चंदौली में फिर सक्रिय हुआ शराब तस्करी नेटवर्क? RPF इनपुट पर 46.72 लीटर शराब के साथ चार गिरफ्तार
चंदौली में आरपीएफ इनपुट पर 46.72 लीटर अवैध शराब के साथ चार आरोपी गिरफ्तार हुए। पूछताछ में बिहार तक तस्करी के नेटवर्क को लेकर अहम खुलासा सामने आया।

चंदौली के अलीनगर थाने के सामने पुलिसकर्मियों के साथ खड़े चार आरोपी और उनके पास से जब्त किए गए बैग, जिन्हें पुलिस ने कब्जे में लिया है।
चंदौली में अलीनगर थाना पुलिस और आरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में 46.72 लीटर अवैध देशी और अंग्रेजी शराब के साथ चार लोगों की गिरफ्तारी ने एक बार फिर इस बात के संकेत दिए हैं कि चंदौली होकर बिहार तक शराब पहुंचाने वाला नेटवर्क फिर सक्रिय हो चुका है। पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार गिरफ्तार आरोपी ट्रेनों के जरिए शराब बिहार ले जाकर ऊंचे दामों पर बेचने की बात स्वीकार कर रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक आरपीएफ से प्राप्त इनपुट के आधार पर लोको कॉलोनी स्थित लोको ग्राउंड के पास चेकिंग अभियान चलाया गया। इसी दौरान चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से कुल 46.72 लीटर अवैध देशी और अंग्रेजी शराब बरामद हुई। इस मामले में थाना अलीनगर पर आबकारी अधिनियम की धारा 60 के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे विभिन्न शराब दुकानों से थोड़ी-थोड़ी मात्रा में शराब खरीदकर उसे इकट्ठा करते थे और ट्रेनों के माध्यम से बिहार ले जाकर अधिक कीमत पर बेचते थे। आरोपियों के इस खुलासे से संकेत मिलता है कि शराब की तस्करी सुनियोजित तरीके से की जा रही थी।
हाल के महीनों में चंदौली पुलिस द्वारा कई बड़ी शराब बरामदगी की कार्रवाई की जा चुकी है। इसके बावजूद लगातार हो रही बरामदगियां यह सवाल भी खड़ा करती हैं कि क्या तस्करी के बड़े नेटवर्क अभी भी सक्रिय हैं और कार्रवाई मुख्यतः शराब ढोने वाले कैरियरों तक ही सीमित रह जा रही है। हालांकि इसका निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
चंदौली की भौगोलिक स्थिति और बिहार की सीमा से रेल एवं सड़क संपर्क को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि केवल छिटपुट कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी। आवश्यकता इस बात की है कि पुलिस, आबकारी विभाग, आरपीएफ और जीआरपी संयुक्त रूप से लगातार अभियान चलाएं। रेलवे स्टेशन, ट्रेनों, बस अड्डों और सीमा से जुड़े संवेदनशील मार्गों पर नियमित संयुक्त चेकिंग से ऐसे नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
यदि यह अभियान लगातार और समन्वित तरीके से चलाया जाता है तो न केवल शराब तस्करी के कैरियर बल्कि इसके पीछे काम करने वाले बड़े सप्लायर, अपनी दुकानों से तस्करों को अवैध तरीके से शराब बेचने वाले और उनके पूरे नेटवर्क का भी पर्दाफाश होने की संभावना बढ़ सकती है।

Manmohan, Chandauli (Uttar pradesh)
नाम: मनमोहन
पद: रिपोर्टर (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: चंदौली (उत्तर प्रदेश)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम (अपराध) और प्रशासन
मूलमंत्र: निष्पक्ष, बेबाक और तथ्यपरक पत्रकारिता
परिचय (About Manmohan)
मनमोहन उत्तर प्रदेश के चंदौली क्षेत्र के एक सजग, निडर और समर्पित पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मनमोहन मुख्य रूप से क्राइम (अपराध) और स्थानीय प्रशासन से जुड़े मामलों को कवर करते हैं। उनका पत्रकारिता दृष्टिकोण पूरी तरह से "निष्पक्ष, बेबाक और तथ्यपरक" खबरों पर आधारित है, जिससे वे क्षेत्र की जनता के मुद्दों और प्रशासनिक सच्चाई को बिना किसी दबाव के सामने लाते हैं।
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मनमोहन को चंदौली जिले के जमीनी मुद्दों, भौगोलिक परिस्थितियों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली की गहरी समझ है। अपराध से जुड़ी घटनाओं की सटीक रिपोर्टिंग और प्रशासनिक कमियों व सुधारों को प्रमुखता से उठाना उनकी मुख्य विशेषता है। तथ्यों की गहराई में जाकर खबर की प्रामाणिकता जांचना उनके काम की शैली का हिस्सा है।
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एम.जे. (M.J. - Master of Journalism): मनमोहन पत्रकारिता में परास्नातक (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की डिग्री से योग्य हैं। उनकी यह उच्च प्रोफेशनल डिग्री और पत्रकारिता की सैद्धांतिक समझ उन्हें जटिल खबरों का तार्किक विश्लेषण करने और समाज के सामने एक जिम्मेदार मीडिया रिपोर्ट प्रस्तुत करने में सक्षम बनाती है।
