अलीगंज में पूर्व बार अध्यक्ष से मारपीट पर अधिवक्ता लामबंद, दोनों गुटों ने जताया विरोध
जलेसर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष नेत्रपाल सिंह बघेल से मारपीट और जानलेवा हमले के मामले में अलीगंज के अधिवक्ताओं ने विरोध जताया। एक गुट ने न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया, दूसरे ने ज्ञापन सौंपा।

तस्वीर में अलीगंज बार एसोसिएशन के बैठक सभागार में अधिवक्ता हाथ उठाकर विरोध प्रदर्शन करते हुए नजर आ रहे हैं।
अलीगंज। जलेसर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष नेत्रपाल सिंह बघेल के साथ मारपीट और जानलेवा हमला किए जाने के मामले में पुलिस की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं किए जाने के आरोपों को लेकर अलीगंज बार एसोसिएशन के दोनों गुटों ने विरोध जताया। सोमवार को एक गुट ने आपातकालीन सामान्य सभा की बैठक कर 6 और 7 अक्टूबर 2026 को न्यायिक कार्यों से विरत रहने का निर्णय लिया, जबकि दूसरे गुट ने मुख्यमंत्री के नाम अलीगंज एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
बार एसोसिएशन अलीगंज के अध्यक्ष महेंद्र सिंह शाक्य के नेतृत्व में सोमवार दोपहर करीब 2 बजे बार एसोसिएशन के बैठक सभागार में आपातकालीन सामान्य सभा की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जलेसर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष नेत्रपाल सिंह बघेल के साथ हुई मारपीट और मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।
अधिवक्ताओं ने जलेसर बार एसोसिएशन की ओर से की जा रही कार्रवाई और सहयोग की अपील पर चर्चा की। इसके बाद सदन में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि अलीगंज बार एसोसिएशन के अधिवक्ता 6 और 7 अक्टूबर 2026 को न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे।
बैठक में बार एसोसिएशन अलीगंज के अध्यक्ष महेंद्र सिंह शाक्य, सचिव वेद प्रकाश यादव, फेरू सिंह यादव, उमेंद्र सिंह यादव, सुनील सिंह शाक्य, बलबीर सिंह यादव, प्रताप सिंह राठौर, बृजमोहन सक्सेना, अरविंद कुमार, सीपी सिंह यादव, संजय सिंह सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।
वहीं, बार एसोसिएशन अलीगंज के दूसरे गुट की ओर से प्रमोद मिश्रा के नेतृत्व में भी मामले को लेकर विरोध दर्ज कराया गया। प्रमोद मिश्रा गुट के अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अलीगंज एसडीएम को सौंपकर जलेसर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष नेत्रपाल सिंह बघेल के साथ हुई मारपीट के मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
इस दौरान प्रमोद सक्सेना, शेष तिवारी, संतोष यादव, सुधीर शाक्य सहित कई अधिवक्ता मौजूद रहे।
नेत्रपाल सिंह बघेल के साथ हुई घटना को लेकर अलीगंज में अधिवक्ताओं के दोनों गुटों ने अलग-अलग तरीके से अपना समर्थन और विरोध दर्ज कराया। एक गुट ने दो दिन न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया, जबकि दूसरे गुट ने ज्ञापन के माध्यम से मामले में कार्रवाई की मांग उठाई। सोमवार को भी अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे।

Vikas Dube, Etah and Kasganj (Uttar pradesh)
विकास दुबे एटा और कासगंज जनपद में सक्रिय पत्रकार हैं, जो स्थानीय मुद्दों, प्रशासनिक गतिविधियों, स्वास्थ्य, शिक्षा और अपराध से जुड़ी खबरों की गहन और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग करते हैं। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों की जमीनी हकीकत को सरल एवं प्रभावशाली भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी विशेष पहचान है। जनसरोकार से जुड़े विषयों पर सतत सक्रिय रहते हुए वे क्षेत्र की महत्वपूर्ण घटनाओं को प्रमुखता से सामने लाने का कार्य कर रहे हैं।
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