अलीगंज, एटा। ब्रांडेड कंपनी के नाम का सहारा लेकर नकली ऑटो पार्ट्स बेचने का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। कोतवाली अलीगंज पुलिस ने एक दुकान पर छापेमारी कर भारी मात्रा में संदिग्ध ऑटो पार्ट्स बरामद किए हैं। कंपनी के जांच अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने दुकानदार के खिलाफ कॉपीराइट अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है।


घटनाक्रम के अनुसार, आईपीआर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के जांच अधिकारी अजय कुमार को सूचना मिली थी कि कस्बा अलीगंज में कुछ दुकानदार 'वैल्यू' कंपनी के नाम का दुरुपयोग कर अनधिकृत और नकली पार्ट्स की बिक्री कर रहे हैं। इस गोपनीय सूचना की पुष्टि के लिए जांच अधिकारी ने बाजार में पड़ताल की, जिसके बाद उन्होंने 14 जून 2026 को कोतवाली अलीगंज पुलिस को मामले से अवगत कराया।

कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह के निर्देश पर एक पुलिस टीम और कंपनी प्रतिनिधि ने अमरोली रोड स्थित 'कृष्णा कार सर्विस सेंटर' पर दबिश दी। जांच के दौरान दुकान से टाटा एसी लिखे पांच क्लच सेट बरामद किए गए। पूछताछ में दुकानदार की पहचान प्रबल प्रताप सिंह पुत्र जाहर सिंह के रूप में हुई। कंपनी प्रतिनिधि का आरोप है कि बरामद उत्पादों की पैकिंग पर न तो कंपनी की अधिकृत सील थी और न ही पॉलीथीन पर कंपनी का नाम अंकित था, जो इसे प्रथम दृष्टया नकली सिद्ध करता है।

पुलिस ने कंपनी अधिकारी की तहरीर पर आरोपी प्रबल प्रताप सिंह के विरुद्ध कॉपीराइट अधिनियम 1957 की धारा 63 और 65 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। बरामद उत्पादों में से एक नमूने को सील-मोहर कर सुरक्षित किया गया है, जबकि शेष चार क्लच सेटों को साक्ष्य के तौर पर कब्जे में ले लिया गया है। थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि बरामद सामान की विस्तृत जांच कराई जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह मामला न केवल ब्रांड सुरक्षा बल्कि सड़क सुरक्षा के लिहाज से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि नकली ऑटो पार्ट्स का उपयोग वाहनों की कार्यक्षमता और यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकता है।

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