बांदा में दर्दनाक हादसा: मिट्टी खनन के गहरे गड्ढे में डूबा 9 साल का शिवा, मां की चीखों से गूंजा गांव
बांदा के केशवपुरवा गांव में 9 साल का शिवा खेलते समय मिट्टी खनन के 10 फीट गहरे गड्ढे में डूब गया। बच्चे की मौत से पूरे गांव में मातम छा गया है। आखिर मिट्टी खनन के बाद इन जानलेवा गड्ढों की सुरक्षा का जिम्मेदार कौन है? जानें पूरी खबर।

तस्वीर में बच्चा नीले रंग की शर्ट पहने हुए दिखाई दे रहा है।
बिसंडा थाना क्षेत्र के केशवपुरवा गांव में शुक्रवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जहां मिट्टी खनन से बने 10 फीट गहरे तालाबनुमा गड्ढे में डूबने से 9 वर्षीय मासूम शिवा की मौत हो गई। रामप्रकाश का 9 वर्षीय बेटा शिवा दोपहर के समय घर से खेलने निकला था। रास्ते में गोवंश चरा रही उसकी दादी सुंता देवी ने उसे देखकर वापस घर भेज दिया था, लेकिन कुछ देर बाद वह चुपचाप दोबारा घर से निकल गया। घर से करीब 500 मीटर दूर शंभू सिंह के खेत में मिट्टी की खुदाई के कारण बने 10 फीट गहरे तालाबनुमा गड्ढे में गर्मी से राहत पाने के इरादे से शिवा नहाने के लिए उतरा, लेकिन गहराई का अंदाजा न होने के कारण वह पानी में समा गया।
शाम करीब पांच बजे जब मां गुट्टू देवी खेत से लौटी और बेटे को घर में नहीं पाया, तो उसकी तलाश शुरू हुई। परिजनों और ग्रामीणों ने खोजबीन की तो गड्ढे के किनारे शिवा की शर्ट मिली, जिसे देखकर सभी के होश उड़ गए। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद बच्चे को पानी से बाहर निकाला और आनन-फानन में सीएचसी बिसंडा ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के पिता रामप्रकाश ने बताया कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के लिए मिट्टी निकाले जाने से छह बीघा खेत में यह गहरा गड्ढा बन गया था, जो अब एक जानलेवा तालाब का रूप ले चुका है। शिवा तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा था और गांव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा चार का छात्र था। बिसंडा थाना प्रभारी सीपी तिवारी ने बताया कि बालक की मौत की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मिट्टी खनन के बाद छोड़े गए ऐसे असुरक्षित गड्ढे अब लोगों की जान के दुश्मन बन रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में मातम पसरा है।

Pratahkal Newsroom
प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
