एटा: जिलाधिकारी ने प्रगतिशील किसान के फार्म पर नवाचारों का किया अवलोकन, जैविक खेती पर जोर
एटा जिले के जैथरा क्षेत्र के ग्राम मानपुर में जिलाधिकारी अरविंद सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इला मारन ने प्रगतिशील किसान विनोद चौहान के कृषि फार्म पर जाकर आधुनिक कृषि तकनीकों का जायजा लिया।

एटा के ग्राम मानपुर में प्रगतिशील कृषक विनोद चौहान के फार्म पर बायोफ्लॉक मत्स्य पालन और वर्मी कम्पोस्ट गतिविधियों का निरीक्षण कर चर्चा करते जिलाधिकारी अरविंद सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं अन्य अधिकारी।
एटा जिले के विकास खंड जैथरा क्षेत्र के ग्राम मानपुर में मंगलवार को उस समय कृषि नवाचारों की तस्वीर सामने आई जब जिलाधिकारी अरविंद सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इला मारन ने प्रगतिशील कृषक विनोद चौहान के कृषि फार्म का भ्रमण किया। इस दौरान अधिकारियों ने खेत में किए जा रहे विविध अभिनव प्रयोगों का बारीकी से अवलोकन किया और किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
भ्रमण के दौरान कृषक विनोद चौहान द्वारा वर्मी कम्पोस्ट खाद निर्माण, बायोफ्लॉक टैंक के माध्यम से मत्स्य पालन, गेंदा फूलों की खेती, औषधीय पौधों की खेती सहित अन्य कृषि आधारित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने फार्म पर अपनाए गए इन प्रयोगों को सराहनीय बताते हुए कहा कि ऐसे मॉडल कृषि क्षेत्र में नई दिशा प्रदान कर सकते हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि किसान परंपरागत खेती से आगे बढ़कर जैविक एवं आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के सीमित उपयोग पर बल देते हुए प्राकृतिक खेती को समय की आवश्यकता बताया। साथ ही उन्होंने किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के माध्यम से गेंदा, गुलाब सहित पुष्प उत्पादन तथा कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग की संभावनाओं को तलाशने की सलाह दी।
उन्होंने किसानों को गेंदा, हल्दी, स्ट्रॉबेरी जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती की ओर बढ़ने तथा बाजार की मांग के अनुसार फसल चयन करने का सुझाव दिया, जिससे बेहतर मूल्य प्राप्त किया जा सके। अधिकारियों ने यह भी उल्लेख किया कि प्रदेश में मछली एवं अंडा उत्पादन की मांग की तुलना में कमी है, ऐसे में किसान इस क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
जिलाधिकारी ने जल संरक्षण पर जोर देते हुए स्प्रिंकलर एवं ड्रिप सिंचाई प्रणाली अपनाने तथा सौर ऊर्जा संचालित पंपों के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने “वन ड्रॉप-मोर क्रॉप” की अवधारणा को व्यवहार में लाने का आह्वान किया। इसके साथ ही उन्होंने किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र एवं कृषि विभाग से जुड़कर तकनीकी जानकारी, प्रशिक्षण एवं सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने की अपील की।
इस अवसर पर उपनिदेशक कृषि सुमित कुमार, जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह सहित क्षेत्र के किसान एवं ग्रामीणजन मौजूद रहे। अधिकारियों का यह भ्रमण कृषि में नवाचार और आत्मनिर्भर खेती की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश देता दिखाई दिया।

Pratahkal Bureau
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