चंदौली में अंतर्राज्यीय साइबर ठगी गिरोह का सदस्य गिरफ्तार, 21 एटीएम कार्ड और डिजिटल साक्ष्य बरामद
चंदौली में साइबर सेल और मुगलसराय पुलिस ने अंतर्राज्यीय साइबर ठगी गिरोह के सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया। 21 एटीएम कार्ड और कई डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए।

तस्वीर में (बाएं से दाएं) उत्तर प्रदेश पुलिस का एक जवान, नीली टी-शर्ट में पकड़ा गया साइबर ठगी का आरोपी अंकित कुमार और मेज के पीछे बैठे पुलिस अधिकारी नजर आ रहे हैं। मेज पर बरामद सामान रखा हुआ है।
चंदौली साइबर सेल और मुगलसराय पुलिस की संयुक्त टीम ने अंतर्राज्यीय साइबर ठगी गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 21 डेबिट/एटीएम कार्ड, साइबर शिकायतों से जुड़े दो बैंक खाते, चार मोबाइल फोन, कूटरचित आधार कार्ड, सिम कार्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के निर्देशन में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान यह कार्रवाई की गई। साइबर सेल और मुगलसराय पुलिस को सूचना मिली थी कि एक युवक मुगलसराय रेलवे स्टेशन के आसपास विभिन्न एटीएम से लगातार रुपये निकालने का प्रयास कर रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर डीआरएम कार्यालय जाने वाले मार्ग के पास संदिग्ध युवक को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम अंकित कुमार पुत्र जशवंत सिंह, निवासी ग्राम आजन, थाना मदनपुर, जिला औरंगाबाद, बिहार बताया। तलाशी के दौरान उसके पास से 21 डेबिट कार्ड, दो बैंक पासबुक, चार मोबाइल फोन, एक फर्जी आधार कार्ड, चार खाली सिम पैकेट, एक सक्रिय वोडाफोन सिम और 1200 रुपये नकद बरामद हुए।
पुलिस ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर बरामद दोनों बैंक खातों की जांच की। जांच में इन खातों से जुड़ी 10 साइबर ठगी की शिकायतें सामने आईं। ये शिकायतें महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, बिहार, पंजाब और ओडिशा समेत कई राज्यों से संबंधित बताई गई हैं।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी अपने साथी कैमी के साथ मिलकर ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म और व्हाट्सऐप ग्रुपों के माध्यम से लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर निवेश के लिए प्रेरित करता था। ठगी की रकम अलग-अलग म्यूल बैंक खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी, जिसके बाद विभिन्न एटीएम से रकम निकाल ली जाती थी।
आरोपी के मोबाइल फोन की जांच में संदिग्ध ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, व्हाट्सऐप ग्रुप और साइबर ठगी से जुड़े वीडियो भी मिले हैं। पुलिस बरामद डिजिटल साक्ष्यों का तकनीकी विश्लेषण कर रही है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में भी पुलिस टीम जुटी हुई है। यह कार्रवाई अंतर्राज्यीय साइबर ठगी नेटवर्क की जांच को आगे बढ़ाने और उससे जुड़े अन्य आरोपियों तक पहुंचने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

Pratahkal Bureau
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