जेल से रिहा होते ही आजम खां को ED ने हिरासत में लिया, अब्दुल्ला आजम घर रवाना
दो पैनकार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद आजम खां और अब्दुल्ला आजम की रिहाई हुई, लेकिन रामपुर जेल से बाहर आते ही आजम खां को ईडी ने हिरासत में ले लिया। जानिए शनिवार शाम का पूरा घटनाक्रम।

रामपुर जेल से जमानत पर बाहर आने के तुरंत बाद समाजवादी पार्टी के नेता आजम खां को अपनी हिरासत में लेकर जाती हुई ईडी और पुलिस की टीम।
रामपुर जेल से रिहाई के कुछ ही क्षण बाद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री आजम खां को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हिरासत में ले लिया। दो पैनकार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद शनिवार शाम जैसे ही आजम खां जेल के मुख्य द्वार से बाहर आए, पहले से मौजूद ईडी की टीम उन्हें अपने साथ ले गई। वहीं, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जेल से रिहा होकर अपने आवास के लिए रवाना हो गए।
आजम खां को ईडी अधिकारियों द्वारा गाड़ी में बैठाकर ले जाने के दौरान जेल के बाहर मौजूद समर्थकों ने विरोध शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में जुटे समर्थकों ने सरकार और जांच एजेंसी के खिलाफ नारेबाजी की। सुबह से ही दोनों नेताओं की रिहाई की सूचना मिलने के बाद रामपुर जेल परिसर के बाहर समर्थकों और कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटने लगी थी। घटनाक्रम की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने जेल के आसपास भारी पुलिस बल और सुरक्षा बलों की तैनाती की थी।
उल्लेखनीय है कि चर्चित दो पैनकार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को आजम खां और अब्दुल्ला आजम की जमानत याचिकाएं मंजूर की थीं। इसके बाद शुक्रवार को रामपुर की एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दोनों की रिहाई के परवाने जारी कर दिए थे। हाईकोर्ट ने जुर्माने की आधी रकम जमा कराने के साथ ही 50-50 हजार रुपये के दो-दो जमानती दाखिल करने की शर्त रखी थी।
शुक्रवार को आजम खां की ओर से जुर्माने की आधी राशि 2.50 लाख रुपये और जमानतियों के 1 लाख रुपये सहित कुल 3.50 लाख रुपये जमा कराए गए। वहीं, अब्दुल्ला आजम की ओर से जुर्माने के 1.75 लाख रुपये और जमानतियों के 1 लाख रुपये मिलाकर कुल 2.75 लाख रुपये जमा किए गए। इस तरह दोनों की ओर से कुल 6.25 लाख रुपये जमा कराए गए।
शनिवार शाम जेल में कागजी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद रिहाई की प्रक्रिया आगे बढ़ी। इसी दौरान ईडी की टीम वाहनों के काफिले के साथ रामपुर जेल पहुंच गई। आजम खां के जेल से बाहर आते ही अधिकारियों ने उन्हें अपनी हिरासत में ले लिया और अपने साथ रवाना हो गए। दूसरी ओर, अब्दुल्ला आजम रिहाई के बाद घर के लिए निकल गए।
इस दौरान रामपुर पुलिस और सुरक्षाकर्मी कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए लगातार गश्त करते रहे। दो पैनकार्ड मामले में जमानत मिलने के बाद अब्दुल्ला आजम अपने घर पहुंच गए, जबकि आजम खां की रिहाई के तुरंत बाद ईडी की कार्रवाई ने उनके सामने एक बार फिर कानूनी चुनौती खड़ी कर दी।

Om Prakash Pal
नाम: ओम प्रकाश पाल
वर्तमान पद: स्वतंत्र पत्रकार, लेखक एवं स्तंभकार
कार्यक्षेत्र: नेशनल ब्यूरो (राष्ट्रीय स्तर)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, संसद, केंद्रीय मंत्रालय, कृषि, साहित्य, खेल एवं प्रशासन (बिजनेस को छोड़कर सभी विषयों पर कार्य)
पत्रकारिता अनुभव: लगभग 39 वर्ष
परिचय एवं अनुभव
ओम प्रकाश पाल पिछले 39 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल ब्यूरो में विशेष संवाददाता के रूप में लगभग 20 वर्षों तक संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) की रिपोर्टिंग की है।
एक मान्यता प्राप्त पत्रकार के रूप में उन्होंने केंद्रीय गृह, रक्षा, रेलवे, सड़क परिवहन, श्रम एवं रोजगार, जलशक्ति और कृषि जैसे प्रमुख केंद्रीय मंत्रालयों को कवर किया है।
विभिन्न समाचार पत्रों में योगदान:
- अमर उजाला एवं दैनिक जागरण: पत्रकारिता के शुरुआती वर्षों का अनुभव।
- शाह टाइम्स: न्यूज़ एडिटर (News Editor) के पद पर सेवाएं।
- हरिभूमि (दिल्ली): वरिष्ठ संवाददाता के रूप में कार्य।
राजनीति विज्ञान और कृषि विषयों के जानकार होने के साथ-साथ उन्होंने साहित्य और खेल के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किया है। वर्तमान में वह एक स्वतंत्र पत्रकार, लेखक और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता
- स्नातक (Graduate)
- B.Ed (बैचलर ऑफ एजुकेशन)
- पत्रकारिता में डिप्लोमा (Diploma in Journalism)
- साहित्य रत्न
- कृषि विशारद
