अलीगंज समाधान दिवस में अधिकारियों की अनुपस्थिति से भड़के फरियादी
शनिवार को कोतवाली अलीगंज में आयोजित समाधान दिवस में राजस्व, विद्युत और पालिका अधिकारियों के न पहुंचने से ग्रामीण और नगरवासी बिना जनसुनवाई के लौटने को मजबूर हुए।

कोतवाली अलीगंज में आयोजित थाना समाधान दिवस के दौरान शनिवार को केवल कोतवाली प्रभारी राजकुमार सिंह उपस्थित रहे, जबकि राजस्व और नगर पालिका समेत अन्य विभागों की कुर्सियां खाली रहने से जनता की शिकायतों का निस्तारण नहीं हो सका।
शासन द्वारा थाना समाधान दिवस को जनता की समस्याओं के त्वरित निस्तारण का प्रमुख मंच बताए जाने के बावजूद शनिवार को कोतवाली अलीगंज में आयोजित समाधान दिवस में गंभीर लापरवाही सामने आई। आयोजन स्थल पर जहां फरियादियों की भीड़ मौजूद रही, वहीं उनकी समस्याएं सुनने के लिए जिम्मेदार विभागों के अधिकारी अनुपस्थित रहे, जिससे पूरा आयोजन अव्यवस्था की स्थिति में पहुंच गया।
स्थिति यह रही कि फरियादी घंटों तक कभी एक कमरे तो कभी दूसरे कमरे के चक्कर काटते रहे, जबकि जिम्मेदार अफसरों की कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। थाना समाधान दिवस में केवल कोतवाली प्रभारी राजकुमार सिंह मौजूद रहे, जिन्होंने पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतें सुनीं। इसके अतिरिक्त नगर पालिका, राजस्व विभाग, ब्लॉक तथा विद्युत विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर पहुंचे ही नहीं।
सुबह से ही विभिन्न समस्याओं को लेकर पहुंचे ग्रामीण और नगरवासी समाधान की उम्मीद में बैठे रहे, लेकिन संबंधित विभागों के अधिकारियों की गैरमौजूदगी ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। कोई फरियादी बिजली की समस्या लेकर पहुंचा था तो कोई जलभराव और नाली की शिकायत लेकर आया था, लेकिन सुनवाई के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था।
सबसे अधिक शिकायतें राजस्व विभाग और नगर पालिका से संबंधित रहीं, जिनमें जमीन विवाद, जल निकासी, सफाई व्यवस्था और अतिक्रमण जैसी समस्याएं शामिल थीं। फरियादियों का आरोप है कि समाधान दिवस अब केवल औपचारिकता और कागजी खानापूर्ति का माध्यम बनकर रह गया है, जहां जनता की समस्याओं के समाधान की वास्तविक प्रक्रिया अनुपस्थित दिखती है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि जब शासन द्वारा तय किए गए इतने महत्वपूर्ण कार्यक्रम में ही अधिकारी उपस्थित नहीं रहेंगे तो आम दिनों में जनता की समस्याओं के निस्तारण की स्थिति पर सवाल उठना स्वाभाविक है। कई फरियादी बिना सुनवाई के मायूस होकर लौट गए।
लोगों ने जिलाधिकारी से ऐसे लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जनता को परेशान करने वाले अफसरों की जवाबदेही तय होनी चाहिए, अन्यथा थाना समाधान दिवस केवल एक औपचारिक सरकारी कार्यक्रम बनकर रह जाएगा।

Pratahkal Bureau
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