देसी पटाखों के बारूद से खेलना पड़ा भारी: कुल्हड़ में गिट्टी और बारूद भरकर लगाई आग, धमाके में ई-रिक्शा चालक गंभीर घायल
अलीगंज में देसी पटाखों के बारूद और गिट्टी से किया गया खतरनाक प्रयोग अचानक भीषण धमाके में बदल गया। विस्फोट में 18 वर्षीय ई-रिक्शा चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। जानिए कैसे हुआ यह हादसा और क्या बोले डॉक्टर।

अलीगंज-मैनपुरी मार्ग पर बंजारा बस्ती के पास 23 जून 2026 को देसी पटाखों के बारूद में हुए विस्फोट के बाद का घटनास्थल और अस्पताल में उपचाराधीन घायल युवक।
देसी पटाखों के बारूद से की गई खतरनाक लापरवाही एक बड़े हादसे में बदल गई। अलीगंज-मैनपुरी रोड पर बंजारा बस्ती के निकट हुए जोरदार विस्फोट में 18 वर्षीय ई-रिक्शा चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। धमाका इतना तेज था कि उसके सीने, चेहरे और हाथ में गिट्टियां धंस गईं। घायल युवक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसके शरीर से गिट्टियां और बारूद के कण निकालकर उपचार किया।
जानकारी के अनुसार मोहल्ला टपकन टोला निवासी सोहिल पुत्र सत्तार (18) अपने साथियों अनीश और रवि के साथ अलीगंज-मैनपुरी रोड स्थित बंजारा बस्ती के पास गया था। तीनों युवक ई-रिक्शा चलाने का कार्य करते हैं। बताया गया कि वहां एक पेड़ के नीचे कुछ देसी पटाखे पड़े हुए थे। युवकों ने पटाखों को खोलकर उनमें भरा बारूद निकाल लिया और उसे एक कुल्हड़ में इकट्ठा कर लिया।
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार बारूद के साथ गिट्टी भी मिलाई गई और फिर उस मिश्रण में आग लगा दी गई। आग लगते ही अचानक जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट के समय पास खड़ा सोहिल उसकी चपेट में आ गया और गंभीर रूप से घायल हो गया।
धमाके के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। विस्फोट की तीव्रता से सोहिल के सीने, दाहिने हाथ और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। गिट्टियां शरीर में धंस जाने से वह खून से लथपथ हो गया। हादसे के तुरंत बाद उसके साथी घायल युवक को ई-रिक्शा से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अलीगंज लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अलीगंज के चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि युवक को गंभीर चोटों के साथ अस्पताल लाया गया था। उपचार के दौरान उसके शरीर से तीन गिट्टियां तथा बारूद के कण निकाले गए। घावों पर छह टांके लगाए गए हैं। चिकित्सकों के अनुसार फिलहाल उसकी हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर है।
यह घटना एक बार फिर खुले स्थानों पर पड़ी विस्फोटक सामग्री या पटाखों से छेड़छाड़ के गंभीर जोखिम को उजागर करती है। समय रहते उपचार मिलने से युवक की जान बच गई, लेकिन यह हादसा इस बात की चेतावनी भी है कि ऐसी लापरवाही किसी भी क्षण जानलेवा साबित हो सकती है।

Pratahkal Bureau
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