नगला पिम्मी में सड़क न बनने पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, तालाब पार कर स्कूल जाने को मजबूर बच्चे
सौरिख के नगला पिम्मी में सड़क न बनने से ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। बच्चों को तालाब के रास्ते स्कूल जाना पड़ रहा है, जबकि ग्राम प्रधान पर ₹50 हजार मांगने का आरोप लगाया गया।

कन्नौज के सौरिख स्थित नगला पिम्मी गांव में सड़क निर्माण की मांग को लेकर अपने हाथ उठाकर प्रदर्शन करते ग्रामीण।
विकासखंड सौरिख के ग्राम पंचायत किसई के मजरा नगला पिम्मी में वर्षों से सड़क निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों का सब्र सोमवार को जवाब दे गया। महिलाओं, पुरुषों और बच्चों समेत सैकड़ों ग्रामीणों ने गांव में प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। इस दौरान ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर सड़क बनवाने के नाम पर ₹50 हजार मांगने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव तक पहुंचने के लिए आज भी कोई पक्का रास्ता नहीं है। बरसात के दौरान पूरा मार्ग कीचड़ और जलभराव से भर जाता है, जिससे आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है, जिन्हें तालाब के किनारे होकर स्कूल जाना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार खराब रास्ते के कारण कुछ बच्चे तालाब में गिर भी चुके हैं, हालांकि बड़ा हादसा होने से बाल-बाल बच गए।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद सड़क निर्माण नहीं कराया गया। उनका कहना है कि ग्राम प्रधान ने सड़क बनवाने के लिए ₹50 हजार की मांग की तथा परिक्रमा मार्ग बनवाने की बात कही। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि दूसरे मोहल्ले में आधी सड़क का निर्माण करा दिया गया, जबकि नगला पिम्मी की लगातार उपेक्षा की गई।
ग्रामीणों ने बताया कि पूरे गांव में पेयजल के लिए केवल एक हैंडपंप है, जिससे सभी परिवार पानी भरते हैं। सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं के अभाव में लोगों का जीवन कठिन हो गया है। महिलाओं ने कहा कि बरसात के दिनों में घर से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। बीमारों को अस्पताल पहुंचाने और बच्चों को स्कूल भेजने में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क निर्माण और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं तो वे जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। प्रदर्शन में दीपू, रोशन, गोविंद, पिंटू, गुड्डू लाल, राम स्नेही, रामसेवक, मंटू, रवेंद्र, पिंकू, सतेंद्र, हरिचंद्र, महेंद्र, छोटेलाल, कमलेश, धर्मेंद्र, रिंकू, मिथुन, बिट्टी देवी, बिमला, सुखरानी, मिथलेश, किरण, राखी, शिवानी, आरती, सुनीता, गीता, रीना, भारती और सुशीला सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

Pratahkal Bureau
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