500 लीटर की अनोखी कांवड़ लेकर पहुंचे शिवभक्त, मितौलिया मंदिर में किया जलाभिषेक
सावन के अंतिम सोमवार पर मितौलिया के शिवभक्त 500 लीटर की अनोखी कांवड़ में अटेना घाट से गंगाजल लाए और शिव मंदिर में जलाभिषेक किया।

तस्वीर में मितौलिया गांव के शिवभक्त गले में फूलों की माला पहने मंदिर परिसर में खड़े नजर आ रहे हैं।
सावन के अंतिम सोमवार पर अलीगंज के ग्राम मितौलिया में शिवभक्तों ने 500 लीटर क्षमता की विशेष कांवड़ में गंगाजल लाकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। फर्रुखाबाद जनपद स्थित अटेना घाट से टैंकनुमा कांवड़ में भरकर लाया गया गंगाजल क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा।
ग्राम मितौलिया के श्रद्धालु विशेष रूप से तैयार की गई करीब 500 लीटर क्षमता वाली टैंकनुमा कांवड़ में गंगाजल भरकर अटेना घाट से कई किलोमीटर की यात्रा पूरी करते हुए गांव पहुंचे। कांवड़ यात्रा के गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने शिवभक्तों का फूल-मालाओं के साथ स्वागत किया। इसके बाद श्रद्धालु हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष के बीच गांव के प्राचीन शिव मंदिर पहुंचे, जहां विधि-विधान से भगवान शिव का गंगाजल से जलाभिषेक किया गया।
कांवड़ यात्रा में शामिल शिवभक्तों ने बताया कि सावन माह में भगवान भोलेनाथ को गंगाजल अर्पित करने का विशेष महत्व है। इसी भावना के साथ इस बार 500 लीटर गंगाजल लाने का संकल्प लिया गया था, जिसे सभी श्रद्धालुओं के सहयोग से पूरा किया गया।
मंदिर परिसर में जलाभिषेक के दौरान भक्ति और उत्साह का माहौल रहा। शिवभक्तों ने भगवान भोलेनाथ को बेलपत्र, धतूरा, भांग, आक के पुष्प, फल और मिष्ठान अर्पित किए तथा सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
सावन के अंतिम सोमवार पर निकली यह अनोखी कांवड़ यात्रा क्षेत्र में आकर्षण और चर्चा का केंद्र बनी रही। बड़ी संख्या में ग्रामीण मंदिर पहुंचे और भगवान शिव के दर्शन करने के साथ धार्मिक आयोजन में सहभागिता निभाई।

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