एटा के मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के बाहर गुरुवार को सैकड़ों स्वास्थ्य कर्मी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संगठन के बैनर तले कर्मचारियों ने नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन सहित छह प्रमुख मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष अरविंद सिंह चौहान के नेतृत्व में आयोजित इस धरने के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने सरकार से मांगों पर कार्रवाई की अपील करते हुए अपनी आवाज बुलंद की।

एनएचएम स्वास्थ्य कर्मियों का तीन दिवसीय धरना मांगों को लेकर जारी है। संगठन की दो प्रमुख मांगों में नियमितीकरण और समान कार्य के लिए समान वेतन शामिल हैं। संगठन का कहना है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत समस्त एनएचएम संविदा कार्मिक विगत 18 वर्षों से अधिक समय से निरंतर सेवा दे रहे हैं, इसलिए उनका स्वास्थ्य विभाग में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत नियमितीकरण किया जाए। संगठन ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़, हरियाणा और महाराष्ट्र में 10 वर्ष अथवा उससे अधिक समय से निरंतर सेवा वाले एनएचएम संविदा कार्मिकों के नियमितीकरण की प्रक्रिया चल रही है।

संगठन ने नियमितीकरण और समान कार्य-समान वेतन की मांग पूरी होने तक अन्य आवश्यक मांगों को पूरा करने की भी मांग उठाई है। इनमें एनएचएम संविदा कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों के लिए कम से कम 10 लाख रुपये की फैमिली फ्लोटर कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस सुविधा शामिल है। संगठन के अनुसार एनएचएम संविदा कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग की सेवा में रहते हुए निरंतर संक्रमित मरीजों और रोगियों के संपर्क में रहते हैं, जिससे उन्हें बीमारी या संक्रमण का खतरा बना रहता है। संगठन ने बताया कि छत्तीसगढ़ में एनएचएम संविदा कार्मिकों के लिए न्यूनतम 10 लाख रुपये की कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है।

कर्मचारियों ने बढ़ती महंगाई और लंबी सेवा अवधि को देखते हुए सभी एनएचएम संविदा कर्मचारियों को महंगाई भत्ता, ईपीएफ की प्रभावी सुविधा एवं नियोक्ता अंशदान, पदानुसार निर्धारित एचआरए, चिकित्सा इकाइयों पर उपलब्ध राजकीय आवास और ग्रेच्युटी का लाभ देने की मांग भी रखी। संगठन के अनुसार हरियाणा में एनएचएम संविदा कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग आधारित पे स्ट्रक्चर, महंगाई भत्ता तथा सेवा अवधि के आधार पर एचआरए का प्रावधान है।

संगठन ने एनएचएम संविदा कर्मचारियों के लिए स्थानांतरण नीति बहाल करने की मांग की है। इसके तहत रिक्त पदों पर, म्यूचुअल स्थानांतरण और स्वयं के अनुरोध पर कर्मचारियों को गैर जनपद स्थानांतरण की सुविधा देने की मांग की गई है। संगठन ने कहा कि यह सुविधा वर्ष 2017 में लागू की गई थी।

संविदा कर्मचारी की सेवाकाल के दौरान मृत्यु होने की स्थिति में उसके परिवार को आर्थिक संकट से बचाने के लिए पात्र सदस्य को उसकी योग्यता के आधार पर विभाग में अनुकम्पा नियुक्ति देने के लिए नीति बनाने की मांग भी उठाई गई है। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जनपद स्तर और ब्लॉक स्तरीय सीएचसी पर आउटसोर्स के माध्यम से तैनात एमसीटीएस, आईडीएसपी, एचएमआईएस डाटा ऑपरेटर और कोविड-19 कर्मचारियों को जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित करने की मांग की गई है।

स्वास्थ्य विभाग में होने वाली नियमित पदों की भर्तियों में एनएचएम संविदा कर्मचारियों के लिए कम से कम 25 प्रतिशत सीटों का कोटा निर्धारित करने की मांग भी संगठन ने रखी है। संगठन का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की किसी भी नियमित पदों पर होने वाली भर्ती में एनएचएम संविदा कर्मचारियों के लिए यह कोटा निर्धारित किया जाना चाहिए।

धरने के दौरान संगठन के जिलाध्यक्ष अरविंद सिंह चौहान ने बताया कि संगठन की दो मुख्य मांगें नियमितीकरण और समान कार्य-समान वेतन हैं। इसके अलावा ईपीएफ, ग्रेच्युटी, अनुकम्पा नियुक्ति सहित तमाम अन्य मांगों को लेकर भी प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी कर रही है और संगठन सरकार को जगाने का कार्य कर रहा है।

अरविंद सिंह चौहान ने बताया कि संगठन की ओर से 23 तारीख को ज्ञापन सौंपा जा चुका है। इसके बाद 5, 6 और 7 तारीख को सांकेतिक हड़ताल की गई थी। अब 8, 9 और 10 तारीख को धरना दिया जाएगा। इसके बाद 12 तारीख को लखनऊ के ईको गार्डन में धरना आयोजित किया जाएगा। इस तरह एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।

Vikas Dube, Etah and Kasganj (Uttar pradesh)

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विकास दुबे एटा और कासगंज जनपद में सक्रिय पत्रकार हैं, जो स्थानीय मुद्दों, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य, शिक्षा और अपराध से जुड़ी खबरों की गहन और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग करते हैं। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों की जमीनी हकीकत को सरल एवं प्रभावशाली भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी विशेष पहचान है। जनसरोकार से जुड़े विषयों पर सतत सक्रिय रहते हुए वे क्षेत्र की महत्वपूर्ण घटनाओं को प्रमुखता से सामने लाने का कार्य कर रहे हैं।

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