एसीएमओ पर चिकित्सक को धमकाने और रुपये मांगने का आरोप, नीमा ने सीएमओ से की कार्रवाई की मांग
चंदौली में डिप्टी सीएमओ पर चिकित्सक को धमकाने और 20 हजार रुपये मांगने का आरोप लगा है। नीमा ने जांच और कार्रवाई की मांग की है।

तस्वीर में नीमा संगठन के पदाधिकारी चंदौली में मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के बाहर शिकायती पत्र दिखाते हुए नजर आ रहे हैं।
चंदौली में आयुर्वेदिक चिकित्सक को कथित तौर पर धमकाने, मानसिक उत्पीड़न करने और रुपये मांगने के आरोप को लेकर बुधवार को नीमा संगठन के पदाधिकारियों ने मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. पारितोष मिश्रा से मुलाकात की। संगठन ने डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय यादव के खिलाफ शिकायत सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा आरोप सही पाए जाने पर एफआईआर सहित नियमानुसार कार्रवाई की मांग की।
नीमा संगठन की ओर से दिए गए शिकायती पत्र के मुताबिक, 13 अगस्त 2026 को डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय यादव चार-पांच लोगों के साथ चंदौली नगर स्थित राज क्लीनिक पहुंचे थे। वहां क्लीनिक संचालक डॉ. नरेश कुमार पटेल से पंजीकरण संबंधी दस्तावेज मांगे गए। संगठन का आरोप है कि पंजीकरण को फर्जी बताते हुए क्लीनिक सील करने और एफआईआर दर्ज कराने की धमकी दी गई।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि डॉ. नरेश कुमार पटेल पर कथित तौर पर करीब 20 हजार रुपये की व्यवस्था करने का दबाव बनाया गया। विरोध करने पर चिकित्सक को मानसिक रूप से परेशान करने और धमकाने का आरोप भी लगाया गया है।
मुख्यमंत्री पोर्टल की शिकायत पर हुई थी जांच
पूरे मामले पर सीएमओ डॉ. पारितोष मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री पोर्टल पर संबंधित चिकित्सक के खिलाफ शिकायत प्राप्त हुई थी। उसी शिकायत के संदर्भ में डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय यादव को जांच के लिए भेजा गया था।
सीएमओ के अनुसार, जांच के दौरान क्लीनिक संचालक ने बताया कि वह आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा पद्धति से इलाज के लिए पंजीकृत हैं। बुधवार को नीमा संगठन के पदाधिकारी डिप्टी सीएमओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर उनसे मिले और शिकायती पत्र सौंपा।
डॉ. पारितोष मिश्रा ने कहा कि शिकायत की जांच कराई जाएगी और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
जांच के बाद स्पष्ट होगी आरोपों की वास्तविकता
नीमा संगठन ने अपने शिकायती पत्र में संबंधित अधिकारी पर अधिकारों के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, धमकी देने अथवा 20 हजार रुपये मांगने के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे में इन आरोपों को फिलहाल शिकायतकर्ता संगठन के दावे के रूप में ही देखा जा रहा है।
मामले में विभागीय जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जांच के दौरान अधिकारी की ओर से कोई अनियमितता या नियमों का उल्लंघन हुआ था या नहीं। शिकायत की प्रतिलिपि उच्चाधिकारियों को भी भेजे जाने की बात संगठन की ओर से कही गई है।

Manmohan, Chandauli (Uttar pradesh)
नाम: मनमोहन
पद: रिपोर्टर (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: चंदौली (उत्तर प्रदेश)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम (अपराध) और प्रशासन
मूलमंत्र: निष्पक्ष, बेबाक और तथ्यपरक पत्रकारिता
परिचय (About Manmohan)
मनमोहन उत्तर प्रदेश के चंदौली क्षेत्र के एक सजग, निडर और समर्पित पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मनमोहन मुख्य रूप से क्राइम (अपराध) और स्थानीय प्रशासन से जुड़े मामलों को कवर करते हैं। उनका पत्रकारिता दृष्टिकोण पूरी तरह से "निष्पक्ष, बेबाक और तथ्यपरक" खबरों पर आधारित है, जिससे वे क्षेत्र की जनता के मुद्दों और प्रशासनिक सच्चाई को बिना किसी दबाव के सामने लाते हैं।
पत्रकारिता कौशल एवं अनुभव (Skills & Experience)
मनमोहन को चंदौली जिले के जमीनी मुद्दों, भौगोलिक परिस्थितियों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली की गहरी समझ है। अपराध से जुड़ी घटनाओं की सटीक रिपोर्टिंग और प्रशासनिक कमियों व सुधारों को प्रमुखता से उठाना उनकी मुख्य विशेषता है। तथ्यों की गहराई में जाकर खबर की प्रामाणिकता जांचना उनके काम की शैली का हिस्सा है।
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
एम.जे. (M.J. - Master of Journalism): मनमोहन पत्रकारिता में परास्नातक (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की डिग्री से योग्य हैं। उनकी यह उच्च प्रोफेशनल डिग्री और पत्रकारिता की सैद्धांतिक समझ उन्हें जटिल खबरों का तार्किक विश्लेषण करने और समाज के सामने एक जिम्मेदार मीडिया रिपोर्ट प्रस्तुत करने में सक्षम बनाती है।
