उत्तर प्रदेश के एटा में भगवान श्रीकृष्ण को लेकर बागेश्वर धाम के महंत पंडित धीरेन्द्र शास्त्री की कथित अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में अधिवक्ताओं का आक्रोश सामने आया। दर्जनों अधिवक्ताओं ने एकत्रित होकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपा और पंडित धीरेन्द्र शास्त्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की। इसके बाद अधिवक्ताओं ने कचहरी के समीप उनका पुतला फूंकने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने पुतला छीन लिया। इस दौरान पुलिसकर्मियों और अधिवक्ताओं के बीच झड़प भी हुई।

जानकारी के अनुसार, बागेश्वर धाम के महंत पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण को लेकर एक टिप्पणी की थी। अधिवक्ताओं का आरोप है कि इस टिप्पणी में भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया, जिससे सनातन धर्म और हिंदू समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। इसी मुद्दे को लेकर अधिवक्ता समाज में नाराजगी थी।

इसके विरोध में दर्जनों अधिवक्ता एकत्रित होकर एटा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलमारन से मिले। उन्होंने पंडित धीरेन्द्र शास्त्री के नाम लिखित शिकायती पत्र सौंपते हुए मामले में एफआईआर दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की।

शिकायत सौंपने के बाद अधिवक्ताओं ने कचहरी के समीप पंडित धीरेन्द्र शास्त्री का पुतला फूंकने का प्रयास किया। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए पुतला अपने कब्जे में ले लिया। इस दौरान अधिवक्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प हुई। पुलिस की मुस्तैदी के चलते पुतला नहीं जलाया जा सका।

अधिवक्ता सर्वेंद्र यादव ने बताया कि बागेश्वर धाम के महंत पंडित धीरेन्द्र शास्त्री द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को लेकर की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी से हिंदू भाइयों की भावनाएं आहत हुई हैं। इसी मुद्दे पर अधिवक्ता समाज में आक्रोश था। सभी अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर एटा के एसपी को लिखित शिकायत दी और रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। इसके बाद कचहरी परिसर में पुतला फूंकने का प्रयास किया गया।

इस दौरान सर्वेंद्र यादव अधिवक्ता पूर्व उपाध्यक्ष, रमेश यादव पूर्व अध्यक्ष, श्यामवीर सिंह यादव, प्रशांत यादव, अविनाश यादव, दिनेश यादव रानू, संदीप यादव, पुष्पलता यादव, अर्जुन सिंह यादव, प्रवेंद्र यादव, लोकेंद्र वर्मा, अवधेश शाक्य, रमेश तिवारी और रोशन पांडे सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।

मामले में अधिवक्ताओं ने पंडित धीरेन्द्र शास्त्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग उठाई है। वहीं, कचहरी के समीप पुतला दहन के प्रयास को पुलिस ने रोक दिया। इस घटनाक्रम के बाद भगवान श्रीकृष्ण पर की गई कथित टिप्पणी को लेकर अधिवक्ताओं का विरोध और पुलिस की कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है।

Vikas Dube, Etah and Kasganj (Uttar pradesh)

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विकास दुबे एटा और कासगंज जनपद में सक्रिय पत्रकार हैं, जो स्थानीय मुद्दों, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य, शिक्षा और अपराध से जुड़ी खबरों की गहन और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग करते हैं। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों की जमीनी हकीकत को सरल एवं प्रभावशाली भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी विशेष पहचान है। जनसरोकार से जुड़े विषयों पर सतत सक्रिय रहते हुए वे क्षेत्र की महत्वपूर्ण घटनाओं को प्रमुखता से सामने लाने का कार्य कर रहे हैं।

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