विभाग और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की खबरें
- शिक्षा एवं विद्यालय संबंधी समाचार
- अपराध एवं पुलिस कार्यवाही
- सामाजिक और जनहित से जुड़े मुद्दे
- व्यापारिक एवं बाजार गतिविधियां
कार्य क्षेत्र:
जिला एटा एवं कासगंज, उत्तर प्रदेश
अनुभव से जुड़ी जानकारी:
- क्षेत्रीय पत्रकारिता और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर सक्रिय रिपोर्टिंग
- ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की घटनाओं की नियमित कवरेज
- 15 मई 2026 से प्रातःकाल के साथ जुड़े हुए हैं
- वर्तमान में दैनिक भास्कर ऐप डिजिटल, पब्लिक ऐप और एबीसी चैनल में रिपोर्टर हूं और टाइम्स ऑफ इंडिया के लिए इनपुट भेजता हूं।
शिक्षा से जुड़ी जानकारी:
स्नातक
