एटा जिले के पिलुआ थाना क्षेत्र स्थित हजारा नहर में भागवत कथा का कलश विसर्जन करने आए एक 18 वर्षीय युवक की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पिलुआ पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर पीएसी (PAC) के गोताखोरों की मदद से युवक के शव को खोजने के लिए व्यापक रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, जो समाचार लिखे जाने तक जारी है।

प्राप्त विवरण के अनुसार, फिरोजाबाद जिले के थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव महाराजपुर निवासी 18 वर्षीय विकास, पुत्र जादौन सिंह, एटा के पिलुआ थाना क्षेत्र स्थित गांव गदुआ में अपने मामा के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए माता-पिता के साथ आया था। अपने परिजनों को मामा के घर छोड़ने के पश्चात, विकास पास के गांव नगला गूलर से भागवत कथा के समापन के बाद कलश विसर्जन के लिए दोस्तों के साथ हजारा नहर पहुँचा। चश्मदीदों के अनुसार, विसर्जन के दौरान विकास जैसे ही नहर के अंदर गया, वह गहरे पानी में चला गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विकास को कुछ दूरी तक तैरते हुए देखा गया, जिसके बाद वह अचानक गहरे पानी में ओझल हो गया।

घटना की सूचना मिलने पर पहुंची पिलुआ पुलिस ने बिना देरी किए पीएसी के गोताखोरों को बुलाया और सर्च ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन काफी प्रयास के बावजूद देर शाम तक सफलता नहीं मिल सकी। जिला आपदा विशेषज्ञ राणा प्रताप सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने बताया कि प्राथमिक जानकारी में सामने आया है कि कलश विसर्जन के दौरान नहाने के प्रयास में युवक गहराई में चला गया। आपदा प्रबंधन टीम और क्षेत्रीय लेखपाल को मौके पर तैनात किया गया है। उन्होंने पीड़ित परिवार को सांत्वना देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष के अंतर्गत मिलने वाली सरकारी सहायता राशि की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि पीड़ित परिवार को हरसंभव आर्थिक मदद शीघ्र उपलब्ध कराई जा सके। प्रशासन और स्थानीय पुलिस की टीम निरंतर खोजबीन में जुटी हुई है।

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