हाईवे पर पार्टी के बाद लूट के लिए निकलते थे बदमाश, तमंचे के बल पर करते थे वारदात
चंदौली में लूट और फायरिंग का पुलिस ने खुलासा किया। हाईवे पर शिकार तलाशने वाले चार बदमाश गिरफ्तार, चेन और असलहे बरामद।

तस्वीर में अलीनगर थाना परिसर के बाहर खड़े पुलिसकर्मी और गिरफ्तार किए गए चार आरोपी दिख रहे हैं, जिनके सामने मेज पर बरामदगी का सामान रखा है।
अलीनगर थाना क्षेत्र में 25 अगस्त की रात एसएस हॉस्पिटल, आलमपुर के पास हुई लूट और फायरिंग की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। अलीनगर पुलिस और स्वाट टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए चार शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य पहले हाईवे पर रेकी करते थे और मौका मिलते ही तमंचे के बल पर लोगों को निशाना बनाकर लूटपाट करते थे।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार राजकुमार दुबे और अमन गिरी ने 25 अगस्त की रात सूर्यान्श जायसवाल की गाड़ी रोककर तमंचे से फायरिंग की और उनके गले से सोने की चेन लूट ली थी। घटना के बाद दोनों चंदौली की ओर फरार हो गए थे। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की मदद से दोनों आरोपियों की पहचान की।
28 अगस्त को पुलिस को सूचना मिली कि लूटकांड में शामिल बदमाश दोबारा किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में सकलडीहा से रिंग रोड की ओर आ रहे हैं। तारापुर/आलमपुर अंडरपास के पास पुलिस ने घेराबंदी कर वाहनों की चेकिंग शुरू की। इसी दौरान बाइक सवार राजकुमार दुबे और अमन गिरी पुलिस को देखकर भागने लगे, लेकिन सड़क गीली होने के कारण उनकी बाइक फिसल गई। पुलिस ने दोनों को मौके से पकड़ लिया।
पूछताछ में दोनों ने अपने दो अन्य साथियों के बारे में जानकारी दी। इसके बाद दूसरी बाइक से आ रहे कमलेश मिश्रा उर्फ पंकज मिश्रा और विनोद सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में पुलिस के सामने गिरोह के काम करने का तरीका भी सामने आया। राजकुमार के अनुसार, वह अपने रिश्ते के भाई कमलेश मिश्रा के पास आता था। वहां अमन गिरी के साथ मिलकर पार्टी करने के बाद दोनों टीवीएस रोनिन बाइक से हाईवे पर निकलते थे।
पुलिस के मुताबिक, दोनों सैयदराजा से राजातालाब तक हाईवे पर घूमकर ऐसे लोगों की तलाश करते थे, जिन्हें आसानी से निशाना बनाया जा सके। मौका मिलने पर तमंचे के बल पर मारपीट और लूट की वारदात को अंजाम देते थे। वारदात के बाद बाइक कमलेश के गांव वाले घर पर खड़ी कर दी जाती थी।
वहीं, पुलिस के अनुसार, विनोद सिंह अपराध के बाद इस्तेमाल किए गए असलहों को छिपाने और बदमाशों को सहयोग करने का काम करता था।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से लूटी गई पीली धातु की चेन, 4,420 रुपये नकद, तीन तमंचे, छह जिंदा कारतूस, दो मोटरसाइकिल और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद टीवीएस रोनिन बाइक का नंबर UP61BL9666 है, जबकि दूसरी बजाज पल्सर बिना नंबर प्लेट के मिली है।
वादी सूर्यान्श जायसवाल ने मौके पर पहुंचकर राजकुमार दुबे और अमन गिरी की पहचान करने के साथ ही बरामद चेन की शत-प्रतिशत पहचान की है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में विनोद सिंह पर हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट समेत कई मुकदमे पहले से दर्ज हैं। कमलेश मिश्रा और अमन गिरी के खिलाफ भी पूर्व में आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं। पुलिस इनके अन्य आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 540/2026 में बरामदगी और साक्ष्यों के आधार पर धारा 317(2)/61(2) बीएनएस तथा 3/25 आर्म्स एक्ट की बढ़ोतरी की है। चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह किसी एक वारदात तक सीमित नहीं था, बल्कि हाईवे पर घूमकर शिकार तलाशने और तमंचे के बल पर लूट करने के तरीके से घटनाओं को अंजाम देता था। पुलिस की कार्रवाई से 25 अगस्त की लूट और फायरिंग की घटना में शामिल चार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ गिरोह के काम करने का तरीका भी सामने आया है।

Manmohan, Chandauli (Uttar pradesh)
नाम: मनमोहन
पद: रिपोर्टर (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: चंदौली (उत्तर प्रदेश)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम (अपराध) और प्रशासन
मूलमंत्र: निष्पक्ष, बेबाक और तथ्यपरक पत्रकारिता
परिचय (About Manmohan)
मनमोहन उत्तर प्रदेश के चंदौली क्षेत्र के एक सजग, निडर और समर्पित पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल' समाचार पत्र में रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मनमोहन मुख्य रूप से क्राइम (अपराध) और स्थानीय प्रशासन से जुड़े मामलों को कवर करते हैं। उनका पत्रकारिता दृष्टिकोण पूरी तरह से "निष्पक्ष, बेबाक और तथ्यपरक" खबरों पर आधारित है, जिससे वे क्षेत्र की जनता के मुद्दों और प्रशासनिक सच्चाई को बिना किसी दबाव के सामने लाते हैं।
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एम.जे. (M.J. - Master of Journalism): मनमोहन पत्रकारिता में परास्नातक (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की डिग्री से योग्य हैं। उनकी यह उच्च प्रोफेशनल डिग्री और पत्रकारिता की सैद्धांतिक समझ उन्हें जटिल खबरों का तार्किक विश्लेषण करने और समाज के सामने एक जिम्मेदार मीडिया रिपोर्ट प्रस्तुत करने में सक्षम बनाती है।
