चंदौली: सड़क किनारे मिले 50 हजार रुपये, अधिवक्ता ने ईमानदारी की मिसाल पेश करते हुए पुलिस को सौंपे
घोसवा गांव के अधिवक्ता विनीत कुमार सिंह को बरौनी माइनर के पास 500-500 रुपये की गड्डी मिली थी, जिसे उन्होंने कन्दवा थाने में जमा कर दिया।

कन्दवा थाने में अधिवक्ता विनीत कुमार सिंह ने सड़क पर मिले 50 हजार रुपये पुलिस को सौंपे.
चंदौली के कन्दवा क्षेत्र में सड़क किनारे पड़ी 50 हजार रुपये की नकदी मिलने के बाद एक अधिवक्ता ने ईमानदारी की मिसाल पेश की। 500-500 रुपये के नोटों की गड्डी मिलने पर उन्होंने उसे अपने पास रखने के बजाय सीधे पुलिस के सुपुर्द कर दिया। अब पुलिस उस व्यक्ति की तलाश में जुटी है, जिसकी मेहनत की कमाई रास्ते में छूट गई।
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार 30 अक्टूबर को सुबह करीब 11 बजे घोसवा गांव निवासी अधिवक्ता विनीत कुमार सिंह बाजार जा रहे थे। इसी दौरान बरौनी माइनर के पास सड़क किनारे उन्हें 500-500 रुपये के नोटों की एक गड्डी दिखाई दी। उन्होंने नोटों की गिनती की तो उसमें कुल 50 हजार रुपये मिले।
नकदी मिलने के बाद विनीत कुमार सिंह ने बिना देर किए कन्दवा थाने पहुंचकर पूरी रकम पुलिस को सौंप दी। उनके इस कदम के बाद पुलिस ने नकदी को लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
पुलिस ने जीडी में तस्करा दर्ज कर बरामद 50 हजार रुपये मालखाने में सुरक्षित रखवा दिए हैं। अब पुलिस उस व्यक्ति की तलाश कर रही है, जिसके रुपये सड़क पर गिर गए थे, ताकि नकदी उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाई जा सके।

Manmohan, Chandauli (Uttar pradesh)
नाम: मनमोहन
पद: रिपोर्टर (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: चंदौली (उत्तर प्रदेश)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम (अपराध) और प्रशासन
मूलमंत्र: निष्पक्ष, बेबाक और तथ्यपरक पत्रकारिता
परिचय (About Manmohan)
मनमोहन उत्तर प्रदेश के चंदौली क्षेत्र के एक सजग, निडर और समर्पित पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मनमोहन मुख्य रूप से क्राइम (अपराध) और स्थानीय प्रशासन से जुड़े मामलों को कवर करते हैं। उनका पत्रकारिता दृष्टिकोण पूरी तरह से "निष्पक्ष, बेबाक और तथ्यपरक" खबरों पर आधारित है, जिससे वे क्षेत्र की जनता के मुद्दों और प्रशासनिक सच्चाई को बिना किसी दबाव के सामने लाते हैं।
पत्रकारिता कौशल एवं अनुभव (Skills & Experience)
मनमोहन को चंदौली जिले के जमीनी मुद्दों, भौगोलिक परिस्थितियों और प्रशासनिक कार्यप्रणाली की गहरी समझ है। अपराध से जुड़ी घटनाओं की सटीक रिपोर्टिंग और प्रशासनिक कमियों व सुधारों को प्रमुखता से उठाना उनकी मुख्य विशेषता है। तथ्यों की गहराई में जाकर खबर की प्रामाणिकता जांचना उनके काम की शैली का हिस्सा है।
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
एम.जे. (M.J. - Master of Journalism): मनमोहन पत्रकारिता में परास्नातक (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की डिग्री से योग्य हैं। उनकी यह उच्च प्रोफेशनल डिग्री और पत्रकारिता की सैद्धांतिक समझ उन्हें जटिल खबरों का तार्किक विश्लेषण करने और समाज के सामने एक जिम्मेदार मीडिया रिपोर्ट प्रस्तुत करने में सक्षम बनाती है।
