बरेली मेयर उमेश गौतम का कांग्रेस पर हमला, चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
मेयर उमेश गौतम ने कहा कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक नाकामियों को छिपाने के लिए चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रही है।

बरेली में प्रेस वार्ता के दौरान मेज़ पर बैठे मेयर उमेश गौतम और अन्य नेता।
बरेली। चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस द्वारा लगातार सवाल उठाए जाने के बीच बरेली के मेयर डॉ. उमेश गौतम ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि पार्टी अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक कमजोरियों को छिपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रही है।
सोमवार को अपने कैंप कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में मेयर उमेश गौतम ने कहा कि चुनाव हारने के बाद कांग्रेस और पूरा विपक्ष जनता को गुमराह करने के लिए चुनाव आयोग पर बेबुनियाद आरोप लगाता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी एसआईआर को लेकर लगातार सवाल खड़े कर रहा है, जबकि चुनाव आयोग की ओर से जारी संयुक्त बयान के बाद पूरी स्थिति साफ हो चुकी है। एसआईआर समेत आयोग के सभी प्रमुख फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए हैं।
कैबिनेट सचिव को भेजे गए पत्र के मामले में भी मेयर ने कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि इस पत्र को एसआईआर या चुनाव आयोग की नीति से जोड़कर पेश किया गया, जबकि चुनाव आयोग के अनुसार यह मामला प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी की प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जुड़ा था। कांग्रेस ने इसे राजनीतिक रंग देकर जनता के बीच भ्रम फैलाने का काम किया है।
फॉर्म-6 को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर भी मेयर ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एसआईआर के दौरान फॉर्म-6 में दिए जाने वाले घोषणा-पत्र को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए, जबकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए चुनाव आयोग इस पर अपनी स्थिति पहले ही स्पष्ट कर चुका है।
डॉ. गौतम ने कहा कि चुनाव आयोग यह सुनिश्चित कर रहा है कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी पात्र नागरिक का नाम न छूटे। इसके लिए बीएलओ के जरिए घर-घर जाकर फॉर्म जुटाए जा रहे हैं और रैन बसेरों, मजदूरों तथा बेघर लोगों तक पहुंचने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
मेयर ने राहुल गांधी पर भी हमला बोलते हुए उनके पुराने बयानों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने समय-समय पर ईवीएम, चुनाव आयोग, राफेल डील, सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और तवांग की घटना को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस लगातार संवैधानिक संस्थाओं और देश की सुरक्षा से जुड़े मामलों पर सवाल उठाती रही है।
मेयर ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाते समय तथ्यों का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से तथ्यों के आधार पर बात करने की मांग की। प्रेस वार्ता में भाजपा जिलाध्यक्ष सोमपाल शर्मा, आंवला जिलाध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह और महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

Aditya Sharma
नाम: आदित्य शर्मा
वर्तमान पद: कैमरा पर्सन सह रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: बरेली शहर (उत्तर प्रदेश)
अनुभव: लगभग 10 वर्ष (दैनिक जनमोर्चा और न्यूज टुडे नेटवर्क)
बीट (मुख्य विषय): शिक्षा, खेल और राजनीति (साथ ही चिकित्सा, अपराध एवं स्थानीय घटनाएं)
परिचय
आदित्य शर्मा बरेली शहर के एक वरिष्ठ और बहुमुखी मीडियाकर्मी हैं, जो कैमरे के पीछे और ग्राउंड रिपोर्टिंग दोनों भूमिकाओं को कुशलता से संभालते हैं। वह बरेली महानगर और जिले में होने वाली दैनिक गतिविधियों—चाहे वह राजनीति हो, चिकित्सा हो या आपराधिक मामले—को प्रमुखता से कवर करते हैं। आदित्य शर्मा का विशेष ध्यान शिक्षा और खेल से जुड़ी खबरों पर रहता है, क्योंकि ये क्षेत्र सीधे युवाओं से जुड़े हुए हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
आदित्य शर्मा को मीडिया के क्षेत्र में लगभग 10 वर्षों का अनुभव प्राप्त है। इस दौरान उन्होंने निम्नलिखित प्रमुख संस्थानों के साथ कार्य किया है:
- दैनिक जनमोर्चा
- न्यूज टुडे नेटवर्क
शैक्षणिक योग्यता
परास्नातक (Post Graduation): हिंदी साहित्य एवं अर्थशास्त्र
