नई दिल्ली में भारत की संसद में 12वें ब्रिक्स (BRICS) संसदीय मंच का उद्घाटन हुआ। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए सदस्य और साझेदार देशों से आए संसदीय प्रतिनिधियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने वैश्विक शांति, सतत विकास, आतंकवाद से मुकाबले और ग्लोबल साउथ यानी विकासशील देशों की आवाज को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाने में संसदीय सहयोग की अहम भूमिका पर जोर दिया।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि ब्रिक्स संगठन के 20 वर्ष पूरे होना अंतरराष्ट्रीय पटल पर इसकी निरंतर बढ़ती वैश्विक भूमिका का स्पष्ट प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स के सदस्य देश आज दुनिया की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं। ऐसे में इस मंच की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित ब्रिक्स राष्ट्राध्यक्षों के सम्मेलन का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां संयुक्त वक्तव्य को सर्वसम्मति से स्वीकार किया जाना एक अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि थी। अब साझा प्रतिबद्धताओं को धरातल पर ठोस परिणामों में बदलने का समय आ गया है।

वैश्विक संकटों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति जरूरी

दुनिया के सामने मौजूद चुनौतियों का जिक्र करते हुए ओम बिरला ने कहा कि वैश्विक संघर्षों, आर्थिक अस्थिरता, आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर संकटों से निपटने के लिए संवाद, कूटनीति और संसदीय सहयोग सबसे मजबूत माध्यम हैं। उन्होंने भारत को लोकतंत्र की जननी बताते हुए कहा कि भारतीय लोकतंत्र हमेशा से संवाद, वैचारिक विविधता तथा सहमति और असहमति के बीच परस्पर सम्मान की महान परंपरा पर आधारित रहा है।

लोकसभा अध्यक्ष ने ब्रिक्स से आह्वान किया कि वह ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं और साझा आकांक्षाओं को ठोस एवं व्यावहारिक नीतियों में तब्दील करे। उनके संबोधन में विकासशील देशों की अपेक्षाओं को अंतरराष्ट्रीय निर्णय प्रक्रिया में प्रभावी स्थान देने और साझा चुनौतियों के समाधान के लिए संसदीय स्तर पर सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता प्रमुखता से सामने आई।

जन-केंद्रित विकास के लिए संसदों में नवाचार और पारदर्शिता पर जोर

संसदीय मंच के मुख्य विषय ‘जन-केंद्रित विकास के लिए संसदों को बढ़ावा देना’ पर चर्चा करते हुए ओम बिरला ने बताया कि मंच पर रेजिलिएंस यानी सहनशीलता, इनोवेशन यानी नवाचार, को-ऑपरेशन यानी सहयोग और सस्टेनेबिलिटी यानी सततता जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया जा रहा है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि संसदों को अधिक प्रभावी और जन-केंद्रित बनाने के लिए नवाचार, पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी को प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने युवाओं की ऊर्जा और आकांक्षाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने को समय की मुख्य मांग बताया। साथ ही आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने को अत्यंत आवश्यक करार दिया।

अपने संबोधन के अंत में लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि BRICS की वास्तविक शक्ति उसकी सांस्कृतिक और राजनीतिक विविधता को एक साझा उद्देश्य में बदलने की क्षमता में निहित है। उन्होंने विश्वास जताया कि अंतरराष्ट्रीय संसदीय सहयोग दुनिया में शांति, समृद्धि और सतत विकास को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगा। 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के उद्घाटन के साथ साझा प्रतिबद्धताओं को व्यावहारिक नीतियों में बदलने, वैश्विक चुनौतियों का समाधान खोजने और ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं को मजबूती से उठाने पर विशेष जोर दिया गया।

Om Prakash Pal

Om Prakash Pal

नाम: ओम प्रकाश पाल

वर्तमान पद: स्वतंत्र पत्रकार, लेखक एवं स्तंभकार

कार्यक्षेत्र: नेशनल ब्यूरो (राष्ट्रीय स्तर)

बीट (मुख्य विषय): राजनीति, संसद, केंद्रीय मंत्रालय, कृषि, साहित्य, खेल एवं प्रशासन (बिजनेस को छोड़कर सभी विषयों पर कार्य)

पत्रकारिता अनुभव: लगभग 39 वर्ष

परिचय एवं अनुभव 

ओम प्रकाश पाल पिछले 39 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल ब्यूरो में विशेष संवाददाता के रूप में लगभग 20 वर्षों तक संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) की रिपोर्टिंग की है।

एक मान्यता प्राप्त पत्रकार के रूप में उन्होंने केंद्रीय गृह, रक्षा, रेलवे, सड़क परिवहन, श्रम एवं रोजगार, जलशक्ति और कृषि जैसे प्रमुख केंद्रीय मंत्रालयों को कवर किया है।

विभिन्न समाचार पत्रों में योगदान:

  • अमर उजाला एवं दैनिक जागरण: पत्रकारिता के शुरुआती वर्षों का अनुभव।
  • शाह टाइम्स: न्यूज़ एडिटर (News Editor) के पद पर सेवाएं।
  • हरिभूमि (दिल्ली): वरिष्ठ संवाददाता के रूप में कार्य।

राजनीति विज्ञान और कृषि विषयों के जानकार होने के साथ-साथ उन्होंने साहित्य और खेल के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किया है। वर्तमान में वह एक स्वतंत्र पत्रकार, लेखक और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता 

  • स्नातक (Graduate)
  • B.Ed (बैचलर ऑफ एजुकेशन)
  • पत्रकारिता में डिप्लोमा (Diploma in Journalism)
  • साहित्य रत्न
  • कृषि विशारद

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