चंदौली। नगर पंचायत चकिया में कराए गए विकास कार्यों और सरकारी धन के खर्च से संबंधित जानकारी आरटीआई के तहत समय पर उपलब्ध न कराए जाने का मामला राज्य सूचना आयोग तक पहुंच गया। मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने नगर पंचायत को मांगी गई सूचना नियमानुसार उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। आयोग के हस्तक्षेप के बाद नगर पंचायत में आरटीआई आवेदनों के निस्तारण और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के मुताबिक, चकिया निवासी आरटीआई कार्यकर्ता ने नगर पंचायत से क्षेत्र में कराए गए विभिन्न विकास कार्यों से संबंधित अभिलेख और खर्च का विवरण मांगा था। आरटीआई आवेदन में सरकारी धन से कराए गए कार्यों, संबंधित रिकॉर्ड और व्यय से जुड़ी जानकारी मांगी गई थी।

आरोप है कि निर्धारित अवधि में आवेदक को सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके बाद मामला राज्य सूचना आयोग के समक्ष पहुंचा। सुनवाई के दौरान आयोग ने सूचना उपलब्ध कराने के संबंध में नगर पंचायत को निर्देश जारी किया।

आरटीआई अधिनियम का उद्देश्य सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। निर्धारित समय में सूचना उपलब्ध नहीं होने पर आवेदक को अपील का अधिकार है। इसी प्रक्रिया के तहत यह मामला आयोग तक पहुंचा।

अब आयोग के निर्देश के बाद नगर पंचायत को संबंधित सूचनाएं नियमानुसार उपलब्ध करानी होंगी। इन दस्तावेजों के सामने आने के बाद विकास कार्यों पर हुए खर्च और संबंधित अभिलेखों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

हालांकि, आयोग के निर्देश को किसी वित्तीय अनियमितता का प्रमाण नहीं माना जा सकता। फिलहाल मामला सूचना उपलब्ध कराने से जुड़ा है। निर्देश के अनुपालन और मांगी गई सूचना मिलने के बाद ही विकास कार्यों से संबंधित तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होगी।

Manmohan, Chandauli (Uttar pradesh)

Manmohan, Chandauli (Uttar pradesh)

नाम: मनमोहन

पद: रिपोर्टर (प्रातः काल)

कार्यक्षेत्र: चंदौली (उत्तर प्रदेश)

बीट (मुख्य विषय): क्राइम (अपराध) और प्रशासन

मूलमंत्र: निष्पक्ष, बेबाक और तथ्यपरक पत्रकारिता

परिचय (About Manmohan)

मनमोहन उत्तर प्रदेश के चंदौली क्षेत्र के एक सजग, निडर और समर्पित पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मनमोहन मुख्य रूप से क्राइम (अपराध) और स्थानीय प्रशासन से जुड़े मामलों को कवर करते हैं। उनका पत्रकारिता दृष्टिकोण पूरी तरह से "निष्पक्ष, बेबाक और तथ्यपरक" खबरों पर आधारित है, जिससे वे क्षेत्र की जनता के मुद्दों और प्रशासनिक सच्चाई को बिना किसी दबाव के सामने लाते हैं।

पत्रकारिता कौशल एवं अनुभव (Skills & Experience)

मनमोहन को चंदौली जिले के जमीनी मुद्दों, भौगोलिक परिस्थितियों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली की गहरी समझ है। अपराध से जुड़ी घटनाओं की सटीक रिपोर्टिंग और प्रशासनिक कमियों व सुधारों को प्रमुखता से उठाना उनकी मुख्य विशेषता है। तथ्यों की गहराई में जाकर खबर की प्रामाणिकता जांचना उनके काम की शैली का हिस्सा है।

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

एम.जे. (M.J. - Master of Journalism): मनमोहन पत्रकारिता में परास्नातक (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की डिग्री से योग्य हैं। उनकी यह उच्च प्रोफेशनल डिग्री और पत्रकारिता की सैद्धांतिक समझ उन्हें जटिल खबरों का तार्किक विश्लेषण करने और समाज के सामने एक जिम्मेदार मीडिया रिपोर्ट प्रस्तुत करने में सक्षम बनाती है।

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