₹1.42 करोड़ के साइबर फ्रॉड में वांछित ₹25 हजार का इनामी अभियुक्त गिरफ्तार
चंदौली में ₹1.42 करोड़ के संदिग्ध साइबर फ्रॉड मामले में ₹25 हजार के इनामी आशीष गैलवार को पुलिस ने लखनऊ के चिनहट से गिरफ्तार किया। जांच में फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के नाम पर ठगी का खुलासा हुआ।

तस्वीर में चंदौली साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के बाहर खड़े पुलिसकर्मी और आरोपी नजर आ रहे हैं।
चंदौली में कम ब्याज दर पर लोन दिलाने का झांसा देकर प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी मनी और बीमा शुल्क के नाम पर रकम वसूलने वाले कथित साइबर फ्रॉड गिरोह के खिलाफ पुलिस ने एक और कार्रवाई की है। साइबर सेल और सर्विलांस टीम ने मामले में वांछित ₹25 हजार के इनामी अभियुक्त आशीष गैलवार को लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, उसकी गिरफ्तारी 15 सितंबर की रात करीब 9:11 बजे मोबाइल लोकेशन के आधार पर की गई।
पुलिस के मुताबिक, साइबर क्राइम थाने में दर्ज मुकदमे की जांच के दौरान सामने आया कि ‘सत्कार निधि लिमिटेड’ समेत अन्य फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के नाम पर लोगों को कम ब्याज दर पर लोन देने का प्रलोभन दिया जाता था। इसके बाद प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी मनी, बीमा शुल्क सहित विभिन्न मदों के नाम पर लोगों से रकम जमा कराई जाती थी। जांच में आरोपियों से जुड़े बैंक खातों में साइबर ठगी की रकम आने की बात भी सामने आई।
पुलिस का दावा है कि NCRP और समन्वय पोर्टल पर विभिन्न राज्यों से कुल 16 साइबर शिकायतें दर्ज मिली हैं। जांच में करीब ₹1.42 करोड़ की संदिग्ध साइबर फ्रॉड राशि होल्ड होने की जानकारी भी सामने आई। इस मामले में नोएडा में भी धोखाधड़ी का एक मुकदमा दर्ज होना बताया गया है।
मामले में पुलिस ने 12 जून को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से कथित फर्जीवाड़े से जुड़े 350 पासबुक, 21 रजिस्टर, छह ब्लैंक चेक, तीन फर्जी पहचान पत्र, 11 मोहरें, कंप्यूटर, प्रिंटर, मोबाइल और अन्य बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए गए थे। जांच आगे बढ़ने पर आशीष गैलवार का नाम सामने आया, जिसके बाद वह वांछित चल रहा था।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने साइबर फ्रॉड के लिए बैंक खाता उपलब्ध कराने और अन्य आरोपियों के संपर्क में रहने की बात स्वीकार की है। उसके कब्जे से एक लावा प्राइम की-पैड मोबाइल फोन बरामद हुआ है। पुलिस अब मामले में बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि लोन या निवेश के नाम पर किसी अनजान व्यक्ति अथवा संस्था को रकम न दें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन से जुड़े अन्य पहलुओं पर केंद्रित है।

Manmohan, Chandauli (Uttar pradesh)
नाम: मनमोहन
पद: रिपोर्टर (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: चंदौली (उत्तर प्रदेश)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम (अपराध) और प्रशासन
मूलमंत्र: निष्पक्ष, बेबाक और तथ्यपरक पत्रकारिता
परिचय (About Manmohan)
मनमोहन उत्तर प्रदेश के चंदौली क्षेत्र के एक सजग, निडर और समर्पित पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मनमोहन मुख्य रूप से क्राइम (अपराध) और स्थानीय प्रशासन से जुड़े मामलों को कवर करते हैं। उनका पत्रकारिता दृष्टिकोण पूरी तरह से "निष्पक्ष, बेबाक और तथ्यपरक" खबरों पर आधारित है, जिससे वे क्षेत्र की जनता के मुद्दों और प्रशासनिक सच्चाई को बिना किसी दबाव के सामने लाते हैं।
पत्रकारिता कौशल एवं अनुभव (Skills & Experience)
मनमोहन को चंदौली जिले के जमीनी मुद्दों, भौगोलिक परिस्थितियों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली की गहरी समझ है। अपराध से जुड़ी घटनाओं की सटीक रिपोर्टिंग और प्रशासनिक कमियों व सुधारों को प्रमुखता से उठाना उनकी मुख्य विशेषता है। तथ्यों की गहराई में जाकर खबर की प्रामाणिकता जांचना उनके काम की शैली का हिस्सा है।
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
एम.जे. (M.J. - Master of Journalism): मनमोहन पत्रकारिता में परास्नातक (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की डिग्री से योग्य हैं। उनकी यह उच्च प्रोफेशनल डिग्री और पत्रकारिता की सैद्धांतिक समझ उन्हें जटिल खबरों का तार्किक विश्लेषण करने और समाज के सामने एक जिम्मेदार मीडिया रिपोर्ट प्रस्तुत करने में सक्षम बनाती है।
