किसानों और आमजन की 10 प्रमुख समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन शंकर ने मंगलवार को धनौरा ब्लॉक सभागार में धरना-प्रदर्शन किया। दोपहर 12 बजे शुरू हुए धरने में आवारा पशुओं से फसलों की सुरक्षा, बाढ़ से हुए नुकसान का मुआवजा, बकाया गन्ना भुगतान और किसानों की KCC सीमा बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने सहित कई मांगें उठाई गईं।

धरने की अध्यक्षता अनिल भट्टनागर ने की, जबकि संचालन प्रिंसिपल सत्यवीर सिंह ने किया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी दिवाकर सिंह ने कहा कि सरकार किसान हित की बात करती है, लेकिन धरातल पर किसान आज भी समस्याओं से जूझ रहा है। उन्होंने आवारा कुत्तों, बंदरों और गोवंश से किसानों को राहत दिलाने की मांग उठाई।

धरने में गंगा तट की सफाई, विद्युत शवदाह गृह की व्यवस्था, राजस्व और चकबंदी के लंबित मामलों की जांच तथा भ्रष्टाचार पर कार्रवाई की मांग भी रखी गई। गजरौला के औद्योगिक प्रदूषण से फसलों को हो रहे नुकसान का वैज्ञानिक सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की गई।

बाढ़ प्रभावित किसानों की फसलों का तत्काल सर्वे कराकर मुआवजा देने और बकाया गन्ना मूल्य का ब्याज सहित भुगतान कराने पर भी जोर दिया गया। साथ ही पात्र किसानों को पांच लाख रुपये तक KCC की सुविधा देने की मांग की गई।

इसके अलावा डेंगू और वायरल बीमारियों की रोकथाम के लिए फॉगिंग, जलभराव की सफाई, जर्जर सड़कों और खतरनाक स्पीड ब्रेकरों की समस्या दूर कराने की मांग रखी गई। गजरौला चौपला पर जाम से निजात दिलाने के लिए NH-9 पर एंट्री-एग्जिट की सुविधा और गजरौला में आधुनिक ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने की मांग भी उठाई गई।

भाकियू शंकर ने चेतावनी दी कि यदि संबंधित विभागों ने मांगों का समयबद्ध समाधान नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। धरने के जरिए संगठन ने किसानों और आमजन से जुड़ी 10 प्रमुख समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग प्रशासन के सामने रखी।

Pratahkal Bureau

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