अमेठी में बिजली आपूर्ति ठप कराने के आरोप में रीता सिंह समेत 30-40 महिलाओं पर गंभीर धाराओं में केस
अमेठी के गौरीगंज 132 केवी विद्युत उपकेंद्र में हंगामे के बाद रीता सिंह समेत 30-40 महिलाओं पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज, वायरल वीडियो के आधार पर जांच तेज।

तस्वीर में महिला किसान नेत्री रीता सिंह (मध्य में) अपने समर्थकों और कुछ महिलाओं के साथ रात के समय लाठी-डंडों के साथ खड़े होकर विद्युत उपकेंद्र परिसर में बात करती हुईं दिख रही हैं।
अमेठी के गौरीगंज स्थित 132 केवी विद्युत उपकेंद्र में बिजली आपूर्ति की मांग को लेकर घुसकर हंगामा करना महिला किसान नेत्री रीता सिंह और उनके समर्थकों को भारी पड़ गया। विद्युत विभाग की तहरीर पर पुलिस ने रीता सिंह, उनके बेटे नंदन सिंह तथा 30 से 40 अज्ञात महिलाओं के खिलाफ बलवा, सरकारी कार्य में बाधा और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और वायरल वीडियो के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात दर्जनों महिलाएं लाठी-डंडों के साथ गौरीगंज स्थित 132 केवी विद्युत उपकेंद्र पहुंच गईं। आरोप है कि महिलाओं ने उपकेंद्र में प्रवेश कर वहां तैनात कर्मचारियों के साथ अभद्रता की, हंगामा किया और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की। इस दौरान उपकेंद्र का संचालन प्रभावित होने से करीब एक घंटे तक पूरे अमेठी जिले की विद्युत आपूर्ति ठप रही। उमस भरी गर्मी के बीच अचानक बिजली गुल होने से हजारों उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में महिला किसान नेत्री रीता सिंह विद्युत कर्मचारियों से बिजली बंद करने की बात कहती हुई दिखाई दे रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद विद्युत विभाग और पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया।
132 केवी विद्युत उपकेंद्र गौरीगंज के अवर अभियंता पवन कुमार यादव की तहरीर पर गौरीगंज कोतवाली में रीता सिंह, उनके बेटे नंदन सिंह तथा 30 से 40 अज्ञात महिलाओं के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 191(1), 191(2), 115(2), 151(3), 121, 132, 221 और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस का कहना है कि सरकारी प्रतिष्ठान में घुसकर कर्मचारियों से अभद्रता, सरकारी कार्य में बाधा और सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने जैसी घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपियों की पहचान कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद विद्युत विभाग के कर्मचारियों में भी नाराजगी है और उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने की मांग उठाई है। यह मामला अब पुलिस जांच और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई का केंद्र बन गया है।

Pratahkal Bureau
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